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तीन साल का विवाद, तीस दिन में खत्म
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आवास विकास कालोनी में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान का खाली पड़ा प्लाट। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। तीन साल से प्लाट खाली करने को लेकर विद्युत विभाग की हीलाहवाली सिर्फ 30 दिन में खत्म हो गई। विभाग के अधिकारियों को क्या पता था कि जिनके प्लाट पर अपना ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं, वह एक दिन कैबिनेट मंत्री बन जाएंगे। प्लाट मालिक कोई और नहीं बल्कि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान हैं, जिनके प्लाट में बीते तीन साल से रखा ट्रांसफार्मर उनके मंत्री बनने के करीब 30 दिन बाद ही हट गया।
आवास विकास कालोनी में स्कूल के नाम चिह्नित प्लाट कैबिनेट मंत्री ने तीन साल पहले आवंटित कराया था। प्लाट आवंटन के बाद ट्रांसफार्मर के साथ पक्का निर्माण हटाने के लिए उन्होंने दो लाख 65 हजार इस्टीमेट राशि भी जमा की थी लेकिन बिजली विभाग प्लाट खाली नहीं कर रहा था।
राकेश सचान के कैबिनेट मंत्री की शपथ लेते ही बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए सड़क के फुटपाथ पर फाउंडेशन बनानी शुरू कर दी थी।
प्लाट में लगे दोनों ट्रांसफार्मर बिजली विभाग ने हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिए और प्लाट का पक्का निर्माण ढहाकर प्लाट पूरी तरह से खाली कर दिया है। अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम रामसनेही ने बताया कि आवास विकास के प्लाट से ट्रांसफार्मर और पोल हटाने के लिए आवंटी ने इस्टीमेट राशि जमा की थी। किसी के दबाव की बजाय नियमानुसार प्लाट खाली किया गया है।
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आवास विकास कालोनी में स्कूल के नाम चिह्नित प्लाट कैबिनेट मंत्री ने तीन साल पहले आवंटित कराया था। प्लाट आवंटन के बाद ट्रांसफार्मर के साथ पक्का निर्माण हटाने के लिए उन्होंने दो लाख 65 हजार इस्टीमेट राशि भी जमा की थी लेकिन बिजली विभाग प्लाट खाली नहीं कर रहा था।
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राकेश सचान के कैबिनेट मंत्री की शपथ लेते ही बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए सड़क के फुटपाथ पर फाउंडेशन बनानी शुरू कर दी थी।
प्लाट में लगे दोनों ट्रांसफार्मर बिजली विभाग ने हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिए और प्लाट का पक्का निर्माण ढहाकर प्लाट पूरी तरह से खाली कर दिया है। अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम रामसनेही ने बताया कि आवास विकास के प्लाट से ट्रांसफार्मर और पोल हटाने के लिए आवंटी ने इस्टीमेट राशि जमा की थी। किसी के दबाव की बजाय नियमानुसार प्लाट खाली किया गया है।
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