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Fatehpur News: तालाब की जमीन पर प्लाॅटिंग के आरोप, खरीद-बिक्री पर कोर्ट की रोक
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फतेहपुर। लोधीगंज बाईपास के पास कानपुर-प्रयागराज हाईवे किनारे स्थित राधे-बिहारी प्लाॅटिंग साइट को लेकर विवाद सामने आया है। एसडीएम सदर (न्यायिक) की अदालत ने संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री, दान और वसीयत पर रोक लगा दी है। प्लाॅटिंग करने वाली संस्था से जुड़े लोगों और कुछ खरीदारों को सम्मन जारी कर न्यायालय में तलब किया गया है।
जानकारी के अनुसार, साइट पर करीब 100 लोगों ने सीधे प्लाॅट खरीदे हैं, जबकि लगभग 50 प्लाॅट की आगे भी खरीद-बिक्री हुई है। ऐसे में दखल-खारिज की प्रक्रिया पर भी रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। इससे 150 से अधिक खरीदार प्रभावित हो सकते हैं।
शिकायत पर राजस्व विभाग ने भूमि की जांच कराई
पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह ने फरवरी में मुख्यमंत्री और डीएम को शिकायत भेजकर तालाबी भूमि और ग्राम समाज की जमीन पर प्लाॅटिंग किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने भूमि की जांच कराई। तहसीलदार की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित गांव की गाटा संख्या 249 में 5.8510 हेक्टेयर यानी करीब 33 बीघा भूमि दर्ज है। दस्तावेजों की जांच में उक्त भूमि को लेकर तालाब की जमीन होने का मामला सामने आया। अदालत ने प्लाॅटों की खरीद-बिक्री समेत अन्य हस्तांतरण पर रोक लगा दी।
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प्लाॅटिंग संस्था से जुड़े लोगों को सम्मन
अदालत ने प्लाॅटिंग करने वाली संस्था राज कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह और पार्टनर मलखान सिंह समेत प्लाॅट खरीदने वालों को भी सम्मन जारी किया है। मामले में अब दस्तावेजों और भूमि की स्थिति को लेकर न्यायालय में आगे सुनवाई होगी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने प्लाॅटिंग से कोई वास्ता नहीं होने की बात कही है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले लोग उनकी छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, साइट पर करीब 100 लोगों ने सीधे प्लाॅट खरीदे हैं, जबकि लगभग 50 प्लाॅट की आगे भी खरीद-बिक्री हुई है। ऐसे में दखल-खारिज की प्रक्रिया पर भी रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। इससे 150 से अधिक खरीदार प्रभावित हो सकते हैं।
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शिकायत पर राजस्व विभाग ने भूमि की जांच कराई
पूर्व मंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह ने फरवरी में मुख्यमंत्री और डीएम को शिकायत भेजकर तालाबी भूमि और ग्राम समाज की जमीन पर प्लाॅटिंग किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने भूमि की जांच कराई। तहसीलदार की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित गांव की गाटा संख्या 249 में 5.8510 हेक्टेयर यानी करीब 33 बीघा भूमि दर्ज है। दस्तावेजों की जांच में उक्त भूमि को लेकर तालाब की जमीन होने का मामला सामने आया। अदालत ने प्लाॅटों की खरीद-बिक्री समेत अन्य हस्तांतरण पर रोक लगा दी।
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प्लाॅटिंग संस्था से जुड़े लोगों को सम्मन
अदालत ने प्लाॅटिंग करने वाली संस्था राज कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह और पार्टनर मलखान सिंह समेत प्लाॅट खरीदने वालों को भी सम्मन जारी किया है। मामले में अब दस्तावेजों और भूमि की स्थिति को लेकर न्यायालय में आगे सुनवाई होगी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने प्लाॅटिंग से कोई वास्ता नहीं होने की बात कही है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले लोग उनकी छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं।