{"_id":"6a723a125cb2a50db105e993","slug":"bountiful-rain-breathes-new-life-into-the-paddy-crop-fatehpur-news-c-217-1-bnd1018-159817-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: झमाझम बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: झमाझम बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
विज्ञापन
फोटो-21-बारिश के बाद धान के खेत में भरे पानी से वापस लौटी नमी। संवाद
फतेहपुर। पिछले कुछ दिनों से अच्छी बारिश न होने से धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंचने लगी थी। खेतों की नमी खत्म होने से किसान चिंतित थे। नलकूप और डीजल पंप से सिंचाई कर रहे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा था। ऐसे में मंगलवार को हुई अच्छी बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। बारिश से खेतों में दोबारा पर्याप्त नमी लौट आई है, जिससे धान की फसल को संजीवनी मिल गई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो सप्ताह से हल्की-फुल्की बारिश होने के कारण धान की रोपाई वाले खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। जिन किसानों ने समय से रोपाई कर दी थी, उनकी फसल की बढ़वार भी प्रभावित हो रही थी, जबकि देर से रोपाई करने वाले किसान भी पानी के अभाव में परेशान थे। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे धान की जड़ों को पर्याप्त नमी मिल सकेगी और पौधों की बढ़वार तेज होने की उम्मीद है।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही तो इस बार धान की पैदावार बेहतर होने की संभावना है। बारिश से न केवल सिंचाई का खर्च बचेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा। वहीं, मक्का, बाजरा, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों को भी इसका लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार का कहना है कि लगातार जलभराव की स्थिति बनने पर खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी भी जरूरी है। किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करते हुए कीट एवं रोगों पर नजर रखनी चाहिए। मौसम अनुकूल रहने पर धान की फसल की बढ़वार अच्छी होगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। बारिश से जिले के किसानों में नई उम्मीद जगी है और वे बेहतर फसल की आस लगाए हुए हैं।
बारिश से खेतों में अब लौटी नमी
पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने लगी थी। अब हुई बारिश से खेतों में नमी लौटी है और फसल संभल जाएगी। - किसान अहमद, शोहदमऊ
बारिश से सिंचाई में राहत मिली
डीजल पंप से सिंचाई करने में काफी खर्च हो रहा था। बारिश होने से राहत मिली है। अब धान की बढ़वार अच्छी होने और पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। - किसान कमलेश कुमार, सुल्तानपुर घोष
विज्ञापन
जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो सप्ताह से हल्की-फुल्की बारिश होने के कारण धान की रोपाई वाले खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। जिन किसानों ने समय से रोपाई कर दी थी, उनकी फसल की बढ़वार भी प्रभावित हो रही थी, जबकि देर से रोपाई करने वाले किसान भी पानी के अभाव में परेशान थे। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे धान की जड़ों को पर्याप्त नमी मिल सकेगी और पौधों की बढ़वार तेज होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही तो इस बार धान की पैदावार बेहतर होने की संभावना है। बारिश से न केवल सिंचाई का खर्च बचेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा। वहीं, मक्का, बाजरा, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों को भी इसका लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार का कहना है कि लगातार जलभराव की स्थिति बनने पर खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी भी जरूरी है। किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करते हुए कीट एवं रोगों पर नजर रखनी चाहिए। मौसम अनुकूल रहने पर धान की फसल की बढ़वार अच्छी होगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। बारिश से जिले के किसानों में नई उम्मीद जगी है और वे बेहतर फसल की आस लगाए हुए हैं।
बारिश से खेतों में अब लौटी नमी
पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने लगी थी। अब हुई बारिश से खेतों में नमी लौटी है और फसल संभल जाएगी। - किसान अहमद, शोहदमऊ
बारिश से सिंचाई में राहत मिली
डीजल पंप से सिंचाई करने में काफी खर्च हो रहा था। बारिश होने से राहत मिली है। अब धान की बढ़वार अच्छी होने और पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। - किसान कमलेश कुमार, सुल्तानपुर घोष

फोटो-21-बारिश के बाद धान के खेत में भरे पानी से वापस लौटी नमी। संवाद

फोटो-21-बारिश के बाद धान के खेत में भरे पानी से वापस लौटी नमी। संवाद