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Farrukhabad News: प्रसव के बाद महिला की मौत, हंगामा
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फोटो-3 गांव गऊ टोला में महिला की मौत से बिलखते परिजन। संवाद
फर्रुखाबाद/कायमगंज। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव गऊटोला निवासी अवकाश कुमार की पत्नी चांदनी (22) की प्रसव के बाद हालत बिगड़ गई। उसे फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
शनिवार दोपहर चांदनी को कायमगंज के पुल गालिब तिराहा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम करीब पांच बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर इलाज में लापरवाही बरती गई। हालत गंभीर देख अस्पताल कर्मियों ने उसे फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चांदनी को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर जाने लगे तो अस्पताल प्रशासन ने पर्चा बनवाने को कहा। इस पर परिजन गुस्सा गए और इमरजेंसी में हंगामा करने लगे। बात बढ़ती देख अस्पताल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। कादरीगेट थाना पुलिस इमरजेंसी पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को हड़काकर इमरजेंसी से बाहर निकाला। पति अवकाश, भाई आकाश और बटाईदार दीपक कुमार से पोस्टमार्टम न कराने की बात लिखवाकर शव ले जाने दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव में काफी देर की गई। उनकी हालत देखकर ऑपरेशन की जरूरत थी, लेकिन लापरवाही के कारण जान चली गई। यह चांदनी का पहला बच्चा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। चांदनी की शादी करीब डेढ़ साल पहले अवकाश से हुई थी।
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नवजात पूरी तरह स्वस्थ
चांदनी की करीब डेढ़ साल पहले अवकाश से शादी हुई थी। उसका मायका एटा जिले के थाना जैथरा के गांव गढि़या थरौली में है। बेटी की मृत्यु की सूचना पर पिता रामसनेही, मां रामादेवी आदि परिजन बेहाल दिखे। पूरी तरह स्वस्थ नवजात को गोद में लिए बुआ सारिका बार-बार उसकी तरफ देखकर रोने लगती थी।
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शनिवार दोपहर चांदनी को कायमगंज के पुल गालिब तिराहा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शाम करीब पांच बजे उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर इलाज में लापरवाही बरती गई। हालत गंभीर देख अस्पताल कर्मियों ने उसे फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चांदनी को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर जाने लगे तो अस्पताल प्रशासन ने पर्चा बनवाने को कहा। इस पर परिजन गुस्सा गए और इमरजेंसी में हंगामा करने लगे। बात बढ़ती देख अस्पताल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। कादरीगेट थाना पुलिस इमरजेंसी पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को हड़काकर इमरजेंसी से बाहर निकाला। पति अवकाश, भाई आकाश और बटाईदार दीपक कुमार से पोस्टमार्टम न कराने की बात लिखवाकर शव ले जाने दिया गया।
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परिजनों का आरोप है कि प्रसव में काफी देर की गई। उनकी हालत देखकर ऑपरेशन की जरूरत थी, लेकिन लापरवाही के कारण जान चली गई। यह चांदनी का पहला बच्चा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। चांदनी की शादी करीब डेढ़ साल पहले अवकाश से हुई थी।
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नवजात पूरी तरह स्वस्थ
चांदनी की करीब डेढ़ साल पहले अवकाश से शादी हुई थी। उसका मायका एटा जिले के थाना जैथरा के गांव गढि़या थरौली में है। बेटी की मृत्यु की सूचना पर पिता रामसनेही, मां रामादेवी आदि परिजन बेहाल दिखे। पूरी तरह स्वस्थ नवजात को गोद में लिए बुआ सारिका बार-बार उसकी तरफ देखकर रोने लगती थी।

फोटो-3 गांव गऊ टोला में महिला की मौत से बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-3 गांव गऊ टोला में महिला की मौत से बिलखते परिजन। संवाद