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गोशाला बनने के बाद भी छुट्टा मवेशियों से नहीं मिली राहत
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फतेहपुर। प्रशासन ने गोशाला बनवा कर लोगों को छुट्टा मवेशियों से राहत दिलाने के नाम पर वाहवाही लूट रहा है, लेकिन किसानों की फसलों में छुट्टा मवेशियों का कहर कम नहीं हुआ है। खेतों के अलावा कस्बा व गांव में झुंड बनाकर मवेशी घूम रहे हैं और किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
विजयीपुर ब्लाक के रारी रघुराजराजपुर, गंज, गढ़ा, चंदापुर, किशनपुर, रायपुर भसरौल, नरैनी गांव छुट्टा मवेशियों का आतंक बना हुआ है। छुटा मवेशी दिनभर खेत में खड़ी हरीभरी फसलों को नष्ट करते हैं। शाम होते ही गांव के आसपास व सड़कों में छुंड बनाकर बैठ जाते हैं। इससे राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। चंदापुर के
सत्यप्रकाश ने बताया कि गोशाला बनाने के नाम पर प्रशासन ने सरकारी धन का बंदरबांट किया है। छुट्टा मवेशियों के झुंड अभी कम नहीं हुए हैं। तिरहार क्षेत्र मे चना, अरहर की अधिक फसलें हैं। इस समय फूल, फली लग रही है। यह मवेशी फली और फूल को ही खा जाते हैं। इससे फल नहीं लग पा रहे हैं। रघुराजपुर गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां निकलने का समय है। छुट्टा मवेशी पौधों के ऊपरी हिस्से को खाते हैं। मलांव गांव के किसान पप्पू लोधी ने बताया कि छुट्टा मवेशी झुंड बनाकर रहते हैं। यह एक-दो लोगों को खदेड़ लेते हैं। अब तो हालत ऐसी हो गई है कि मवेशियों को लोगों का डर नहीं है। लोग खुद मवेशियों से डरने लगे हैं। खेत में हांकने के लिए कई लोगों को जाना पड़ता है।
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विजयीपुर ब्लाक के रारी रघुराजराजपुर, गंज, गढ़ा, चंदापुर, किशनपुर, रायपुर भसरौल, नरैनी गांव छुट्टा मवेशियों का आतंक बना हुआ है। छुटा मवेशी दिनभर खेत में खड़ी हरीभरी फसलों को नष्ट करते हैं। शाम होते ही गांव के आसपास व सड़कों में छुंड बनाकर बैठ जाते हैं। इससे राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। चंदापुर के
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सत्यप्रकाश ने बताया कि गोशाला बनाने के नाम पर प्रशासन ने सरकारी धन का बंदरबांट किया है। छुट्टा मवेशियों के झुंड अभी कम नहीं हुए हैं। तिरहार क्षेत्र मे चना, अरहर की अधिक फसलें हैं। इस समय फूल, फली लग रही है। यह मवेशी फली और फूल को ही खा जाते हैं। इससे फल नहीं लग पा रहे हैं। रघुराजपुर गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां निकलने का समय है। छुट्टा मवेशी पौधों के ऊपरी हिस्से को खाते हैं। मलांव गांव के किसान पप्पू लोधी ने बताया कि छुट्टा मवेशी झुंड बनाकर रहते हैं। यह एक-दो लोगों को खदेड़ लेते हैं। अब तो हालत ऐसी हो गई है कि मवेशियों को लोगों का डर नहीं है। लोग खुद मवेशियों से डरने लगे हैं। खेत में हांकने के लिए कई लोगों को जाना पड़ता है।
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