{"_id":"5d974d928ebc3e93b65d59d5","slug":"young-man-injured-after-being-buried-in-wall-debris-farrukhabad-news-knp517616660","type":"story","status":"publish","title_hn":"कच्ची दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कच्ची दीवार के मलबे में दबकर घायल हुए युवक की मौत
विज्ञापन
विनोद बाथम का फाइल फोटो।
- फोटो : FARRUKHABAD
पड़ोसी की कच्ची दीवार के मलबे में गुरुवार शाम दब कर घायल हुए युवक की आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। युवक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कान्हेपुर निवासी रामविलास बाथम का पुत्र विनोद कुमार बाथम(30) गुरुवार शाम पड़ोसी जदुनाथ पाल की कच्ची दीवार के पास सटकर बैठा था। चार दिनों की बरसात के बाद गुरुवार को तेज धूप निकली थी। इसके चलते जदुनाथ के मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर पड़ी। विनोद दीवार के मलबे में दब गया।
उसको परिजनों व गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और शहर की आवास विकास कॉलोनी के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां हालत बिगड़ने पर विनोद को आगरा रेफर कर दिया गया। गुरुवार रात परिजन विनोद को आगरा लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही विनोद की मौत हो गई।
विज्ञापन
परिजन शव लेकर गांव आ गए। विनोद अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत पर मां सिया देवी और बहन सरिता रो-रो कर बेहाल हो गई। विनोद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गांव के लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के लोगों को ढांढस बंधा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के गांव कान्हेपुर निवासी रामविलास बाथम का पुत्र विनोद कुमार बाथम(30) गुरुवार शाम पड़ोसी जदुनाथ पाल की कच्ची दीवार के पास सटकर बैठा था। चार दिनों की बरसात के बाद गुरुवार को तेज धूप निकली थी। इसके चलते जदुनाथ के मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर पड़ी। विनोद दीवार के मलबे में दब गया।
विज्ञापन
उसको परिजनों व गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और शहर की आवास विकास कॉलोनी के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां हालत बिगड़ने पर विनोद को आगरा रेफर कर दिया गया। गुरुवार रात परिजन विनोद को आगरा लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही विनोद की मौत हो गई।
विज्ञापन
परिजन शव लेकर गांव आ गए। विनोद अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत पर मां सिया देवी और बहन सरिता रो-रो कर बेहाल हो गई। विनोद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गांव के लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के लोगों को ढांढस बंधा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।