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बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 4314 परीक्षार्थी गैरहाजिर
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फतेहपुर। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में 4314 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे। इनमें 1408 बालिका और 2906 बालक परीक्षार्थी शामिल हैं। इस तरह से कुल 6.48 प्रतिशत परीक्षा देने नहीं आए।
यूपी बोर्ड परीक्षा की पहली पाली में सुबह आठ बजे से हाईस्कूल में सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा थी। पहली पाली में कुल 37,730 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 2714 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे। इनमें 1801 बालक और 913 बालिका परीक्षार्थी शामिल हैं। इस तरह से पहली पाली की परीक्षा में कुल 35,016 परीक्षार्थी शामिल हुए।
दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा में कुल 28,795 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 1105 बालक और 495 बालिका परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए। इस तरह से कुल 27,195 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। दोनों पालियों की परीक्षा में पहले दिन कुल 66,525 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें कुल 4314 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे और परीक्षा में कुल 62,211 परीक्षार्थी शामिल हुए।
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उधर, बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने को लेकर दोनों संकलन केंद्रों में मारामारी रही। फतेहपुर और बिंदकी तहसील के संकलन केंद्र राजकीय इंटर कालेज में रात आठ बजे तक उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने लिए लाइन लगी रही। कामोवेश यही हालत खागा तहसील के संकलन केंद्र शुकदेव इंटर कालेज खागा की रही। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाएं समय से सकुशल जमा हो गई हैं। किसी भी केंद्र में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
केंद्रों में रही दहशत
फतेहपुर। माध्यमिक के निदेशक विनय कुमार पांडेय के आने की सूचना पर जिले के परीक्षा केंद्रों में दहशत रही। निदेशक कौशांबी जिले के अझुवा तक आए, लेकिन इसके बाद वापस लौट गए। उनके वापस लौटने की सूचना पर मिलने के बाद कौशांबी की सीमा से जुड़े परीक्षा केंद्रों ने राहत की सांस ली।
कोट
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में पहले दिन की नकल विहीन परीक्षा होने का दावा किया है। बताया कि किसी भी सचलदल और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने किसी केंद्र की निगेटिव रिपोर्टिंग नहीं की है। बताया कि पहले दिन कुछ केंद्रों में कक्ष निरीक्षकों की दिक्कत थी, जो अगले दिन दूर हो जाएगी।
-महेंद्र प्रताप सिंह ( डीआईओएस )
बीएसए का सचलदल, एक सेक्टर मजिस्ट्रेट रहे नदारद
फतेहपुर। पहली पाली में सुबह आठ बजे से हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा की निगरानी के लिए सेक्टर सात में नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट डूडा के परियोजना अधिकारी अजय शुक्ला तहसील दिवस में जाना बताकर निरीक्षण को नहीं निकले। डीआईओएस कार्यालय से सभी छह सचल दलों को निकलना था, लेकिन बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह नदारद रहे। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। सचल दल के सदस्य नौ बजे तक उनका इंतजार करते रहे, लेकिन न आने पर लौट गए। सुरक्षा व्यवस्था न मुहैया होने के कारण राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उदय प्रभात के नेतृत्व वाला सचल दल दो घंटे विलंब से साढे़ आठ बजे निकल पाया।
उधर, वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों के 273 शिक्षकों के कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी ज्वाइन न करने का असर परीक्षा केंद्र में रहा। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में ज्यादातर परीक्षा कक्षों में एक ही कक्ष निरीक्षक से काम चलाया गया। कंट्रोल रूम में कक्ष निरीक्षकों की कमी की शिकायतें दर्ज कराने का सिलसिला जारी रहा। कक्ष निरीक्षकों की कमी दोपहर दो बजे से शुरू हुई दूसरी पाली की परीक्षा में भी दिखाई पड़ी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा की पहली पाली में सुबह आठ बजे से हाईस्कूल में सामान्य हिंदी विषय की परीक्षा थी। पहली पाली में कुल 37,730 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 2714 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे। इनमें 1801 बालक और 913 बालिका परीक्षार्थी शामिल हैं। इस तरह से पहली पाली की परीक्षा में कुल 35,016 परीक्षार्थी शामिल हुए।
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दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा में कुल 28,795 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 1105 बालक और 495 बालिका परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए। इस तरह से कुल 27,195 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। दोनों पालियों की परीक्षा में पहले दिन कुल 66,525 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें कुल 4314 परीक्षार्थी गैरहाजिर थे और परीक्षा में कुल 62,211 परीक्षार्थी शामिल हुए।
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उधर, बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने को लेकर दोनों संकलन केंद्रों में मारामारी रही। फतेहपुर और बिंदकी तहसील के संकलन केंद्र राजकीय इंटर कालेज में रात आठ बजे तक उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने लिए लाइन लगी रही। कामोवेश यही हालत खागा तहसील के संकलन केंद्र शुकदेव इंटर कालेज खागा की रही। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाएं समय से सकुशल जमा हो गई हैं। किसी भी केंद्र में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
केंद्रों में रही दहशत
फतेहपुर। माध्यमिक के निदेशक विनय कुमार पांडेय के आने की सूचना पर जिले के परीक्षा केंद्रों में दहशत रही। निदेशक कौशांबी जिले के अझुवा तक आए, लेकिन इसके बाद वापस लौट गए। उनके वापस लौटने की सूचना पर मिलने के बाद कौशांबी की सीमा से जुड़े परीक्षा केंद्रों ने राहत की सांस ली।
कोट
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में पहले दिन की नकल विहीन परीक्षा होने का दावा किया है। बताया कि किसी भी सचलदल और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने किसी केंद्र की निगेटिव रिपोर्टिंग नहीं की है। बताया कि पहले दिन कुछ केंद्रों में कक्ष निरीक्षकों की दिक्कत थी, जो अगले दिन दूर हो जाएगी।
-महेंद्र प्रताप सिंह ( डीआईओएस )
बीएसए का सचलदल, एक सेक्टर मजिस्ट्रेट रहे नदारद
फतेहपुर। पहली पाली में सुबह आठ बजे से हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा की निगरानी के लिए सेक्टर सात में नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट डूडा के परियोजना अधिकारी अजय शुक्ला तहसील दिवस में जाना बताकर निरीक्षण को नहीं निकले। डीआईओएस कार्यालय से सभी छह सचल दलों को निकलना था, लेकिन बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह नदारद रहे। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। सचल दल के सदस्य नौ बजे तक उनका इंतजार करते रहे, लेकिन न आने पर लौट गए। सुरक्षा व्यवस्था न मुहैया होने के कारण राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उदय प्रभात के नेतृत्व वाला सचल दल दो घंटे विलंब से साढे़ आठ बजे निकल पाया।
उधर, वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों के 273 शिक्षकों के कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी ज्वाइन न करने का असर परीक्षा केंद्र में रहा। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में ज्यादातर परीक्षा कक्षों में एक ही कक्ष निरीक्षक से काम चलाया गया। कंट्रोल रूम में कक्ष निरीक्षकों की कमी की शिकायतें दर्ज कराने का सिलसिला जारी रहा। कक्ष निरीक्षकों की कमी दोपहर दो बजे से शुरू हुई दूसरी पाली की परीक्षा में भी दिखाई पड़ी।
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