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अमेना झील देखने पहुंचे अफसर
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। बिंदकी तहसील की अमेना झील फिर से पहले की तरह पशु-पक्षी की पनाहगाह बनेगी। देखरेख के अभाव में बेमकसद हुई इस झील को पुनर्जीवित करने के लिए अफसरों ने पहुंच कर संभावनाएं तलाशी। ग्रामीणों से बातचीत कर झील के बाबत जानकारी जुटाई।
अमर उजाला ने 29 दिसंबर के अंक में ‘अमेना झील को मिलेगी संजीवनी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिस पर डीएम कुमार प्रशांत ने जनवरी महीने के पहले सप्ताह मेें झील से जुड़ी रिपोर्ट मांगी थी। गुरुवार को सीडीओ एसपी आनंद ने टीम के साथ इस खास झील को देखा। करीब एक घंटे रुकी प्रशासनिक टीम ने सूख चुकी झील के कारण तलाशे। अतिक्रमण पर भी निगाह रही। हालांकि अफसरों को मौके पर ऐसा कोई अवैध कब्जा नहीं मिल सका।
ग्रामीणों ने बताया कि अर्से पहले गांव वाले झील से अपनी खेती बाड़ी को सींचने का काम करते थे। मवेशियों को इसी झील पर लाकर पानी पिलाया जाता है। इसके सूखने से खेत और मवेशी की प्यास बुझाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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सीडीओ ने बताया कि प्लान तैयार किया जाना है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 52 बीघा की अमेना झील को नया जीवन देने का काम किया जाएगा। झील के इर्द गिर्द बैरिकेडिंग, पौधरोपण के साथ सुंदरीकरण के अन्य जरूरी उपाय किए जाएंगे।
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फतेहपुर। बिंदकी तहसील की अमेना झील फिर से पहले की तरह पशु-पक्षी की पनाहगाह बनेगी। देखरेख के अभाव में बेमकसद हुई इस झील को पुनर्जीवित करने के लिए अफसरों ने पहुंच कर संभावनाएं तलाशी। ग्रामीणों से बातचीत कर झील के बाबत जानकारी जुटाई।
अमर उजाला ने 29 दिसंबर के अंक में ‘अमेना झील को मिलेगी संजीवनी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिस पर डीएम कुमार प्रशांत ने जनवरी महीने के पहले सप्ताह मेें झील से जुड़ी रिपोर्ट मांगी थी। गुरुवार को सीडीओ एसपी आनंद ने टीम के साथ इस खास झील को देखा। करीब एक घंटे रुकी प्रशासनिक टीम ने सूख चुकी झील के कारण तलाशे। अतिक्रमण पर भी निगाह रही। हालांकि अफसरों को मौके पर ऐसा कोई अवैध कब्जा नहीं मिल सका।
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ग्रामीणों ने बताया कि अर्से पहले गांव वाले झील से अपनी खेती बाड़ी को सींचने का काम करते थे। मवेशियों को इसी झील पर लाकर पानी पिलाया जाता है। इसके सूखने से खेत और मवेशी की प्यास बुझाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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सीडीओ ने बताया कि प्लान तैयार किया जाना है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 52 बीघा की अमेना झील को नया जीवन देने का काम किया जाएगा। झील के इर्द गिर्द बैरिकेडिंग, पौधरोपण के साथ सुंदरीकरण के अन्य जरूरी उपाय किए जाएंगे।