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एडीएम ने पांडु नदी के बाढ़ क्षेत्रों का दौरा किया
अमर उजाला ब्यूरो/ फतेहपुर
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:26 AM IST
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पांडु नदी के बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण करते एडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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औंग। एडीएम आलोक सिंह ने सोमवार को पांडु नदी के बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। पांडु नदी के तेज बहाव से हो रहे खेतों के कटान को देखा। उन्होंने कहा कि पांडु नदी के कटान को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। किसानों के खेत बचाने के लिए संबंधित अधिकारी तुरंत काम पर लग जाएं।
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ग्रामीण दूसरी जगह बसने व जमीन देने की बजाय कटान रोकने की मुकम्मल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। अमर उजाला ने ग्रामीणों के इस मुद्दे को सोमवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था। एडीएम ने लोगों को मदद का भरोसा दिया था। गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की अन्य समस्याएं भी सुनीं। एसडीएम सत्यप्रकाश को निर्देश दिया कि बाढ़ की चपेट में आने वाले ग्रामीणों के लिए आवास की जमीन दी जाए। जो जिस ग्राम पंचायत के हैं उनको उसी ग्राम पंचायत में ग्राम समाज की जमीन पर पट्टा किया जाए। ग्रामीणों ने गांव से आठ किमी कच्चे रास्ते में सड़क बनवाने की मांग उठाई। इससे बाढ़ से प्रभावित होने वाले 14 गांव के लोगों को दरियापुर पुल से हाइवे तक आने का रास्ता बन जाएगा। अभयपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय सिंह ने मजरा के रानीपुर, दरियापुर में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलाने की मांग की। इस मौके पर बिंदकी तहसीलदार लाल सिंह, लेखपाल बागीश, रामदत्त मिश्रा, रामदयाल, शुभम सिंह भी मौजूद रहे।
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बाढ़ चौकी में रुकेंगे राजस्व कर्मी
एडीएम आलोक सिंह ने राजस्व कर्मियों को बाढ़ चौकियों में रात रुकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियों में लगाए गए कर्मचारी दिन में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करें। लोगों की समस्याएं सुनें। हर पल की रिपोर्ट जिला मुख्यालय मेें भेजते रहें। रात में भी सभी कर्मचारी बाढ़ चौकी में रहेंगे। किसी प्रकार की समस्या हो तो तहसील मुख्यालय व जिला मुख्यालय को सूचित करें।
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