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बीएलओ व आरके निर्वाचन निलंबित
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:14 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खागा (फतेहपुर)। बिना सूची में नाम सभासद के एक प्रत्याशी को चुनाव निशान आवंटित करने के मामले में दो मातहतों पर कार्रवाई की गई है। मतदाता सूची से प्रत्याशी का नाम विलोपित करने वाले बीएलओ व आरके निर्वाचन को मंगलवार निलंबित कर दिया गया। जबकि कानूनगो और तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला वार्ड नंबर 15 चौड़ाखेर अधिकांश से सभासद का चुनाव लड़ रहे सचिन सिंह से जुड़ा था। सचिन का नाम नामांकन के बाद विलोपित कर दिया गया था। अमर उजाला ने प्रशासनिक चूक का यह मामला प्रमुखता से मंगलवार के अंक में छापा था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच में बीएलओ गया राम को निलंबित करने के साथ यही कार्रवाई आरके निर्वाचन भानु प्रताप सिंह पर हुई। एसडीएम ने बताया कि सचिन धूमनगंज वार्ड के रहने वाले हैं।
इनके साथ 162 नामों को विलोपित किया गया था। जिस पर यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा एक कानूनगो व तहसीलदार से इस बड़ी चूक की वजह से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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खागा। सभासद पद के प्रत्याशी का मतदाता सूची में नाम बढ़वाने का मामला मंगलवार को चुनाव आयोग भेजा गया। एसडीएम अमित भट्ट ने बताया प्रशासन स्तर से प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
खागा। सभासद पद से प्रत्याशी सचिन के मामले में आरओ केएन त्रिपाठी का कहना है कि नामांकन पत्र की जांच के बाद विलोपित सूची उपलब्ध कराई गई। प्रत्याशी ने नौ नवंबर को नामांकन कराया था। जिसमें प्रमाणित मतदाता सूची लगाई गई थी। 11 नवंबर को जांच में मतदाता सूची और उन्हें मुहैया कराई गई मतदाता सूची में मिलान के आधार पर नामांकन पत्र को वैध घोषित किया गया। जबकि विलोपन सूची 13 नवंबर को मिल सकी।
-सूची मेें बिना नाम वाले सभासद प्रत्याशी का मामला
-कानूनगो और तहसीलदार से मांगा गया स्पष्टीकरण
खागा (फतेहपुर)। बिना सूची में नाम सभासद के एक प्रत्याशी को चुनाव निशान आवंटित करने के मामले में दो मातहतों पर कार्रवाई की गई है। मतदाता सूची से प्रत्याशी का नाम विलोपित करने वाले बीएलओ व आरके निर्वाचन को मंगलवार निलंबित कर दिया गया। जबकि कानूनगो और तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला वार्ड नंबर 15 चौड़ाखेर अधिकांश से सभासद का चुनाव लड़ रहे सचिन सिंह से जुड़ा था। सचिन का नाम नामांकन के बाद विलोपित कर दिया गया था। अमर उजाला ने प्रशासनिक चूक का यह मामला प्रमुखता से मंगलवार के अंक में छापा था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच में बीएलओ गया राम को निलंबित करने के साथ यही कार्रवाई आरके निर्वाचन भानु प्रताप सिंह पर हुई। एसडीएम ने बताया कि सचिन धूमनगंज वार्ड के रहने वाले हैं।
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इनके साथ 162 नामों को विलोपित किया गया था। जिस पर यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा एक कानूनगो व तहसीलदार से इस बड़ी चूक की वजह से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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खागा। सभासद पद के प्रत्याशी का मतदाता सूची में नाम बढ़वाने का मामला मंगलवार को चुनाव आयोग भेजा गया। एसडीएम अमित भट्ट ने बताया प्रशासन स्तर से प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
खागा। सभासद पद से प्रत्याशी सचिन के मामले में आरओ केएन त्रिपाठी का कहना है कि नामांकन पत्र की जांच के बाद विलोपित सूची उपलब्ध कराई गई। प्रत्याशी ने नौ नवंबर को नामांकन कराया था। जिसमें प्रमाणित मतदाता सूची लगाई गई थी। 11 नवंबर को जांच में मतदाता सूची और उन्हें मुहैया कराई गई मतदाता सूची में मिलान के आधार पर नामांकन पत्र को वैध घोषित किया गया। जबकि विलोपन सूची 13 नवंबर को मिल सकी।
-सूची मेें बिना नाम वाले सभासद प्रत्याशी का मामला
-कानूनगो और तहसीलदार से मांगा गया स्पष्टीकरण