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अवैध कुलाबा बने बाधा, पंद्रह दिन में हटाने के आदेश
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर।
नहरों के अवैध कुलाबा सिंचाई विभाग के लिए सिरदर्द बन गए हैं। अधिशासी अभियंता ने सभी अवैध कुलाबा 15 दिन के अंदर हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा कुलाबा लगाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
नहर में जगह-जगह अवैध कुलाबा बना देने से छोड़ा गया पानी आगे तक नहीं जा पाता। इससे रजबहे और माइनर सूखे रह जाते हैं। तमाम जरूरतमंद किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पाता। निचली गंगा नहर में ही 500 से अधिक कुलाबा लगे होने की शिकायत विभाग को मिली है। रोस्टर के अनुसार नहर में पानी चलने के बाद भी आधी दूर तक ही पहुंचता है।
अवैध कुलाबों से पानी तालाब और नालों में बह जाता है। इससे आधे से अधिक रजबहा और माइनर सूखे पड़े रहते हैं। किसान असिंचित फसलों की बुआई करते हैं। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि किसान अपनी सुविधा के लिए नहर में बिना सूचना के अवैध कुलाबा लगा लेते हैं।
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इससे नहर का पानी हमेशा बहता रहता है। जब किसानों की फसलों की सिंचाई पूरी हो जाती है तो अवैध कुलाबा से पानी नाला में बह जाता है। अब तक 115 अवैध कुलाबा हटाए गए हैं। दोबारा कुलाबा लगाने वाले किसानों के नाम से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। अवैध कुलाबा हटवाने और दुबारा कुलाबा न बनने देने के लिए अवर अभियंता और जिलेदारों को जवाबदेह बनाया है।
15 दिन में हटाएं अवैध कुलाबा
अधिशासी अभियंता बोले, दोबारा कुलाबा लगाने पर होगी एफआईआर
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फतेहपुर।
नहरों के अवैध कुलाबा सिंचाई विभाग के लिए सिरदर्द बन गए हैं। अधिशासी अभियंता ने सभी अवैध कुलाबा 15 दिन के अंदर हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा कुलाबा लगाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
नहर में जगह-जगह अवैध कुलाबा बना देने से छोड़ा गया पानी आगे तक नहीं जा पाता। इससे रजबहे और माइनर सूखे रह जाते हैं। तमाम जरूरतमंद किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पाता। निचली गंगा नहर में ही 500 से अधिक कुलाबा लगे होने की शिकायत विभाग को मिली है। रोस्टर के अनुसार नहर में पानी चलने के बाद भी आधी दूर तक ही पहुंचता है।
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अवैध कुलाबों से पानी तालाब और नालों में बह जाता है। इससे आधे से अधिक रजबहा और माइनर सूखे पड़े रहते हैं। किसान असिंचित फसलों की बुआई करते हैं। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि किसान अपनी सुविधा के लिए नहर में बिना सूचना के अवैध कुलाबा लगा लेते हैं।
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इससे नहर का पानी हमेशा बहता रहता है। जब किसानों की फसलों की सिंचाई पूरी हो जाती है तो अवैध कुलाबा से पानी नाला में बह जाता है। अब तक 115 अवैध कुलाबा हटाए गए हैं। दोबारा कुलाबा लगाने वाले किसानों के नाम से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। अवैध कुलाबा हटवाने और दुबारा कुलाबा न बनने देने के लिए अवर अभियंता और जिलेदारों को जवाबदेह बनाया है।
15 दिन में हटाएं अवैध कुलाबा
अधिशासी अभियंता बोले, दोबारा कुलाबा लगाने पर होगी एफआईआर