{"_id":"5a68ca5d4f1c1b93268b632f","slug":"101516816989-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब स्वीकृत होते ही खाते में पहुंचेगी रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब स्वीकृत होते ही खाते में पहुंचेगी रकम
Updated Wed, 24 Jan 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अब धनाभाव के चलते पात्रों को अनुदान आधारित प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से महरूम नहीं होना पड़ेगा। शासन ने योजना के लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त की रकम स्वीकृति होने के साथ खाते में पहुंच जाएगी। अभी तक ऐसा नहीं था। पहले लाभार्थी को भवन का फाउंडेशन तैयार कराना जरूरी था। जिसके चलते तमाम आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थी योजना के लिए चयनित होने के बावजूद आवास के लाभ से वंचित हो रहे थे।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत चयनित शहरी को ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है जबकि प्रदेश सरकार शेष वहन करती है। तीन किस्तों में दिए जाने वाले अनुदान में सरकार नींव स्तर तक के निर्माण पर एक लाख रुपये, स्लैब पड़ने पर एक लाख रुपये और भवन निर्माण के बाद 50 हजार रुपये की रकम देती रही है। नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग के प्रमुख सचिव ने अनुदान वितरण की व्यवस्था में बदलाव किया है।
नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी अजय शुक्ला ने बताया कि अब आवास निर्माण की पहली किस्त में 50 हजार रुपये मिलेगा। यह रकम स्वीकृत होते ही लाभार्थी के खाते में पहुंच जाएगी। डेढ़ लाख रुपये की दूसरी किस्त छत पड़ने और 50 हजार रुपये की तीसरी किस्त भवन निर्माण पूरा होने पर मिलेगी। यह अनुदान राशि राज्य शहरी विकास अभिकरण सीधे लाभार्थी के खाते में भेजेगा। इस बदली व्यवस्था से योजना के लिए चिह्नित उन शहरियों को बड़ी राहत मिली है जिनके पास निर्माण शुरू कराने की रकम नहीं होती है। जिले में फिलहाल 5995 शहरी पात्रों का इस अनुदान आधारित योजना में चयन किया जा चुका है। इस संख्या में आगे परिवर्तन भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। अब धनाभाव के चलते पात्रों को अनुदान आधारित प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से महरूम नहीं होना पड़ेगा। शासन ने योजना के लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त की रकम स्वीकृति होने के साथ खाते में पहुंच जाएगी। अभी तक ऐसा नहीं था। पहले लाभार्थी को भवन का फाउंडेशन तैयार कराना जरूरी था। जिसके चलते तमाम आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थी योजना के लिए चयनित होने के बावजूद आवास के लाभ से वंचित हो रहे थे।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत चयनित शहरी को ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है जबकि प्रदेश सरकार शेष वहन करती है। तीन किस्तों में दिए जाने वाले अनुदान में सरकार नींव स्तर तक के निर्माण पर एक लाख रुपये, स्लैब पड़ने पर एक लाख रुपये और भवन निर्माण के बाद 50 हजार रुपये की रकम देती रही है। नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग के प्रमुख सचिव ने अनुदान वितरण की व्यवस्था में बदलाव किया है।
विज्ञापन
नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी अजय शुक्ला ने बताया कि अब आवास निर्माण की पहली किस्त में 50 हजार रुपये मिलेगा। यह रकम स्वीकृत होते ही लाभार्थी के खाते में पहुंच जाएगी। डेढ़ लाख रुपये की दूसरी किस्त छत पड़ने और 50 हजार रुपये की तीसरी किस्त भवन निर्माण पूरा होने पर मिलेगी। यह अनुदान राशि राज्य शहरी विकास अभिकरण सीधे लाभार्थी के खाते में भेजेगा। इस बदली व्यवस्था से योजना के लिए चिह्नित उन शहरियों को बड़ी राहत मिली है जिनके पास निर्माण शुरू कराने की रकम नहीं होती है। जिले में फिलहाल 5995 शहरी पात्रों का इस अनुदान आधारित योजना में चयन किया जा चुका है। इस संख्या में आगे परिवर्तन भी हो सकता है।
विज्ञापन