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मौसम के उतार-चढ़ाव से किसानों की बढ़ी चिंता
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फतेहपुर। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दो दिन से सुबह आसमान में बादल छा जा रहे हैं। रात में रिमझिम बारिश हुई। इस समय राई, सरसों और आलू की फसल तैयार हो गई है। किसान राई, सरसों की कटाई व आलू की खुदाई में लगे हैं। शनिवार की रात बूंदाबांदी के चलते किसान सुबह होते ही खेतों में पहुंच गए और अपनी फसलों को समेटने लगे।
आसमान से गिरती पानी की बूंदे शनिवार की शाम को शुरू हुई और रविवार सुबह तक कई बार रुक-रुक कर गिरीं। एक-एक बूंद किसानों की मुसीबत बढ़ाती रही। बेमौसम बारिश होने को लेकर किसान चिंतित दिखाई दिए। बारिश की वजह से किसान खेतों में दिखाई दिए। राई, सरसों की फसलों को काटने और उसकी ढुलाई में लगे रहे। जिन किसानों को आलू की खुदाई करानी है। उनको भी मौसम के उतार चढ़ाव से चिंता बढ़ गई है। इस बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन ज्यादा बारिश हुई तो चना की फसल खराब हो जाएगी। थरियांव क्षेत्र के अजईपुर गांव में किसान कृष्णपाल सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई शुरू है। बारिश ज्यादा हुई तो आलू खराब हो जाएगा। असोथर क्षेत्र के बौंडर गांव के किसान नीरज कुमार ने बताया कि राई, सरसों की फसल पक गई है। ज्यादा बारिश न हो जाए। इस डर से सुबह ही खेत में फसल की कटाई करने आ गए हैं। राई की फसल को काटने के बाद उसको तुरंत ढुलाई करा रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि सोमवार तक हल्की बारिश होने की संभावना है। जिन किसानों ने राई, सरसों की फसल को काट कर खलिहान में रख दिए हैं। वह उसमें तिरपाल डाल दें, ताकि बूंदाबांदी में भीगने से बचाया जा सके।
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आसमान से गिरती पानी की बूंदे शनिवार की शाम को शुरू हुई और रविवार सुबह तक कई बार रुक-रुक कर गिरीं। एक-एक बूंद किसानों की मुसीबत बढ़ाती रही। बेमौसम बारिश होने को लेकर किसान चिंतित दिखाई दिए। बारिश की वजह से किसान खेतों में दिखाई दिए। राई, सरसों की फसलों को काटने और उसकी ढुलाई में लगे रहे। जिन किसानों को आलू की खुदाई करानी है। उनको भी मौसम के उतार चढ़ाव से चिंता बढ़ गई है। इस बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन ज्यादा बारिश हुई तो चना की फसल खराब हो जाएगी। थरियांव क्षेत्र के अजईपुर गांव में किसान कृष्णपाल सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई शुरू है। बारिश ज्यादा हुई तो आलू खराब हो जाएगा। असोथर क्षेत्र के बौंडर गांव के किसान नीरज कुमार ने बताया कि राई, सरसों की फसल पक गई है। ज्यादा बारिश न हो जाए। इस डर से सुबह ही खेत में फसल की कटाई करने आ गए हैं। राई की फसल को काटने के बाद उसको तुरंत ढुलाई करा रहे हैं।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि सोमवार तक हल्की बारिश होने की संभावना है। जिन किसानों ने राई, सरसों की फसल को काट कर खलिहान में रख दिए हैं। वह उसमें तिरपाल डाल दें, ताकि बूंदाबांदी में भीगने से बचाया जा सके।
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