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Fatehpur News: विजिलेंस जांच में एआरटीओ और बाबू से होगी पूछताछ
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फतेहपुर। एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों में पहले बाबू शुभम सिंह और अब एआरटीओ रंजीत सिंह पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन के बाद अब मामले की जांच शुरू होगी। शासन ने इसकी जिम्मेदारी लखनऊ विजिलेंस को सौंपी है। विजिलेंस टीम कभी भी जिला कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू कर सकती है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इसी रिपोर्ट का संज्ञान लेकर परिवहन मंत्री ने कार्रवाई की है। साथ ही अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। विजिलेंस को जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त और मंत्री को सौंपनी है।
टीम निलंबित अधिकारियों के बयान दर्ज करने के साथ कार्यालय की फाइलों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। पूछताछ के दौरान एआरटीओ और बाबू से कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े सवाल किए जाएंगे।
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कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज, एआरटीओ की संस्तुति वाली फाइलें और मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं। इनकी पड़ताल से मामले में अन्य कर्मचारियों और कथित वसूली गिरोह के सदस्यों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इसी रिपोर्ट का संज्ञान लेकर परिवहन मंत्री ने कार्रवाई की है। साथ ही अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। विजिलेंस को जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त और मंत्री को सौंपनी है।
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टीम निलंबित अधिकारियों के बयान दर्ज करने के साथ कार्यालय की फाइलों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। पूछताछ के दौरान एआरटीओ और बाबू से कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े सवाल किए जाएंगे।
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कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज, एआरटीओ की संस्तुति वाली फाइलें और मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं। इनकी पड़ताल से मामले में अन्य कर्मचारियों और कथित वसूली गिरोह के सदस्यों की भूमिका भी सामने आ सकती है।