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लैपटाप योजना टांय टांय फिस्स
Fatehpur
Updated Wed, 18 Jun 2014 05:31 AM IST
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फतेहपुर। सपा सरकार की लैपटाप योजना टांय-टांय फिस्स होती दिखाई पड़ रही है। विधानसभा चुनाव की घोषणा पूरी करने के नाम पर सिर्फ 2012 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर बीए/बीएससी में दाखिला लेने वाले आधे अधूरे छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ दिया गया है। इस सत्र के अभी तक 1013 बच्चे लैपटाप पाने से वंचित हैं, जबकि 245 लैपटाप ट्रेजरी के डबल लाक वाले स्ट्रांगरूम में धूल खा रहे हैं।
विधानभा चुनाव की घोषणा पूरी करने के लिए प्रदेश की सपा सरकार ने वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटाप देने के लिए आनलाइन आवेदन कराया था। जिलेभर के सभी 39 महाविद्यालयों में पढ़ने वाले 19174 बच्चों ने निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन किए था। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन के मुताबिक शासन से लैपटाप की मांग की थी, जिसके अनुरूप विभाग को लैपटाप प्राप्त भी हुए थे। इसके बाद कुछ महाविद्यालयों अपने स्कूलों के कुल मिलाकर 1013 छात्रों के आवेदन से वंचित होने की सूचना दी थी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन छात्र-छात्राओं के सीधे आवेदन मांग कर अलग से लैपटाप के लिए शासन को मांग पत्र भेजा था।
तहसीलवार लैपटाप वितरण समारोहों में कुल 18929 बच्चे ही लैपटाप लेने पहुंचे, जिन्हें लैपटाप मुहैया कराए गए थे। शेष लैपटाप माध्यमिक शिक्षा विभाग के भंडारगृह में महीनों धूल खाते रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित महाविद्यालयों को लिखित रूप में लैपटाप लेने के लिए लिखते रहे, लेकिन लाभार्थी नहीं पहुंचे। ऐसी हालत में 245 लैपटाप प्रशासन ने अपने कब्जे में लेते हुए ट्रेजरी दफ्तर के डबल लाक में सुरक्षित करा दिया है।
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मांग के बावजूद नहीं आए 768 लैपटाप
फतेहपुर। विलंब से आवेदन करने वाले 768 छात्र-छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दोबारा मांगपत्र भेजा था। साथ स्पष्ट किया था, कि अवशेष 245 लैपटाप मिलाकर वंचित कुल 1013 लाभार्थियों को लैपटाप वितरित कर दिए जाएं, लेकिन शासन ने न तो लैपटाप भेजा और न ही शेष बचे लैपटाप वितरित करने के ही निर्देश दिए।
जिले के लिए चाहिए साठ हजार लैपटाप
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग योजना चलाता है, तो उसे कुल 60 हजार आठ लैपटाप की आवश्यकता है, क्योंकि वर्ष 2012 के 1013, शिक्षा सत्र 2013 के कुल 27327 तथा सत्र 2014 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 31668 छात्र-छात्राएं लैपटाप पाने के पात्र बन चुके हैं।
सवा अरब का बजट हो तो बने बात
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग को अब लैपटाप वितरण योजना को आगे बढ़ाना मुश्किल काम है। क्योंकि इसके लिए एक अरब से अधिक सिर्फ फतेहपुर जिले से लिए बजट की आवश्यकता होगी। पूर्व में बांटे गए प्रति लैपटाप की कीमत माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 19 हजार 38 रुपए की दर से अदा की थी। इस तरह से साठ हजार 38 लैपटाप खरीदने के लिए विभाग को 1142432304 रुपए भुगतान करना होगा। इतना भारी भरकम धनराशि एक जिले में खर्च करना प्रदेश सरकार के लिए कठिन काम होगा।
तीन साल से धूल खा रही हैं 18 साइकिलें
फतेहपुर। ट्रेजरी दफ्तर में धूल खा रहे लैपटापों का हश्र क्या सावित्री बाईफुले बालिका शिक्षा आर्थिक मदद योजना का होगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती सरकार में चलाई गई इस योजना की अभी तक राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहपुर में 18 साइकिलों जंग खा रही हैं। साइकिल वितरण के समय ही विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें सपा सरकार बन गई और अवशेष साइकिलें कबाड़ के ढेर में फेंक दी गईं। जो अभी भी कबाड़ में पड़ी धूल खा रही हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मो. रफीक का कहना है कि लैपटाप वितरण को लेकर शासन से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि अवशेष 245 लैपटाप के संबंध में शासन से दिशा निर्देश मांगे गए थे, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर सभी लैपटाप ट्रेजरी को हस्तांतरित कर दिए गए हैं।
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विधानभा चुनाव की घोषणा पूरी करने के लिए प्रदेश की सपा सरकार ने वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटाप देने के लिए आनलाइन आवेदन कराया था। जिलेभर के सभी 39 महाविद्यालयों में पढ़ने वाले 19174 बच्चों ने निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन किए था। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन के मुताबिक शासन से लैपटाप की मांग की थी, जिसके अनुरूप विभाग को लैपटाप प्राप्त भी हुए थे। इसके बाद कुछ महाविद्यालयों अपने स्कूलों के कुल मिलाकर 1013 छात्रों के आवेदन से वंचित होने की सूचना दी थी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन छात्र-छात्राओं के सीधे आवेदन मांग कर अलग से लैपटाप के लिए शासन को मांग पत्र भेजा था।
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तहसीलवार लैपटाप वितरण समारोहों में कुल 18929 बच्चे ही लैपटाप लेने पहुंचे, जिन्हें लैपटाप मुहैया कराए गए थे। शेष लैपटाप माध्यमिक शिक्षा विभाग के भंडारगृह में महीनों धूल खाते रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित महाविद्यालयों को लिखित रूप में लैपटाप लेने के लिए लिखते रहे, लेकिन लाभार्थी नहीं पहुंचे। ऐसी हालत में 245 लैपटाप प्रशासन ने अपने कब्जे में लेते हुए ट्रेजरी दफ्तर के डबल लाक में सुरक्षित करा दिया है।
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मांग के बावजूद नहीं आए 768 लैपटाप
फतेहपुर। विलंब से आवेदन करने वाले 768 छात्र-छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दोबारा मांगपत्र भेजा था। साथ स्पष्ट किया था, कि अवशेष 245 लैपटाप मिलाकर वंचित कुल 1013 लाभार्थियों को लैपटाप वितरित कर दिए जाएं, लेकिन शासन ने न तो लैपटाप भेजा और न ही शेष बचे लैपटाप वितरित करने के ही निर्देश दिए।
जिले के लिए चाहिए साठ हजार लैपटाप
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग योजना चलाता है, तो उसे कुल 60 हजार आठ लैपटाप की आवश्यकता है, क्योंकि वर्ष 2012 के 1013, शिक्षा सत्र 2013 के कुल 27327 तथा सत्र 2014 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 31668 छात्र-छात्राएं लैपटाप पाने के पात्र बन चुके हैं।
सवा अरब का बजट हो तो बने बात
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग को अब लैपटाप वितरण योजना को आगे बढ़ाना मुश्किल काम है। क्योंकि इसके लिए एक अरब से अधिक सिर्फ फतेहपुर जिले से लिए बजट की आवश्यकता होगी। पूर्व में बांटे गए प्रति लैपटाप की कीमत माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 19 हजार 38 रुपए की दर से अदा की थी। इस तरह से साठ हजार 38 लैपटाप खरीदने के लिए विभाग को 1142432304 रुपए भुगतान करना होगा। इतना भारी भरकम धनराशि एक जिले में खर्च करना प्रदेश सरकार के लिए कठिन काम होगा।
तीन साल से धूल खा रही हैं 18 साइकिलें
फतेहपुर। ट्रेजरी दफ्तर में धूल खा रहे लैपटापों का हश्र क्या सावित्री बाईफुले बालिका शिक्षा आर्थिक मदद योजना का होगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती सरकार में चलाई गई इस योजना की अभी तक राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहपुर में 18 साइकिलों जंग खा रही हैं। साइकिल वितरण के समय ही विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें सपा सरकार बन गई और अवशेष साइकिलें कबाड़ के ढेर में फेंक दी गईं। जो अभी भी कबाड़ में पड़ी धूल खा रही हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक मो. रफीक का कहना है कि लैपटाप वितरण को लेकर शासन से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि अवशेष 245 लैपटाप के संबंध में शासन से दिशा निर्देश मांगे गए थे, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर सभी लैपटाप ट्रेजरी को हस्तांतरित कर दिए गए हैं।