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अन्ना पशुओं से किसान हो रहे बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 04 Feb 2017 01:25 AM IST
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किसानों की फसल बर्बाद करते घुमंतू पशु
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना तिरहा क्षेत्र में पशुओं को अन्ना करने की प्रथा किसानों को बर्बाद कर रही है। गाय, बछड़ा दिन-रात जंगलों में घूमतेे रहते हैं। निगरानी करने के बाद भी किसानों की फसलें नहीं बचती हैं। वन विभाग की टीम भी घुमंतू पशुओं से किसानों को छुटकारा नहीं दिला रही है।
क्षेत्र के बहियापुर गांव के किसान धर्मेंद्र दीक्षित ने बताया कि दिन में तो किसी तरह से फसलों की रखवाली की जाती है। रात को घुमंतू गायों का झुंड फसलों को बर्बाद कर देता है। बांदा, चित्रकूट जिले से ये पशु यमुना तैर कर आ जाते हैं। रेवाड़ी के राजा द्विवेदी ने कहा कि घुमंतू गाय, बछड़ों का झुंड हर साल बढ़ता जा रहा है। एक-एक झुंड में 50 से 60 गाय रहती हैं। थोड़ी देर में ही फसलों को एक झटके में बर्बाद कर देती हैं।
पहाड़पुर गांव के मदन यादव ने बताया कि घुमंतू पशुओं के झुंड भगाने में गाय, बछड़े मारने को दौड़ते हैं। दिन में तो किसी तरह से फसलों की निगरानी की जाती है, लेकिन रात को इनके भय से खेत में नहीं जाते हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद सफीक ने बताया कि तिरहार क्षेत्र में अन्ना प्रथा है। किसान अपने पशुओं को चरने के लिए छोड़ देते हैं। उनको पकड़वाने पर किसान ही विरोध करते हैं। कर्मचारियों को भेज कर जानकारी कराई जाएगी।
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क्षेत्र के बहियापुर गांव के किसान धर्मेंद्र दीक्षित ने बताया कि दिन में तो किसी तरह से फसलों की रखवाली की जाती है। रात को घुमंतू गायों का झुंड फसलों को बर्बाद कर देता है। बांदा, चित्रकूट जिले से ये पशु यमुना तैर कर आ जाते हैं। रेवाड़ी के राजा द्विवेदी ने कहा कि घुमंतू गाय, बछड़ों का झुंड हर साल बढ़ता जा रहा है। एक-एक झुंड में 50 से 60 गाय रहती हैं। थोड़ी देर में ही फसलों को एक झटके में बर्बाद कर देती हैं।
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पहाड़पुर गांव के मदन यादव ने बताया कि घुमंतू पशुओं के झुंड भगाने में गाय, बछड़े मारने को दौड़ते हैं। दिन में तो किसी तरह से फसलों की निगरानी की जाती है, लेकिन रात को इनके भय से खेत में नहीं जाते हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद सफीक ने बताया कि तिरहार क्षेत्र में अन्ना प्रथा है। किसान अपने पशुओं को चरने के लिए छोड़ देते हैं। उनको पकड़वाने पर किसान ही विरोध करते हैं। कर्मचारियों को भेज कर जानकारी कराई जाएगी।
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