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Fatehpur News: छह महीने में स्थापित होंगे 34 उद्योग
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- 580 करोड़ का होगा इंवेस्टमेंट
- जमीन तैयार, औद्योगिक इकाई लगाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी समय-सीमा भी तय की जा रही है। पहले चरण में छह महीने में 34 उद्योग स्थापित करना है। उद्योग स्थापित करने में 580 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योग लगने से रोजगार भी बढ़ेंगे।
ग्लोबल इंवेस्टर समिट-2 के बाद उद्योगों को जमीन पर उतारने पर पूरा जोर है। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उद्यमियों के बीच उद्योग लगाने का माहौल बनाया जा रहा है। उद्योग स्थापित करने में आ रही अड़चनों को दूर किया जा रहा है। लोन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उद्योग विभाग के अधिकारी हर उद्यमी से संवाद बनाकर उद्योग स्थापित करने में सहयोग कर रहे हैं। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं।
34 उद्यमियों ने छह महीने में उद्योग स्थापित करने की समय-सीमा तय कर ली है। छह महीने के भीतर लोहे, राइस मिल, डिफेंस सामान, कृषि यंत्र निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, प्लाईवुड समेत कई अन्य इकाइयां संचालित होंगी। इन सभी में 580 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योग स्थापित होने के बाद रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। सभी में अनुभवी व गैर अनुभवी दोनों को रोजगार मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक इन उद्योगों के स्थापित होने से 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि पहले चरण में 34 उद्योगों को छह महीने के भीतर स्थापित करने का लक्ष्य है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उद्यमियों का पूरा सहयोग किया जा रहा है। अन्य उद्योगों को भी जल्दी ही स्थापित किया जाएगा।
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समिट-2 में 25सौ करोड़ के हुए एमओयू
जिले के ग्लोबल इंवेस्टर समिट-2 में 113 उद्यमियों के साथ 2500 करोड़ के एमओयू हुए थे। सभी को जमीन पर उतारने की तैयारी है। जिला प्रशासन व उद्योग विभाग सभी उद्योगों को लगवाने में सफल हुआ, तो जिले में उद्योग लगाने का माहौल बनेगा। उद्योग लगने से उत्पादन, यातायात, रोजगार और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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फोटो-23- औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर बैठक करतीं डीएम श्रुति। संवाद
औद्योगिक क्षेत्र से जलभराव की समस्या होगी समाप्त
- मलवां के आसपास जलभराव के क्षेत्रों को किया चिह्नित
- बारिश से पहले कार्य को पूरा करने की समय सीमा तय
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। औद्योगिक क्षेत्र मलवां के आसपास क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को खत्म किया जाएगा। बारिश से पहले जरूरी निर्माण समेत अन्य कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। डीएम श्रुति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
डीएम ने मलवां के आस-पास के क्षेत्रों में जलभराव की निकासी के संबंध में महात्मा गांधी सभागार में बैठक ली। उन्होंने जलभराव के चिन्हिंत की जानकारी ली। क्षेत्र से जुड़े इटरौरा-पिलखिनी, चक्की, बरौरा, वाहिदपुर, जगन्नाथपुर, सनगाँव, कैंची मोड़ समेत कई अन्य स्थानों में जलभराव की समस्या मिली। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण, पुलिया की साफ-सफाई, नाले का चौड़ीकरण, नाले की खुदाई समेत अन्य जरूरत के अनुसार कार्ययोजना तैयार की जाए। अधिकारी स्थल पर जाकर कार्य प्रारंभ कराएं। डीएम ने सभी कामों को बारिश से पहले हर हाल में पूरा करने का भी निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी विनय कुमार पाठक, सदर एसडीएम अवधेश कुमार निगम, बिन्दकी एसडीएम अंजू वर्मा, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- जमीन तैयार, औद्योगिक इकाई लगाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी समय-सीमा भी तय की जा रही है। पहले चरण में छह महीने में 34 उद्योग स्थापित करना है। उद्योग स्थापित करने में 580 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योग लगने से रोजगार भी बढ़ेंगे।
ग्लोबल इंवेस्टर समिट-2 के बाद उद्योगों को जमीन पर उतारने पर पूरा जोर है। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उद्यमियों के बीच उद्योग लगाने का माहौल बनाया जा रहा है। उद्योग स्थापित करने में आ रही अड़चनों को दूर किया जा रहा है। लोन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उद्योग विभाग के अधिकारी हर उद्यमी से संवाद बनाकर उद्योग स्थापित करने में सहयोग कर रहे हैं। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं।
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34 उद्यमियों ने छह महीने में उद्योग स्थापित करने की समय-सीमा तय कर ली है। छह महीने के भीतर लोहे, राइस मिल, डिफेंस सामान, कृषि यंत्र निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, प्लाईवुड समेत कई अन्य इकाइयां संचालित होंगी। इन सभी में 580 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योग स्थापित होने के बाद रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। सभी में अनुभवी व गैर अनुभवी दोनों को रोजगार मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक इन उद्योगों के स्थापित होने से 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि पहले चरण में 34 उद्योगों को छह महीने के भीतर स्थापित करने का लक्ष्य है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उद्यमियों का पूरा सहयोग किया जा रहा है। अन्य उद्योगों को भी जल्दी ही स्थापित किया जाएगा।
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समिट-2 में 25सौ करोड़ के हुए एमओयू
जिले के ग्लोबल इंवेस्टर समिट-2 में 113 उद्यमियों के साथ 2500 करोड़ के एमओयू हुए थे। सभी को जमीन पर उतारने की तैयारी है। जिला प्रशासन व उद्योग विभाग सभी उद्योगों को लगवाने में सफल हुआ, तो जिले में उद्योग लगाने का माहौल बनेगा। उद्योग लगने से उत्पादन, यातायात, रोजगार और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
फोटो-23- औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर बैठक करतीं डीएम श्रुति। संवाद
औद्योगिक क्षेत्र से जलभराव की समस्या होगी समाप्त
- मलवां के आसपास जलभराव के क्षेत्रों को किया चिह्नित
- बारिश से पहले कार्य को पूरा करने की समय सीमा तय
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। औद्योगिक क्षेत्र मलवां के आसपास क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को खत्म किया जाएगा। बारिश से पहले जरूरी निर्माण समेत अन्य कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। डीएम श्रुति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
डीएम ने मलवां के आस-पास के क्षेत्रों में जलभराव की निकासी के संबंध में महात्मा गांधी सभागार में बैठक ली। उन्होंने जलभराव के चिन्हिंत की जानकारी ली। क्षेत्र से जुड़े इटरौरा-पिलखिनी, चक्की, बरौरा, वाहिदपुर, जगन्नाथपुर, सनगाँव, कैंची मोड़ समेत कई अन्य स्थानों में जलभराव की समस्या मिली। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण, पुलिया की साफ-सफाई, नाले का चौड़ीकरण, नाले की खुदाई समेत अन्य जरूरत के अनुसार कार्ययोजना तैयार की जाए। अधिकारी स्थल पर जाकर कार्य प्रारंभ कराएं। डीएम ने सभी कामों को बारिश से पहले हर हाल में पूरा करने का भी निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी विनय कुमार पाठक, सदर एसडीएम अवधेश कुमार निगम, बिन्दकी एसडीएम अंजू वर्मा, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।