{"_id":"75345","slug":"Fatehpur-75345-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर से कापी लेकर स्कूल पहुंचे परीक्षार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर से कापी लेकर स्कूल पहुंचे परीक्षार्थी
Fatehpur
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा पांच और आठ में पढ़ने वाले 95547 परीक्षार्थियों की
की वार्षिक परीक्षा गुरुवार को अव्यवस्था के बीच शुरू हो गई। इस दौरान बेसिक शिक्षकों ने अनिवार्य शिक्षा अधिनियम की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ज्यादातर स्कूलों में परीक्षार्थियों को खुद उत्तर पुस्तिकाएं लेकर स्कूल जाना पड़ा। विद्यालय प्रबंधन ने केवल प्रश्नपत्र मुहैया करा कर पल्ला झाड़ लिया।
वार्षिक परीक्षा में जिले भर के 1684 परिषदीय और 775 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा पांच के 59289 बच्चे तथा परिषदीय 636 तथा मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कुल 36258 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। इस बार परीक्षा में शिक्षकों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की अपने स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश थे। इसके बदले में बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना था। इसके विपरीत स्कूलों में प्रश्नपत्र की तो व्यवस्था की गई, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का इंतजाम गिने चुने स्कूलों में ही किया गया।
प्राथमिक विद्यालय सादीपुर में पहली पाली की परीक्षा में 20 तथा उच्च प्राथमिक में 12 परीक्षार्थी परीक्षा देते मिले। परीक्षार्थियों ने शिक्षकों के सामने स्वीकार किया उन्होंने उत्तर पुस्तिकाएं घर से लाए गए पैसों से खरीदी हैं, जबकि प्रश्नपत्र मैडम ने मुहैया कराया है। प्राथमिक की हेडमास्टर माधुरी सक्सेना और उच्च प्राथमिक हेडमास्टर जिया खुर्शीद ने बच्चों की इस बात को स्वीकार किया। यह विद्यालय तो बानगी के तौर पर है। जिले के गिने चुने स्कूलों को छोड़कर ज्यादातर स्कूलों में या तो बच्चों से परीक्षा शुल्क वसूलकर उत्तर पुस्तिकाएं मुहैया कराई गई हैं या फिर बच्चों को खुद उत्तर पुस्तिका खरीदकर लाना पड़ा है। यह सब जानते हुए भी विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
की वार्षिक परीक्षा गुरुवार को अव्यवस्था के बीच शुरू हो गई। इस दौरान बेसिक शिक्षकों ने अनिवार्य शिक्षा अधिनियम की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ज्यादातर स्कूलों में परीक्षार्थियों को खुद उत्तर पुस्तिकाएं लेकर स्कूल जाना पड़ा। विद्यालय प्रबंधन ने केवल प्रश्नपत्र मुहैया करा कर पल्ला झाड़ लिया।
वार्षिक परीक्षा में जिले भर के 1684 परिषदीय और 775 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा पांच के 59289 बच्चे तथा परिषदीय 636 तथा मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कुल 36258 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। इस बार परीक्षा में शिक्षकों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की अपने स्तर से व्यवस्था करने के निर्देश थे। इसके बदले में बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना था। इसके विपरीत स्कूलों में प्रश्नपत्र की तो व्यवस्था की गई, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का इंतजाम गिने चुने स्कूलों में ही किया गया।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय सादीपुर में पहली पाली की परीक्षा में 20 तथा उच्च प्राथमिक में 12 परीक्षार्थी परीक्षा देते मिले। परीक्षार्थियों ने शिक्षकों के सामने स्वीकार किया उन्होंने उत्तर पुस्तिकाएं घर से लाए गए पैसों से खरीदी हैं, जबकि प्रश्नपत्र मैडम ने मुहैया कराया है। प्राथमिक की हेडमास्टर माधुरी सक्सेना और उच्च प्राथमिक हेडमास्टर जिया खुर्शीद ने बच्चों की इस बात को स्वीकार किया। यह विद्यालय तो बानगी के तौर पर है। जिले के गिने चुने स्कूलों को छोड़कर ज्यादातर स्कूलों में या तो बच्चों से परीक्षा शुल्क वसूलकर उत्तर पुस्तिकाएं मुहैया कराई गई हैं या फिर बच्चों को खुद उत्तर पुस्तिका खरीदकर लाना पड़ा है। यह सब जानते हुए भी विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन