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अधूरे टीनशेड व मवेशियों की हालत देख डीएम नाराज
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औंग। डीएम संजीव सिंह ने रविवार को मलवां ब्लाक के गिरधर गोपाल नंदी गोशाला का निरीक्षण किया। गोशाला के अर्द्धनिर्मित टीन शेड को देखकर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने मवेशियों के सेहत के विषय में जानकारी ली और बीमार मवेशियों का इलाज करने के निर्देश दिए।
मलवां ब्लाक के शिवराजपुर गांव में 25 बीघे में गोपाल नंदी गोशाला का मनरेगा से निर्माण कराया गया है। वहां रविवार को दो मवेशी मरे मिले। डीएम ने कहा कि मवेशियों को समुचित चारा की व्यवस्था की जाए। टीनशेड व चारा खिलाने की अधूरी चरही का निर्माण जल्द पूरा कराएं। जो मवेशी बीमार हैं। उनका इलाज कराया जाए। पशु चिकित्साधिकारी अंकुर सचान ने बताया कि 144 गोवंशों का बध्याकरण व टैगिंग किया गया है। बीमार मवेशियों का रोज इलाज किया जाता है। ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने बताया कि गोशाला में 500 मवेशी रखने की क्षमता है। इस समय 680 मवेशी गोशाला में हैं। इसमें 20 क्विंटल भूसा रोज होना चाहिए, लेकिन रोज 10 क्विंटल भूसा मिल पाता है। इस मौके पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन शुक्ला, पशुधन विकास अधिकारी वरुण, लेखपाल अभिषेक गुप्ता, तहसीलदार रमेश श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक इंद्रमोहन भी मौजूद रहे।
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मलवां ब्लाक के शिवराजपुर गांव में 25 बीघे में गोपाल नंदी गोशाला का मनरेगा से निर्माण कराया गया है। वहां रविवार को दो मवेशी मरे मिले। डीएम ने कहा कि मवेशियों को समुचित चारा की व्यवस्था की जाए। टीनशेड व चारा खिलाने की अधूरी चरही का निर्माण जल्द पूरा कराएं। जो मवेशी बीमार हैं। उनका इलाज कराया जाए। पशु चिकित्साधिकारी अंकुर सचान ने बताया कि 144 गोवंशों का बध्याकरण व टैगिंग किया गया है। बीमार मवेशियों का रोज इलाज किया जाता है। ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने बताया कि गोशाला में 500 मवेशी रखने की क्षमता है। इस समय 680 मवेशी गोशाला में हैं। इसमें 20 क्विंटल भूसा रोज होना चाहिए, लेकिन रोज 10 क्विंटल भूसा मिल पाता है। इस मौके पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन शुक्ला, पशुधन विकास अधिकारी वरुण, लेखपाल अभिषेक गुप्ता, तहसीलदार रमेश श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक इंद्रमोहन भी मौजूद रहे।
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