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Fatehpur News: इलाज के अभाव में मासूम की मौत का लगाया आरोप
Fri, 20 Jun 2025 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:34 AM IST
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फतेहपुर। सदर तहसील क्षेत्र के लाखीपुर निवासी एक दंपती ने जिला अस्पताल में इलाज न करने पर मासूम बेटे आर्यन की मौत को आरोप डॉक्टरों पर लगाया है। गुरुवार को दंपती तहसील पहुंचे और एसडीएम को शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
लाखीपुर निवासी शाहरुख ने शिकायती पत्र में बताया कि वह 18 जून को दोपहर पत्नी के साथ डेढ़ वर्षीय बीमार बेटे आर्यन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंंसी ट्रामा सेंटर में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। वह बच्चे के इलाज के लिए चीखते चिल्लाते रहे, लेकिन कोई उसे देखने तक नहीं आया। इलाज के अभाव में मासूम बेटे की मौत हो गई।
पिता ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में डाक्टरों की मनमानी है। उसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने बताया कि दंपती के साथ मासूम खागा सीएचसी से गंभीर हालत में रेफर होकर आया था। उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही मौत हो गई थी। अस्पताल में एक डाक्टर, एक प्रशिक्षु छात्र और फार्मासिस्ट ड्यूटी पर थे। उन्होंने ही ब्राडडेड का दंपती को प्रमाणपत्र दिया था।
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लाखीपुर निवासी शाहरुख ने शिकायती पत्र में बताया कि वह 18 जून को दोपहर पत्नी के साथ डेढ़ वर्षीय बीमार बेटे आर्यन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंंसी ट्रामा सेंटर में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। वह बच्चे के इलाज के लिए चीखते चिल्लाते रहे, लेकिन कोई उसे देखने तक नहीं आया। इलाज के अभाव में मासूम बेटे की मौत हो गई।
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पिता ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में डाक्टरों की मनमानी है। उसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने बताया कि दंपती के साथ मासूम खागा सीएचसी से गंभीर हालत में रेफर होकर आया था। उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही मौत हो गई थी। अस्पताल में एक डाक्टर, एक प्रशिक्षु छात्र और फार्मासिस्ट ड्यूटी पर थे। उन्होंने ही ब्राडडेड का दंपती को प्रमाणपत्र दिया था।
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