{"_id":"61c61dad7892f35fd57c1f2e","slug":"apharan-fatehpur-news-knp67152659","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण के नामजद आरोपी की तरफ से वादी पर लिखा मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण के नामजद आरोपी की तरफ से वादी पर लिखा मुकदमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। अपहरण के केस में नामजद आरोपी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अपहृत के पिता और भाई के खिलाफ दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार अपहृत के पिता पर सुलह का दबाव बनाने के लिए अपहरण के आरोपी ने पुलिस के साथ मिलकर यह खेल रचा है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के खुशवक्त रायनगर निवासी राममिलन सिंह के बेटे शुभम उर्फ मनीष को 17 जुलाई 2020 को उसके दोस्त अश्वनी मिश्रा निवासी गाजीपुर बस स्टाप, विनीत शुक्ला निवासी खुशवक्त रायनगर, अंशुल निवासी गंगानगर कालोनी, अजय सिंह राठौर उर्फ पुलिस निवासी दुर्गागंज साथ ले गए थे। जिसके बाद से शुभम लापता है। चारों दोस्तों के लौटने पर शुभम के पिता ने बेटे की खोज की, लेकिन पता न चलने पर चारों के खिलाफ नौ अगस्त को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। राम मिलन ने आरोप लगाया कि डेढ़ साल गुजर गए लेकिन पुलिस न तो अपहृत को बरामद कर पाई और न ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई।
आरोपी बराबर सुलह का दबाव बनाते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुलह न करने पर अपहरण के नामजद आरोपी अंशुल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने उनके और उनके छोटे बेटे आशीष सिंह के खिलाफ एससी-एसटी उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
सीओ सिटी डीसी मिश्रा ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में हैं। शनिवार को मामले की छानबीन करेंगे। अगर ऐसा है, तो पीड़ित को न्याय अवश्य मिलेगा।
विज्ञापन
सदर कोतवाली क्षेत्र के खुशवक्त रायनगर निवासी राममिलन सिंह के बेटे शुभम उर्फ मनीष को 17 जुलाई 2020 को उसके दोस्त अश्वनी मिश्रा निवासी गाजीपुर बस स्टाप, विनीत शुक्ला निवासी खुशवक्त रायनगर, अंशुल निवासी गंगानगर कालोनी, अजय सिंह राठौर उर्फ पुलिस निवासी दुर्गागंज साथ ले गए थे। जिसके बाद से शुभम लापता है। चारों दोस्तों के लौटने पर शुभम के पिता ने बेटे की खोज की, लेकिन पता न चलने पर चारों के खिलाफ नौ अगस्त को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। राम मिलन ने आरोप लगाया कि डेढ़ साल गुजर गए लेकिन पुलिस न तो अपहृत को बरामद कर पाई और न ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई।
विज्ञापन
आरोपी बराबर सुलह का दबाव बनाते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुलह न करने पर अपहरण के नामजद आरोपी अंशुल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने उनके और उनके छोटे बेटे आशीष सिंह के खिलाफ एससी-एसटी उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
सीओ सिटी डीसी मिश्रा ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में हैं। शनिवार को मामले की छानबीन करेंगे। अगर ऐसा है, तो पीड़ित को न्याय अवश्य मिलेगा।