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शोपीस बने ओवरहेट पानी के टैंक
Fatehpur
Updated Fri, 12 Sep 2014 05:31 AM IST
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फतेहपुर। नगर पालिका परिषद की लापरवाही के कारण शहर के कई मोहल्लों में पानी का जबरदस्त संकट है। ओवरहेड टैंकों के माध्यम से जलापूर्ति न होने से ऊंचाई वाले मोहल्लों में पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है, वहीं अधिकांश घरों में बिना टुल्लू पंप के पानी नहीं मिलता है। ओवरहेड टैंकी की लोडिंग न होने के कारण लोग महीनों से परेशान हैं।
रेलवे लाइन के दक्षिणी शहर में जलापूर्ति के लिए सादीपुर में जलनिगम परिसर में ओवरहेड टैंक बना है। शहर की सर्वाधिक क्षमता वाले इस ओवरहेड टैंक के बनने के बाद शायद ही कभी इसकी लोडिंग हुई हो। जलकल विभाग कभी नलकूपों की कमी, तो कभी वाल्व खराबी बताकर इसकी लोडिंग से बचता रहा है। ऐसी हालत में दक्षिणी शहर में कभी भी लोगों को प्रेशर के साथ जलापूर्ति नहीं मिली है। लोग गड्ढे खोदकर नीचे नलों की टोटी लगाकर जलापूर्ति ले रहे हैं। शहर का सबसे पुराना ओवरहेड टैंक पीरनपुर मोहल्ले में है। एक दशक पहले तक शहर की पुरानी आबादी चौक, रस्तोगीगंज, मसवानी, पीरनपुर आदि मोहल्लों को जलापूर्ति देने वाला यह ओवरहेड टैंक वर्तमान समय में लावारिस हो गया है। टैंक की लंबे समय से लोडिंग न होने के कारण इन मोहल्लों में जहां आए दिन पेयजलापूर्ति को लेकर नगर पालिका में बवाल होता है, वहीं लोगों को कुओं का दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
शहर के मुराइनटोला ओवरहेड टैंक से मुराइनटोला, खेलदार, सिविल लाइंस एरिया को जलापूर्ति होती रही है। इसकी लोडिंग से इन मोहल्लों में कई मंजिली इमारतों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहा है, लेकिन नगर पालिका परिषद जब चाहती, तो लोडिंग करती है और जब नहीं चाहती, तो लोडिंग नहीं करती है। ऐसी हालत में सिविल लाइंस जैसा एरिया भी अब पेयजल संकट से जूझने लगा है। हालांकि इन मोहल्लों में रहने वाले संपन्न परिवारों में निजी सबमर्सिबल पंप लगा लिए हैं, लेकिन आम लोगों को पानी की आपूर्ति लेने के लिए टुल्लू पंप की मदद लेनी पड़ रही है। झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोगों के लिए पीने का पानी हैंडपंप ही हैं। आवास विकास परिषद ने सिविल लाइंस से मिले क्षेत्र में आवास विकास कालोनी बनाई है। यहां पर रहने वाले लोगों को जलापूर्ति के लिए परिषद ने निजी ओवरहेड टैंक की भी निर्माण करा रखा है, लेकिन नगर पालिका ने इस ओवरहेड टैंक को लावारिस एक दशक से छोड़ रखा है। लोडिंग ने होने के कारण यह ओवरहेड टैंक जर्जर होने लगा है। उधर, टैंक के माध्यम से जलापूर्ति न होने के कारण यहां के बाश्ंिादों को साल के हर महीनों में पानी के संकट का सामना करना पड़ता है।
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इन मोहल्लों में है जबरदस्त संकट
सादीपुर, पीरनपुर, चौक, रस्तोगीगंज, मसवानी, पीरनपुर , मुराइनटोला, खेलदार, सिविल लाइंस।
कोट
सादीपुर और ओवरहेड टैंक तकनीकी गड़बड़ी के कारण लोड नहीं हो पा रहे हैं। पीरनपुर और मुराइनटोला ओवरहेड टैंकों की पर्याप्त लोडिंग में बिजली संकट बाधक बन रहा है। आवास विकास और सादीपुर ओवरहेड टैंकों की लोडिंग जल्द शुरू कराने की योजना है। दोनों का निरीक्षण किया जा चुका है। एक दो दिन यह व्यवस्था चालू कर दी जाएगी। गौरीशंकर पटेल, अवर अभियंता, जलकल विभाग
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रेलवे लाइन के दक्षिणी शहर में जलापूर्ति के लिए सादीपुर में जलनिगम परिसर में ओवरहेड टैंक बना है। शहर की सर्वाधिक क्षमता वाले इस ओवरहेड टैंक के बनने के बाद शायद ही कभी इसकी लोडिंग हुई हो। जलकल विभाग कभी नलकूपों की कमी, तो कभी वाल्व खराबी बताकर इसकी लोडिंग से बचता रहा है। ऐसी हालत में दक्षिणी शहर में कभी भी लोगों को प्रेशर के साथ जलापूर्ति नहीं मिली है। लोग गड्ढे खोदकर नीचे नलों की टोटी लगाकर जलापूर्ति ले रहे हैं। शहर का सबसे पुराना ओवरहेड टैंक पीरनपुर मोहल्ले में है। एक दशक पहले तक शहर की पुरानी आबादी चौक, रस्तोगीगंज, मसवानी, पीरनपुर आदि मोहल्लों को जलापूर्ति देने वाला यह ओवरहेड टैंक वर्तमान समय में लावारिस हो गया है। टैंक की लंबे समय से लोडिंग न होने के कारण इन मोहल्लों में जहां आए दिन पेयजलापूर्ति को लेकर नगर पालिका में बवाल होता है, वहीं लोगों को कुओं का दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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शहर के मुराइनटोला ओवरहेड टैंक से मुराइनटोला, खेलदार, सिविल लाइंस एरिया को जलापूर्ति होती रही है। इसकी लोडिंग से इन मोहल्लों में कई मंजिली इमारतों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहा है, लेकिन नगर पालिका परिषद जब चाहती, तो लोडिंग करती है और जब नहीं चाहती, तो लोडिंग नहीं करती है। ऐसी हालत में सिविल लाइंस जैसा एरिया भी अब पेयजल संकट से जूझने लगा है। हालांकि इन मोहल्लों में रहने वाले संपन्न परिवारों में निजी सबमर्सिबल पंप लगा लिए हैं, लेकिन आम लोगों को पानी की आपूर्ति लेने के लिए टुल्लू पंप की मदद लेनी पड़ रही है। झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोगों के लिए पीने का पानी हैंडपंप ही हैं। आवास विकास परिषद ने सिविल लाइंस से मिले क्षेत्र में आवास विकास कालोनी बनाई है। यहां पर रहने वाले लोगों को जलापूर्ति के लिए परिषद ने निजी ओवरहेड टैंक की भी निर्माण करा रखा है, लेकिन नगर पालिका ने इस ओवरहेड टैंक को लावारिस एक दशक से छोड़ रखा है। लोडिंग ने होने के कारण यह ओवरहेड टैंक जर्जर होने लगा है। उधर, टैंक के माध्यम से जलापूर्ति न होने के कारण यहां के बाश्ंिादों को साल के हर महीनों में पानी के संकट का सामना करना पड़ता है।
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इन मोहल्लों में है जबरदस्त संकट
सादीपुर, पीरनपुर, चौक, रस्तोगीगंज, मसवानी, पीरनपुर , मुराइनटोला, खेलदार, सिविल लाइंस।
कोट
सादीपुर और ओवरहेड टैंक तकनीकी गड़बड़ी के कारण लोड नहीं हो पा रहे हैं। पीरनपुर और मुराइनटोला ओवरहेड टैंकों की पर्याप्त लोडिंग में बिजली संकट बाधक बन रहा है। आवास विकास और सादीपुर ओवरहेड टैंकों की लोडिंग जल्द शुरू कराने की योजना है। दोनों का निरीक्षण किया जा चुका है। एक दो दिन यह व्यवस्था चालू कर दी जाएगी। गौरीशंकर पटेल, अवर अभियंता, जलकल विभाग