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क्रेडिट पूरा, डेबिट अधूरा...
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ध्वस्त विजयीपुर-गाजीपुर सड़क। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। तमाम दावों और वायदों के बाद भी यमुना तिरहार के 57 से अधिक गांवों और पड़ोसी जिले को जोड़ने वाली सड़क की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व में पीडब्लूडी विभाग के मुखिया रहे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी 33 किमी की इस सड़क का निर्माण कराने के लिए 102 करोड़ रुपये मंजूरी की बात कही थी, लेकिन पीडब्लूडी अभी भी खाली हाथ है। हाल ही में विधानसभा चुनाव में सड़क निर्माण को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे।
फतेहपुर जिला मुख्यालय से गाजीपुर, असोथर, विजयीपुर होकर खखरेरू, धाता से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशांबी (सिराथू) को यह मार्ग जोड़ता है। इसके साथ ही यमुना तिरहार क्षेत्र के 57 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग इसी सड़क से होकर जिला मुख्यालय आते-जाते हैं।
सड़क ध्वस्त होने के कारण धाता, खखरेरू, विजयीपुर क्षेत्र के ग्रामीण खागा होकर मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन विजयीपुर से गाजीपुर के बीच के ग्रामीणों को इसी ध्वस्त सड़क से होकर आवागमन करना पड़ता है। यह सड़क जिले की अयाह शाह विधान सभा के अलावा सदर और खागा विधानसभा क्षेत्र को जोड़ती है।
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गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग 33.775 किमी को बनाने के लिए जनवरी 2020 में 34 करोड़ सात लाख 56 हजार रुपये की मंजूरी हुई थी। लोनिवि ने इसका निर्माण शुरू कराने के लिए टेंडर भी निकाले थे। तब सड़क सिंगल लेन ही बनाई जानी थी, लेकिन किसी ठेकेदार ने सड़क बनाने की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
मार्च 2020 में विभाग को शासन से अवमुक्त धनराशि को सरेंडर करनी पड़ी। इसके बाद अगस्त 2021 में लोनिवि ने 102 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा। फिर बीती 10 सितंबर को डिप्टी सीएम ने जिले के एक कार्यक्रम से सड़क बनाने की घोषणा की थी।
सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के लिए लोनिवि ने मार्च के महीने में ही करीब पांच लाख रुपये जमा करा दिए थे। ताकि सड़क निर्माण के दौरान किसी प्रकार की कोई बाधा न हो। सड़क निर्माण कराने के लिए दो बार इस्टीमेट भेजा जा चुका है।
असोथर के राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़क है। चुनाव के दौरान सड़क मुद्दा भी बनी थी। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
असोथर कस्बा के मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क ध्वस्त पड़ी है। इसका करीब पांच सालों से गड्ढामुक्त कराने का काम भी नहीं कराया गया है। पता नहीं कब सुनवाई होगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 102 करोड़ रुपये से सड़क बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृत नहीं हो सका। अब दो लेन बनाने का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा।
- अनिल कुमार शील, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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फतेहपुर जिला मुख्यालय से गाजीपुर, असोथर, विजयीपुर होकर खखरेरू, धाता से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशांबी (सिराथू) को यह मार्ग जोड़ता है। इसके साथ ही यमुना तिरहार क्षेत्र के 57 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग इसी सड़क से होकर जिला मुख्यालय आते-जाते हैं।
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सड़क ध्वस्त होने के कारण धाता, खखरेरू, विजयीपुर क्षेत्र के ग्रामीण खागा होकर मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन विजयीपुर से गाजीपुर के बीच के ग्रामीणों को इसी ध्वस्त सड़क से होकर आवागमन करना पड़ता है। यह सड़क जिले की अयाह शाह विधान सभा के अलावा सदर और खागा विधानसभा क्षेत्र को जोड़ती है।
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गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग 33.775 किमी को बनाने के लिए जनवरी 2020 में 34 करोड़ सात लाख 56 हजार रुपये की मंजूरी हुई थी। लोनिवि ने इसका निर्माण शुरू कराने के लिए टेंडर भी निकाले थे। तब सड़क सिंगल लेन ही बनाई जानी थी, लेकिन किसी ठेकेदार ने सड़क बनाने की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
मार्च 2020 में विभाग को शासन से अवमुक्त धनराशि को सरेंडर करनी पड़ी। इसके बाद अगस्त 2021 में लोनिवि ने 102 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा। फिर बीती 10 सितंबर को डिप्टी सीएम ने जिले के एक कार्यक्रम से सड़क बनाने की घोषणा की थी।
सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के लिए लोनिवि ने मार्च के महीने में ही करीब पांच लाख रुपये जमा करा दिए थे। ताकि सड़क निर्माण के दौरान किसी प्रकार की कोई बाधा न हो। सड़क निर्माण कराने के लिए दो बार इस्टीमेट भेजा जा चुका है।
असोथर के राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़क है। चुनाव के दौरान सड़क मुद्दा भी बनी थी। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
असोथर कस्बा के मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क ध्वस्त पड़ी है। इसका करीब पांच सालों से गड्ढामुक्त कराने का काम भी नहीं कराया गया है। पता नहीं कब सुनवाई होगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 102 करोड़ रुपये से सड़क बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृत नहीं हो सका। अब दो लेन बनाने का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा।
- अनिल कुमार शील, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग