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कबाड़ के ढेर में पड़े नौ लाख के कंप्यूटर
Fatehpur
Updated Thu, 07 Nov 2013 05:41 AM IST
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फतेहपुर। राजकीय इंटर कालेज में 45 कंप्यूटर आठ साल से धूल खा रहे हैं। वर्ष 2005 में चेन्नई की एवरान इंडिया संस्था का कंप्यूटर शिक्षा का प्रदेश सरकार से अनुबंध खतम होने के बाद से जीआईसी के कंप्यूटर लैब में ताला झूल रहा है। कबाड़ हो रहे इन कंप्यूटरों की बाजार में करीब नौ लाख रुपए कीमत बताई जा रही है। वर्ष 2000 में चेन्नई की संस्था एवरान इंडिया ने प्रदेश सरकार से राजकीय कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए अनुबंध किया था। इसके तहत राजकीय इंटर कालेज फतेहपुर के एक बड़े हाल में संस्था ने 45 कंप्यूटर सेट लगाए थे। इनको चलाने के लिए बीस केवीए का जनरेटर सेट भी लगाया था। संस्था से नियुक्त टीचर बच्चों ने 27 रुपए मासिक शुल्क वसूलकर बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देता था। एवरान इंडिया का वर्ष 2005 में प्रदेश सरकार से अनुबंध खतम हो गया, तो संस्था कंप्यूटर लैब में ताला बंद करके चलती बनी और तभी से संस्था का लैब में ताला झूल रहा है। इसके बाद प्रदेश सरकार ने दूसरी संस्था एक्स्ट्रा मार्क्स से कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए अनुबंध किया। इस संस्था ने वर्ष 2006 में जीआईसी में नए दस कंप्यूटर लगाए, जिनके माध्यम से वर्तमान समय में बच्चों को संस्था से तैनात टीचर कंप्यूटर की शिक्षा दे रहा है। राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उदय प्रभात का कहना है कि इंजीनियर बुलाकर लैब में बंद कंप्यूटरों का परीक्षण कराया गया है। इनमें अधिकांश में हार्डिक्स की खराबी आ गई है। जो कंप्यूटर ठीक हैं, उन्हें जल्द ही कंप्यूटर की पढ़ाई कर रही संस्था को सौपकर बच्चों के पठन पाठन के काम लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीस केवीए के जनरेटर सेट की मरम्मत कराकर काम में लाया जा रहा है।
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