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बारिश से हजारों क्विंटल भीगा गेहूं
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फतेहपुर। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी केंद्र प्रभारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और मंगलवार रात हुई बारिश में करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश ने गेहूं खरीद केंद्रों में सरकारी दावों की पोल भी खोल दी। विभागीय लापरवाही के चलते अन्नदाताओं की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। सुबह बारिश थमने के बाद जब किसान खरीद केंद्रों पर पहुंचे तो उन्हें खुले में रखा गेहूं भीगा मिला। गेहूं के ढेर के आसपास भरे पानी को बाल्टी, डिब्बा में भरकर बाहर उन्होंने बाहर निकाला। किसानों ने इस नुकसान के लिए केंद्र प्रभारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
जिले के 59 स्थानों पर गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है। सभी क्रय केंद्रों में खुले आसमान के नीचे किसानों का गेहूं पड़ा है। शहर की मंडी समिति में किसानों का गेहूं एक हफ्ते से लगा हुआ है। बचाव के लिए किसानों ने तिरपाल से ढक रखा था, लेकिन इसके बाद भी नमी पाकर गेहूं अंकुरित हो गया। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश का पानी हाटशाखा व यूपीएसएस क्रय केंद्र परिसर में भर गया। इसमें किसानों का करीब चार हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। थरियांव प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बा में एक हाटशाखा व दो पीसीएफ के खरीद केंद्रों में गेहूं की तौल कराई जा रही है। हाटशाखा क्रय केंद्र में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे गेहूं को किसानों ने तिरपाल से ढक रखा था, लेकिन रात भर हुई बारिश में गेहूं की बोरियां भीग गईं। वहीं, पीसीएफ के क्रय केंद्रों में भी किसानों ने तिरपाल से गेहूं को ढक रखा था, लेकिन नीचे की सतह में बारिश का पानी पहुंचने से गेहूं भीग गया। बिंदकी प्रतिनिधि के अनुसार, नवीन मंडी में करीब एक हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया है। खागा प्रतिनिधि के अनुसार, हाटशाखा क्रय केंद्र में करीब 15 सौ क्विंटल गेहूं बारिश से भीग गया है। हालांकि केंद्र प्रभारी ने यहां पर तिरपाल व पॉलीथिन से गेहूं की बोरियों को ढका था, इसलिए खास ज्यादा नहीं हुआ। सभी केंद्रों की बात करें तो करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीगा है।
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जिले के 59 स्थानों पर गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है। सभी क्रय केंद्रों में खुले आसमान के नीचे किसानों का गेहूं पड़ा है। शहर की मंडी समिति में किसानों का गेहूं एक हफ्ते से लगा हुआ है। बचाव के लिए किसानों ने तिरपाल से ढक रखा था, लेकिन इसके बाद भी नमी पाकर गेहूं अंकुरित हो गया। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश का पानी हाटशाखा व यूपीएसएस क्रय केंद्र परिसर में भर गया। इसमें किसानों का करीब चार हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। थरियांव प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बा में एक हाटशाखा व दो पीसीएफ के खरीद केंद्रों में गेहूं की तौल कराई जा रही है। हाटशाखा क्रय केंद्र में ट्रैक्टर ट्राली पर लदे गेहूं को किसानों ने तिरपाल से ढक रखा था, लेकिन रात भर हुई बारिश में गेहूं की बोरियां भीग गईं। वहीं, पीसीएफ के क्रय केंद्रों में भी किसानों ने तिरपाल से गेहूं को ढक रखा था, लेकिन नीचे की सतह में बारिश का पानी पहुंचने से गेहूं भीग गया। बिंदकी प्रतिनिधि के अनुसार, नवीन मंडी में करीब एक हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया है। खागा प्रतिनिधि के अनुसार, हाटशाखा क्रय केंद्र में करीब 15 सौ क्विंटल गेहूं बारिश से भीग गया है। हालांकि केंद्र प्रभारी ने यहां पर तिरपाल व पॉलीथिन से गेहूं की बोरियों को ढका था, इसलिए खास ज्यादा नहीं हुआ। सभी केंद्रों की बात करें तो करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीगा है।
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