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मुफ्त बीज के जरिए सुधरे ऊसर में उगेगा धान
Fatehpur
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। ऊसर सुधार कार्यक्रम के तहत खरीफ में लाभार्थियों को धान का मुफ्त बीज, खाद, जिंक तथा जिप्सम
मुहैया करा कर सुधारी गई ऊसर जमीन में धान की पैदावार करवाई जाएगी। हालांकि बीज वितरण के लिए पचीस मई और जिप्सम के लिए जून का पहला सप्ताह तय किया गया है। लेकिन अभी तक लाभार्थी किसानों की सूची तैयार नहीं हुई है। इस संबंध में विभाग फैसला नहीं कर पा रहा है।
योजना के तहत खरीफ मेंउनतालिस सौ किसानों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। इनमें ऐसे किसान शामिल है जिनकी जमीन उसर सुधार कार्यक्रम में शामिल है। खरीफ अभियान में आठ हजार मीट्रिक टन जिप्सम वितरित किए जाने का लक्ष्य है। जबकि पौने छह सौ क्विंटल धान का बीज वितरण का लक्ष्य है। लाभार्थी किसानों को 60 किलोग्राम प्रति हेक्टयर की दर से धान का बीज, ढाई किलोग्राम जिंक, साढ़े बारह किलोग्राम यूरिया और दस किलोग्राम यूरिया दिया जाना है। शासन के निर्देशानुसार जिप्सम नकदीकरण के तहत तीन रुपये प्रति बोरी के हिसाब से वितरित की जानी है। जबकि बीज और अन्य सामाग्री शतप्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए ग्राम पंचायतवार किसानों का चयन किया जाना है। कृषि विभाग के अनुसार धान की नर्सरी डालने का समय 25 मई से दस जून तक है। लेकिन अभी तक जिप्सम वितरण नहीं शुरू हुआ है। अभी तक लाभार्थियों की सूची नहीं तैयार हुई है। परियोजना अधिकारी भूमि संरक्षण विभाग एचएस खान ने बताया कि लाभार्थी किसानों की सूची तैयार कराकर गांवों में भेज दी गई है। शीघ्र वितरण शुरू किया जाएगा। उन्होने बताया कार्यक्रम का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन ऊसर सुधार के लिए चयनित की गई है। जिप्सम तीन रुपए प्रति बोरी के हिसाब से उपलब्ध कराई जानी है जबकि अन्य सामग्री का वितरण निशुल्क किया जाना है।
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मुहैया करा कर सुधारी गई ऊसर जमीन में धान की पैदावार करवाई जाएगी। हालांकि बीज वितरण के लिए पचीस मई और जिप्सम के लिए जून का पहला सप्ताह तय किया गया है। लेकिन अभी तक लाभार्थी किसानों की सूची तैयार नहीं हुई है। इस संबंध में विभाग फैसला नहीं कर पा रहा है।
योजना के तहत खरीफ मेंउनतालिस सौ किसानों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। इनमें ऐसे किसान शामिल है जिनकी जमीन उसर सुधार कार्यक्रम में शामिल है। खरीफ अभियान में आठ हजार मीट्रिक टन जिप्सम वितरित किए जाने का लक्ष्य है। जबकि पौने छह सौ क्विंटल धान का बीज वितरण का लक्ष्य है। लाभार्थी किसानों को 60 किलोग्राम प्रति हेक्टयर की दर से धान का बीज, ढाई किलोग्राम जिंक, साढ़े बारह किलोग्राम यूरिया और दस किलोग्राम यूरिया दिया जाना है। शासन के निर्देशानुसार जिप्सम नकदीकरण के तहत तीन रुपये प्रति बोरी के हिसाब से वितरित की जानी है। जबकि बीज और अन्य सामाग्री शतप्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए ग्राम पंचायतवार किसानों का चयन किया जाना है। कृषि विभाग के अनुसार धान की नर्सरी डालने का समय 25 मई से दस जून तक है। लेकिन अभी तक जिप्सम वितरण नहीं शुरू हुआ है। अभी तक लाभार्थियों की सूची नहीं तैयार हुई है। परियोजना अधिकारी भूमि संरक्षण विभाग एचएस खान ने बताया कि लाभार्थी किसानों की सूची तैयार कराकर गांवों में भेज दी गई है। शीघ्र वितरण शुरू किया जाएगा। उन्होने बताया कार्यक्रम का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन ऊसर सुधार के लिए चयनित की गई है। जिप्सम तीन रुपए प्रति बोरी के हिसाब से उपलब्ध कराई जानी है जबकि अन्य सामग्री का वितरण निशुल्क किया जाना है।
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