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गुजरात से लौटने के डेढ़ माह बाद युवक की हालत बिगड़ी
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फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला नुनहाई निवासी दो युवतियां रुद्रपुर से शुक्रवार को लौटी थीं। रविवार शाम को खांसी-जुकाम होने पर मोहल्ले में हड़कंप मच गया। कोरोना संदिग्ध मानकर किसी ने पु्लिस को सूचना दे दी। तिकोना चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी उनके घर पहुंचे तो पिता ने बताया कि दोनों फतेहगढ़ में डाक्टर के यहां दवा लेने गई हैं। इस पर चौकी इंचार्ज ने दोनोें युवतियों की जांच लोहिया में करवाने की बात कहकर उन्हें वापस पहुंचने को कहा है। समाचार लिखे जाने तक युवतियां घर नहीं लौटी थीं।
संवाद न्यूज एजेंसी शमसाबाद के अनुसार, तीन-चार माह गुजरात में काम करके डेढ़ माह पहले घर लौटे एक युवक को बुखार आया और गले से आवाज निकलना बंद हो गई। इससे परेशान परिजन प्रधान के यहां पहुंचे। सूचना के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजन उसे लेकर शहर में प्राइवेट डाक्टर के पास पहुंचे। जहां करीब दो घंटे इलाज के बाद उसे घर वाले वापस ले गए। डाक्टर ने कहा कि घबराने की बात नहीं है। गांव झौवा निवासी 25 वर्षीय युवक तीन-चार माह गुजरात में काम करता रहा। 14 फरवरी को वह घर आया। दो दिन पहले उसे बुखार आने लगा। शनिवार शाम से उसका गला बंद होने लगा, तो परिजन प्रधान देवेंद्र के घर पहुंचे। प्रधान ने एंबुलेंस को सूचना दी, मगर नहीं पहुंची। उन्होंने युवक को अलग कमरे में लिटा दिया। रविवार सुबह बाइक से अस्पताल ले गए। इलाज के बाद लौट आए।
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संवाद न्यूज एजेंसी शमसाबाद के अनुसार, तीन-चार माह गुजरात में काम करके डेढ़ माह पहले घर लौटे एक युवक को बुखार आया और गले से आवाज निकलना बंद हो गई। इससे परेशान परिजन प्रधान के यहां पहुंचे। सूचना के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजन उसे लेकर शहर में प्राइवेट डाक्टर के पास पहुंचे। जहां करीब दो घंटे इलाज के बाद उसे घर वाले वापस ले गए। डाक्टर ने कहा कि घबराने की बात नहीं है। गांव झौवा निवासी 25 वर्षीय युवक तीन-चार माह गुजरात में काम करता रहा। 14 फरवरी को वह घर आया। दो दिन पहले उसे बुखार आने लगा। शनिवार शाम से उसका गला बंद होने लगा, तो परिजन प्रधान देवेंद्र के घर पहुंचे। प्रधान ने एंबुलेंस को सूचना दी, मगर नहीं पहुंची। उन्होंने युवक को अलग कमरे में लिटा दिया। रविवार सुबह बाइक से अस्पताल ले गए। इलाज के बाद लौट आए।
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