रात भर में 160 मिमी घटी गंगा
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फतेहपुर। एक हफ्ते से धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा ने बीते 24 घंटे में 10 सेमी की उछाल ली। तेज बहाव से तटवर्ती क्षेत्र में कटान होने लगा। इलाकाई लोगों में अपने खेत की फसल और घर दोनों को लेकर चिंता सताने लगी। खतरे का निशान महज 700 मिली मीटर दूर था, पर, रात में राहत भरी खबर आई। गंगा जल की बढ़त न केवल थमी बल्कि 160 मिलीमीटर नीचे हो गई। इस आंकड़े ने अलर्ट किए गए कर्मचारियों और विभाग दोनों को राहत दी है। सोमवार शाम तक लगातार पानी के बढ़ने से लोगों में संशय बना रहा। बाढ़ से जनहानि तो नहीं हो रही थी लेकिन कई गांव के तटवर्ती गांव के किसानों की फसलें डूब चुकी हैं। जिन तटवर्ती गांवों में बाढ़ का असर नहीं है, वहां के लोग भी लगातार जलस्तर बढ़ने से सशंकित दिखे। पानी के तेज बहाव से मिट्टी का कटान हो रहा है। यह अभी भी थमा नहीं है।
इससे तटवर्ती के क्षेत्र के किसानों के खेत गंगा नदी में समाहित हो रहे हैं। गंगा नदी में खतरे का निशान 100.86 मीटर पर है। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर 100.160 मीटर पर रहा। पिछले एक सप्ताह से 24 घंटे में नदी का पानी 100 मिमी यानी 10 सेमी बढ़ा। इधर, रात में भिटौरा मापक यंत्र की देखरेख कर रहे जयचंद ने बताया कि अब राहत भरी खबर है। गंगा का जलस्तर 160 मिमी घट गया है। अगर घटने की रफ्तार ऐसी ही रही तो हालात सामान्य हो जाएंगे। गंगा के तेज कटान से सबसे अधिक कालीकुंडी गांव प्रभावित होता है। इसके अलावा गुनीर, कोटिया, शिवराजपुर, हाजीपुर गंग, आदमपुर, भिटौरा, नौबस्ता, कोतला गांव में तेजी से कटान शुरू है। एडीएम आलोक सिंह ने बताया कि गंगा नदी में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट है। बाढ़ की चपेट से कोई गांव प्रभावित नहीं है। पांडु नदी से कुछ गांव के किसानों की फसलें डूब गई हैं।