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गेहूं की सिंचाई में किसानों को राहत
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सिंचाई का रोस्टर समाप्त होने बाद नहर में पानी आया है। मंगलवार की रिपोर्ट में 1005 क्यूसेक पानी नहर में पहुंचा। इससे रामगंगा नहर व उसकी शाखाओं में पानी का बहाव तेज हो गया है। सूख रही गेहूं की फसलों को सींचने में किसानों को राहत मिल गई है।
रबी की फसल की सिंचाई का रोस्टर दिसंबर से 19 मार्च तक के लिए बनाया गया था। इस रोस्टर के पानी से कौशांबी जिले तक के किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन गेहूं की पहली सिंचाई से ही नहर में 600-700 क्यूसेक पानी से अधिक नहीं आया है।
19 मार्च को रोस्टर समाप्त होने के बाद नहर में पानी बढ़ गया। 1000 क्यूसेक से अधिक पानी हो गया है। इससे निचली गंगा व रामगंगा नहर की शाखाओं में पानी का बहाव तेज हो गया है।
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मवइया गांव के किसान जयकरन ने बताया कि गेहूं की फसल में अंतिम सिंचाई का समय है। तेज धूप से फसल सूखने लगी थी, लेकिन नहर में पानी आ जाने से सिंचाई का काम शुरू हो गया है। फसलों को राहत मिल गई है।
अभैया लक्ष्मणनपुर गांव के किसान हरिश्चंद्र ने बताया कि गेहूं की आखिरी सिंचाई करने के लिए नहर में भरपूर पानी आ गया है। सिंचाई के साथ तालाब भी भर जाएंगे। इससे गर्मी में पशु-पक्षियों को पानी पीने का आराम हो जाएगा।
अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी में बचत का पानी छोड़ा गया है। इससे फसलों की सिंचाई व तालाब में पानी भरने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद खरीफ का रोस्टर बनेगा, तब पानी छोड़ा जाएगा।
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फतेहपुर। सिंचाई का रोस्टर समाप्त होने बाद नहर में पानी आया है। मंगलवार की रिपोर्ट में 1005 क्यूसेक पानी नहर में पहुंचा। इससे रामगंगा नहर व उसकी शाखाओं में पानी का बहाव तेज हो गया है। सूख रही गेहूं की फसलों को सींचने में किसानों को राहत मिल गई है।
रबी की फसल की सिंचाई का रोस्टर दिसंबर से 19 मार्च तक के लिए बनाया गया था। इस रोस्टर के पानी से कौशांबी जिले तक के किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन गेहूं की पहली सिंचाई से ही नहर में 600-700 क्यूसेक पानी से अधिक नहीं आया है।
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19 मार्च को रोस्टर समाप्त होने के बाद नहर में पानी बढ़ गया। 1000 क्यूसेक से अधिक पानी हो गया है। इससे निचली गंगा व रामगंगा नहर की शाखाओं में पानी का बहाव तेज हो गया है।
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मवइया गांव के किसान जयकरन ने बताया कि गेहूं की फसल में अंतिम सिंचाई का समय है। तेज धूप से फसल सूखने लगी थी, लेकिन नहर में पानी आ जाने से सिंचाई का काम शुरू हो गया है। फसलों को राहत मिल गई है।
अभैया लक्ष्मणनपुर गांव के किसान हरिश्चंद्र ने बताया कि गेहूं की आखिरी सिंचाई करने के लिए नहर में भरपूर पानी आ गया है। सिंचाई के साथ तालाब भी भर जाएंगे। इससे गर्मी में पशु-पक्षियों को पानी पीने का आराम हो जाएगा।
अधिशासी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी में बचत का पानी छोड़ा गया है। इससे फसलों की सिंचाई व तालाब में पानी भरने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद खरीफ का रोस्टर बनेगा, तब पानी छोड़ा जाएगा।