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फतेहपुर: अस्पतालों के लिए फंड देने से पीछे हटी कॉरपोरेट कंपनी, खरीदा गया सामान रोकना पड़ा

Tue, 23 Jun 2020 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Tue, 23 Jun 2020 12:48 AM IST
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aspataalon ke lie phand dene se peechhe hatee kaaraporet kampanee
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
पिछड़े जिलों में शामिल जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कारपोरेट कंपनी एचपीसीएल फंड देने की घोषणा के बाद पीछे हट गई है। कारपोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी यानी सीएसआर फंड से एचपीसीएल ने दो करोड़ दस लाख रुपये देने का वादा किया था।
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इस रकम से पीएचसी और सीएचसी में नई मशीनों की खरीद कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाना था। अब कारपोरेट कंपनी ने फंड देने से मनाही कर दी है। खरीदा गया सामान भी वापस मांग लिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एचपीसीएल के फंड से जिले की बिंदकी, जहानाबाद, अमौली, हथगाम सीएचसी और धाता पीएचसी में डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई जानी थी।
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बिंदकी, खागा, हथगाम, जहानाबाद, हुसैनगंज और गाजीपुर सीएचसी में आरओ प्लांट लगना था। 25 किलो वाट क्षमता के जेनरेटर लगाए जाने थे। खागा और बिंदकी सीएचसी समेत चार अस्पतालों में ईसीजी की व्यवस्था होनी थी। यह सीएसआर फंड से होना था।
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कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग को 18 लाख की रकम दे दी थी। इससे उपकरण व अन्य सामान खरीद लिया गया था। इसके बाद कंपनी से संपर्क कट गया। कंपनी ने आगे की रकम नहीं दी। खरीदे सामान को वापस मांग लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की मंशा पर पानी फिर गया है।

खरीदा गया सामान रोकना पड़ा
एसीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि तेल कंपनी से पैसा मिलने की उम्मीद में 17 तरह के उपकरण और अन्य सामान क्रय कर लिया गया था। इसमें 25 किलो वाट के छह जेनरेटर और पांच डिजिटल एक्सरे मशीनें शामिल हैं।


जिलाधिकारी की ओर से इस संबंध में कंपनी को पत्राचार किया गया है। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि एचपीसीएल कंपनी से 18 लाख रुपये का फंड मिला है। दो करोड़ दस लाख रुपये की डिमांड थी। यह रुपये नहीं मिल सके। अगर धनराशि मिलती है तभी सामग्री की खरीद हो सकेगी। - डॉ. उमाकांत पांडेय, सीएमओ
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