फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Banda CSC employee, former head of Bhagwanpur arrested for cyber crime

Fatehpur News: साइबर अपराध से जुड़ा बांदा का सीएससी कर्मी, भगवानपुर का पूर्व प्रधान गिरफ्तार

Sun, 28 Dec 2025 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Dec 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
Banda CSC employee, former head of Bhagwanpur arrested for cyber crime
फोटो 40-साइबर थाने में पकड़े गए आरोपी। स्रोत पुलिस
फतेहपुर। जिले का मिनी जामताड़ा भगवानपुर गांव के साइबर अपराधियों का नेटवर्क तोड़ने में जुटी साइबर पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद इन्हें कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी गिरोह के सदस्यों को सिमकार्ड और बैंक दस्तावेज मुहैया कराने का काम करते थे। पुलिस ने सात हजार रुपये और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
विज्ञापन

गाजीपुर थाने के भगवानपुर गांव के 16 साइबर अपराधियों पर 23 नवंबर को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। कई गिरफ्तार भी किए गए और कई आरोपी भागे हैं। आरोपी विभिन्न तरीकों से कई प्रदेश के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाते रहे हैं।
विज्ञापन

साइबर सेल प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना में भगवानपुर का पूर्व प्रधान जितेंद्र सिंह गिरोह को मोबाइल के सिमकार्ड और बैंक खाता उपलब्ध कराता है। इन खातों में धोखाधड़ी की रकम मंगवाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व प्रधान का नेटवर्क खंगालने में पता लगा कि बांदा के बदौसा मुंशी का पुरवा निवासी अविनाश से उसका संपर्क है। अविनाश बांदा-अतर्रा रोड ओरन में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में काम करता है। उससे ही जितेंद्र सिमकार्ड और बैंक खाते लेकर आता है।
सीएससी कर्मी सिमकार्ड खरीदने वालों को झांसा देकर अतिरिक्त सिमकार्ड एक्टिव कर लेता है। उनके नाम से ही फर्जी खाते भी खोलता है। उन खातों का दुरुपयोग साइबर अपराधी करते हैं।
23 नवंबर की दर्ज प्राथमिकी की विवेचना में अविनाश का नाम प्रकाश में लाया है। पूर्व प्रधान पहले से भागा था। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ 2024 से अब तक कुल छह शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
आरोपी जितेंद्र के खिलाफ एक मामला गाजीपुर थाने में भी साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले सिमकार्ड को मुहैया कराने का दर्ज है। दो साथियों को कुछ दिन पहले शाह चौकी पुलिस ने जेल भेजा था।



भगवानपुर के साइबर अपराधी ऐसे करते हैं ठगी
भगवानपुर गांव के साइबर अपराधी जंगल में इकट्ठा होते हैं। प्रांत के अनुसार मोबाइल नंबर की प्रारंभिक चार डिजिट जैसे बिहार प्रांत का 8252, यूपी का 9140, एमपी का 9179 का इस्तेमाल कर आगे के अंक स्वयं सेट कर कॉलिंग करते हैं। एक बार किसी का नंबर मिलने पर आगे के लोगों को मोबाइल नंबर में एक-दो डिजिट क्रमानुसार बदलकर धोखाधड़ी करते हैं। मोबाइल पर पोर्न/अश्लील वीडियो देखने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज होने और गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं। धोखाधड़ी की धनराशि पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त कर जनसेवा केंद्र, डेबिट कार्ड के माध्यम से निकालते हैं। प्रक्रिया में विभिन्न जनसेवा केंद्र और प्रयुक्त बैंक खाते भी होल्ड और फ्रीज हैं।



हिंदी में करते बातचीत, कानपुर तक नेटवर्क
इस गिरोह में शामिल ग्राम भगवानपुर थाना गाजीपुर के अपराधियों के सचेंडी कानपुर नगर में कई रिश्तेदार हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी यहां से भी नेटवर्क चलाते हैं। यह लोग दूसरे प्रांत जैसे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश के लोगों को ही कॉल करते हैं। यहां इनकी हिंदी उन्हें आसानी से समझ में आ जाती है।

फोटो 40-साइबर थाने में पकड़े गए आरोपी। स्रोत पुलिस

फोटो 40-साइबर थाने में पकड़े गए आरोपी। स्रोत पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed