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शराब की उठान में होता है खेल

Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
Fatehpur
Fatehpur Updated Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
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फतेहपुर। जिले में शराब के दामोें में ओवररेटिंग के मामले में तीन तहसीलों के निरीक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में खलबली मची है। विभाग में लेनदेन का खेल भी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं ठेकेदारों को अपनी दुकानों के लाइसेंस पर कार्रवाइयों की चिंता सताने लगी है। ले की तीनों तहसीलों के आबकारी निरीक्षकों पर गुरुवार देर शाम को एक्साइज इंटेलीजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट पर आबकारी आयुक्त की ओर से निलंबन की कार्रवाई हुई थी। बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग के खेल की भी पर्त दर पर्त खुल रही है। लंबे पैमाने में सरकार को राजस्व का मुनाफा कराने वाले विभाग में बड़ा गोलमाल होता है। शराब ठेकेदारों ने शुक्रवार दोपहर आबकारी कार्यालय में बताया कि उन लोगों को शराब का स्टाक उठाने में अधिक दाम चुकाने पड़ते हैं। देशी शराब की उठान में विभाग से सीमित स्टाक ही मिलता है। इसके बाद शराब लेने के लिए हर पेटी पर 200 रुपये अतिरिक्त देना पड़ता है। इन हालातों में ही वह लोग दुकानों से हर क्वार्टर पर पांच रुपये, आधी बोतल पर दस और पूरी बोतल पर बीस रुपये अधिक दामों पर शराब बेचते हैं। यही हालत अंग्रेजी शराब का इलाहाबाद से आने वाली खेप के साथ है। जिले में आबकारी विभाग को अंग्रेजी और बीयर की दुकानों से माहवारी के तौर पर अच्छी रकम पहुंचानी पड़ती है। इसके बाद वह पूरे महीने भर आराम से शराब महंगे दामों में बेचते हैं। वहीं ईआईबी टीम ने छापेमारी के दौरान जिन शराब के दुकानों का निरीक्षण किया है, उन दुकानों के ठेकेदारों में कार्रवाई की जद में आने से बैचेनी का माहौल है। ठेकेदार सुबह से विभाग के चक्कर काटते दिखाई दिए। चौपहिया वाहनों की कार्यालय में कतारें लगी रहीं। जिला आबकारी अधिकारी एलएन मौर्या की खाली पड़ी कुर्सी को ठेकेदार देखकर ही बैरंग लौटते रहे हैं। विभाग के खेल में जिला आबकारी अधिकारी का पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी मोबाइल पर शाम को दो बार कॉल की गई लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हो सका है।
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पिछले साल डीओ की छीनी थी कुर्सी
शराब के धंधे में ओवररेटिंग के काले कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही है। जिले में पिछले साल भी ओवररेटिंग की शिकायतें शासन को मिली थी। मामले की ईआईबी टीम ने आकर जांच की थी। जांच के बाद जिला आबकारी अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह का निलंबन हुआ था। इस मर्तबा जांच में जिले के सभीा निरीक्षकों पर गाज गिरी है।
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सदर निरीक्षक ने लिया चार्ज
आबकारी आयुक्त की कार्रवाई में सस्पेंड निरीक्षक नासिर खान, संतोष कुमार शुक्ल और होरीलाल के लिए कोई आदेश विभाग से नहीं आया है। जब कि सदर तहसील क्षेत्र प्रथम का चार्ज निरीक्षक रवींद्र कुमार ने लिया है। वहीं निरीक्षक नासिर खान आबकारी कार्यालय इलाहाबाद से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा खागा के निलंबित निरीक्षक होरीलाल और बिंदकी के निलंबित निरीक्षक संतोष कुमार शुक्ल के स्थान पर अभी नियुक्त निरीक्षकों ने अभी चार्ज नहीं लिया है।
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