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पचास हजार नौनिहालों का बंद हो सकता एमडीएम का लाभ
Updated Sat, 13 Jan 2018 06:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले में 50 हजार बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ मिलना बंद हो सकता है। परिषदीय और एडेड स्कूलों में पंजीकृत कक्षा आठ तक के इन बच्चों पर योजना का लाभ लेने के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक जिले में बीस प्रतिशत बच्चों के आधारकार्ड नहीं बने हैं। सहायक शिक्षा निदेशक रमेश कुमार तिवारी ने स्कूली बच्चों के आधारकार्ड का ब्योरा तीन दिन के अंदर मांगा है।
पत्र में कहा गया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आधारकार्ड के आधार पर मिलेगा। ऐसे में स्कूलों को अपने यहां के बच्चों का आधारकार्ड लिंक कराना अनिवार्य है। विभाग का मानना है कि आधार लिंक होने के बाद फर्जीवाड़े की संभावना बहुत कम रह जाएगी।
परिषदीय, राजकीय और एडेड स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले दो लाख 51 हजार 262 बच्चों को दोपहर का भोजन, किताबें, यूनिफार्म, जूता, मोजा, स्वेटर आदि मुफ्त में दे रही है। शासन ने इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। हालांकि इसके लिए अगस्त में निर्देश जारी कर सभी स्कूलों में कैंप लगाकर आधारकार्ड बनवाने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक 80 प्रतिशत बच्चों के ही आधारकार्ड बन पाए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अभिलेखों में अभी तक 20 प्रतिशत बच्चे आधारकार्ड विहीन हैं।
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बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक बीस प्रतिशत बच्चों के आधारकार्ड नहीं बन पाए हैं। इस संबंध में सभी बीईओ को प्राथमिकता के आधार पर बच्चों के आधारकार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। आधारकार्ड न होने के कारण अगर कोई बच्चा सुविधाओं से वंचित होता है, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ बीईओ को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
पचास हजार का बंद हो सकता एमडीएम का लाभ
- योजना में आधार कार्ड की अनिवार्यता से फंसा पेच
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फतेहपुर। जिले में 50 हजार बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ मिलना बंद हो सकता है। परिषदीय और एडेड स्कूलों में पंजीकृत कक्षा आठ तक के इन बच्चों पर योजना का लाभ लेने के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक जिले में बीस प्रतिशत बच्चों के आधारकार्ड नहीं बने हैं। सहायक शिक्षा निदेशक रमेश कुमार तिवारी ने स्कूली बच्चों के आधारकार्ड का ब्योरा तीन दिन के अंदर मांगा है।
पत्र में कहा गया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आधारकार्ड के आधार पर मिलेगा। ऐसे में स्कूलों को अपने यहां के बच्चों का आधारकार्ड लिंक कराना अनिवार्य है। विभाग का मानना है कि आधार लिंक होने के बाद फर्जीवाड़े की संभावना बहुत कम रह जाएगी।
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परिषदीय, राजकीय और एडेड स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले दो लाख 51 हजार 262 बच्चों को दोपहर का भोजन, किताबें, यूनिफार्म, जूता, मोजा, स्वेटर आदि मुफ्त में दे रही है। शासन ने इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। हालांकि इसके लिए अगस्त में निर्देश जारी कर सभी स्कूलों में कैंप लगाकर आधारकार्ड बनवाने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक 80 प्रतिशत बच्चों के ही आधारकार्ड बन पाए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अभिलेखों में अभी तक 20 प्रतिशत बच्चे आधारकार्ड विहीन हैं।
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बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक बीस प्रतिशत बच्चों के आधारकार्ड नहीं बन पाए हैं। इस संबंध में सभी बीईओ को प्राथमिकता के आधार पर बच्चों के आधारकार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। आधारकार्ड न होने के कारण अगर कोई बच्चा सुविधाओं से वंचित होता है, तो स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ बीईओ को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
पचास हजार का बंद हो सकता एमडीएम का लाभ
- योजना में आधार कार्ड की अनिवार्यता से फंसा पेच