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जंगली जानवर वृद्धा का पंजा खा गया
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
किशनपुर(फतेहपुर)। छप्पर के नीचे सो रही वृद्धा को शुक्रवार रात जंगली जानवर घसीट ले गया। चीख पुकार पर परिजन जागे। ग्रामीणाें ने जानवर को दौड़ाया। तब तक जानवर एक हाथ का पंजा निगल चुका था। गंभीर हालत में वृद्धा को जिला अस्पताल से कानपुर हैलट रेफर किया गया। हैलट में इलाज खर्च का इंतजाम न होने पर देर शाम को परिवार उसे लेकर वापस गांव लौटा है। ग्रामीण जानवर को लेकर भयभीत हैं।
किशनपुर थाना क्षेत्र के अगलेहार गांव निवासी रामआसरे ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी मैकी देवी(65) शुक्रवार की रात छप्पर के पुआल के ढेर पर सो रही थी। अचानक चीखने की आवाज सुनकर परिजनों की नींद खुली। परिजन भागकर बाहर आए तो मौके से बीस मीटर दूर जंगली जानवर के मुंह में वृद्धा का हाथ फंसा था। जानवर उसे घसीटकर जंगल की ओर ले जा रहा था। परिवार ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा हुए। किसी तरह से लाठी डंडे से जानवर को भगाया।
इलाके के बीजेपी नेता राजन अवस्थी ने बताया कि हैलट में आपरेशन के लिए 40 हजार का खर्च बताया गया। परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब है। खर्च सुनकर परिवार के होश उड़ गए। डाक्टरों ने उसकी छुट्टी कर दी। उन्होंने बताया कि जानवर के शरीर पर काले रंग की धारियां थी। ग्रामीणों ने ऐसा जानवर पहले कभी नहीं देखा है। उनमें दहशत का माहौल रहा है। ऐसे जानवर की तस्वीरें कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जो जानवर की तरह दिखाई देता है।
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डीएफओ सीपी मलिक ने बताया कि यह हमला सियार उर्फ गीदड़ प्रजाति का हो सकता है। इंसान, जानवर पर चीते का पहला हमला गर्दन में होता है। वह एसडीओ की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराएंगे।
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किशनपुर(फतेहपुर)। छप्पर के नीचे सो रही वृद्धा को शुक्रवार रात जंगली जानवर घसीट ले गया। चीख पुकार पर परिजन जागे। ग्रामीणाें ने जानवर को दौड़ाया। तब तक जानवर एक हाथ का पंजा निगल चुका था। गंभीर हालत में वृद्धा को जिला अस्पताल से कानपुर हैलट रेफर किया गया। हैलट में इलाज खर्च का इंतजाम न होने पर देर शाम को परिवार उसे लेकर वापस गांव लौटा है। ग्रामीण जानवर को लेकर भयभीत हैं।
किशनपुर थाना क्षेत्र के अगलेहार गांव निवासी रामआसरे ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी मैकी देवी(65) शुक्रवार की रात छप्पर के पुआल के ढेर पर सो रही थी। अचानक चीखने की आवाज सुनकर परिजनों की नींद खुली। परिजन भागकर बाहर आए तो मौके से बीस मीटर दूर जंगली जानवर के मुंह में वृद्धा का हाथ फंसा था। जानवर उसे घसीटकर जंगल की ओर ले जा रहा था। परिवार ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा हुए। किसी तरह से लाठी डंडे से जानवर को भगाया।
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इलाके के बीजेपी नेता राजन अवस्थी ने बताया कि हैलट में आपरेशन के लिए 40 हजार का खर्च बताया गया। परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब है। खर्च सुनकर परिवार के होश उड़ गए। डाक्टरों ने उसकी छुट्टी कर दी। उन्होंने बताया कि जानवर के शरीर पर काले रंग की धारियां थी। ग्रामीणों ने ऐसा जानवर पहले कभी नहीं देखा है। उनमें दहशत का माहौल रहा है। ऐसे जानवर की तस्वीरें कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जो जानवर की तरह दिखाई देता है।
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डीएफओ सीपी मलिक ने बताया कि यह हमला सियार उर्फ गीदड़ प्रजाति का हो सकता है। इंसान, जानवर पर चीते का पहला हमला गर्दन में होता है। वह एसडीओ की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराएंगे।