{"_id":"5fb9442d8ebc3e9b8d708aae","slug":"waterlogging-became-a-problem-in-the-settlement-of-former-mla-farrukhabad-news-knp59547732","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक की बस्ती में जलभराव बना मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक की बस्ती में जलभराव बना मुसीबत
विज्ञापन
नेकपुर चौरासी में मुख्य गली में भरा नाली का गंदा पानी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
‘वह जमाना और था, जब जनता का दुख-दर्द नेता अपना दुख-दर्द समझते थे। आज वक्त बदला, तो नेता भी बदल गए। आज के नेता जनता का इस्तेमाल सिर्फ वोट लेने के लिए करते हैं। सुविधाओं से किसी को कोई लेना देना नहीं है।
वोट लेने नेताजी दरवाजों पर चंद दिनों तक दस्तक देते हैं, इसके बाद उसी जनता को अपनी चौखटों के चक्कर लगवाकर परेशान करते हैं। इसी का नतीजा है कि जनता भी पांच साल बाद नए नेता को सीट पर बैठा देती है।
बावजूद इसके उसे वहीं समस्याओं के बीच रहने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे ही नेताओं की अनदेखी का शिकार है वार्ड 13। पेश है पड़ताल करती रिपोर्ट-’
नगर पालिका परिषद का वार्ड नंबर 13 मुंशी प्रेमचंद्र नगर है। छह मोहल्लों की इस बस्ती में तीन मोहल्लों की सबसे बड़ी समस्या जलभराव है। यहां पूर्व विधायक सुरेश पाल सिंह यादव की कोठी भी है।
विज्ञापन
यहां बारिश तो दूर हर मौसम में कीचड़ से गलियां पटी रहती हैं। इन मोहल्लों का पानी पास हीस्थित काली तलैया में जाता था जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा लोगों ने मिट्टी डाल कर पाट दिया है।
वहीं नेकपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास के तालाब से गंदे पानी की निकासी बंद है। जल निकासी के लिए रेलवे लाइन के नीचे से बनी पुलियों को रेलवे ने बंद कर दिया है। ऐसे में बस्ती के लिए जलभराव की समस्या किसी मुसीबत से कम नहीं है।
वार्ड 13, मुंशी प्रेमचंद्रनगर
मतदाता - 5500
जनसंख्या - 19000
वार्ड के मोहल्ले - केशवनगर, चौरासी, नेकपुर कलां, काली तलैया, टीला मसेनी, बेंदीपुरा, विकासनगर और बढ़पुर की एक-एक गली।
सीमावर्ती मोहल्ले - नरायनपुर, खन्नीनगला, अंबेडकर नगर।
नेकपुर चौरासी के राहुल प्रजापति दुकान पर बैठे थे। बोले, देख लो जलभराव। दोपहर में भी यहां सड़ांध आती है। कोई समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
नेकपुर चौरासी के रतीराम बोले, कौन सुनता है। बस वोट लेने ही आते हैं। बारिश में तो कई-कई घंटे निकलना दूभर हेती है। नाली का जाल कई महीने से टूटा पड़ा है।
काली तलैया के राजीव कुमार बोले, तालाब को डंपर से मिट्टी डलवा कर पाट दिया गया। अब बारिश के दिनों में भीषण जलभराव होता है। सफाई कर्मी कई-कई दिन नहीं आता है।
काली तलैया की गुड्डी देवी बोलीं, घरों में सिर्फ टोंटी लगी हैं। इनमें पानी नहीं आता। गली के नुक्कड़ से पाइप काट दिया गया है। करीब 100 घरों में पानी संकट है।
नेकपुर की उर्मिला बोलीं, तालाब से गंदे पानी की बदबू घरों तक जाती है। कीड़े मकोड़े भी घर में घुसते हैं। मच्छरों से सब परेशान हैं। इस समस्या से कोई निजात नहीं दिला रहा।
रामदेवी बोलीं, तालाब की गंदगी बड़ी समस्या है। प्राइमरी स्कूल में चार-चार फीट पानी भरता है। अबकी वोट मांगने जो आएगा, उसे बताएंगे समस्या।
वार्ड की पहचान - अंग्रेजों के जमाने का भवन
टीला मसेनी से सटी क्रिश्चियन कालोनी में एक प्राचीन इमारत बनी है। यह इमारत अंग्रेजों के जमाने की है। यहां इस समय ईसाई परिवार रहता है। सैकड़ों साल पुरानी यह इमारत अभी भी देखने में शानदार है।
‘रेलवे लाइन जब मीटर गेज थी, तब पांच पुलियां थीं। पूरी बस्ती का पानी उनसे निकल जाता था। ब्रॉडगेज लाइन होने के दौरान ये सभी पुलिया रेलवे ने बंद कर दी।
सांसद से मिलकर पुलिया बनवाने का प्रयास करेंगी। अभी तक उन्होंने सात सड़कों का निर्माण कराया है। जबकि छह सड़कों के टेंडर होने वाले हैं। तीन साल के कार्यकाल में 110 लाइटें लगवाई हैं। जनता उनके दरवाजे नहीं, बल्कि वह खुद और उनका बेटा जनता के पास जाता है।’ - निर्मला कटियार, सभासद, वार्ड नंबर 13
विज्ञापन
वोट लेने नेताजी दरवाजों पर चंद दिनों तक दस्तक देते हैं, इसके बाद उसी जनता को अपनी चौखटों के चक्कर लगवाकर परेशान करते हैं। इसी का नतीजा है कि जनता भी पांच साल बाद नए नेता को सीट पर बैठा देती है।
विज्ञापन
बावजूद इसके उसे वहीं समस्याओं के बीच रहने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे ही नेताओं की अनदेखी का शिकार है वार्ड 13। पेश है पड़ताल करती रिपोर्ट-’
नगर पालिका परिषद का वार्ड नंबर 13 मुंशी प्रेमचंद्र नगर है। छह मोहल्लों की इस बस्ती में तीन मोहल्लों की सबसे बड़ी समस्या जलभराव है। यहां पूर्व विधायक सुरेश पाल सिंह यादव की कोठी भी है।
विज्ञापन
यहां बारिश तो दूर हर मौसम में कीचड़ से गलियां पटी रहती हैं। इन मोहल्लों का पानी पास हीस्थित काली तलैया में जाता था जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा लोगों ने मिट्टी डाल कर पाट दिया है।
वहीं नेकपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास के तालाब से गंदे पानी की निकासी बंद है। जल निकासी के लिए रेलवे लाइन के नीचे से बनी पुलियों को रेलवे ने बंद कर दिया है। ऐसे में बस्ती के लिए जलभराव की समस्या किसी मुसीबत से कम नहीं है।
वार्ड 13, मुंशी प्रेमचंद्रनगर
मतदाता - 5500
जनसंख्या - 19000
वार्ड के मोहल्ले - केशवनगर, चौरासी, नेकपुर कलां, काली तलैया, टीला मसेनी, बेंदीपुरा, विकासनगर और बढ़पुर की एक-एक गली।
सीमावर्ती मोहल्ले - नरायनपुर, खन्नीनगला, अंबेडकर नगर।
नेकपुर चौरासी के राहुल प्रजापति दुकान पर बैठे थे। बोले, देख लो जलभराव। दोपहर में भी यहां सड़ांध आती है। कोई समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
नेकपुर चौरासी के रतीराम बोले, कौन सुनता है। बस वोट लेने ही आते हैं। बारिश में तो कई-कई घंटे निकलना दूभर हेती है। नाली का जाल कई महीने से टूटा पड़ा है।
काली तलैया के राजीव कुमार बोले, तालाब को डंपर से मिट्टी डलवा कर पाट दिया गया। अब बारिश के दिनों में भीषण जलभराव होता है। सफाई कर्मी कई-कई दिन नहीं आता है।
काली तलैया की गुड्डी देवी बोलीं, घरों में सिर्फ टोंटी लगी हैं। इनमें पानी नहीं आता। गली के नुक्कड़ से पाइप काट दिया गया है। करीब 100 घरों में पानी संकट है।
नेकपुर की उर्मिला बोलीं, तालाब से गंदे पानी की बदबू घरों तक जाती है। कीड़े मकोड़े भी घर में घुसते हैं। मच्छरों से सब परेशान हैं। इस समस्या से कोई निजात नहीं दिला रहा।
रामदेवी बोलीं, तालाब की गंदगी बड़ी समस्या है। प्राइमरी स्कूल में चार-चार फीट पानी भरता है। अबकी वोट मांगने जो आएगा, उसे बताएंगे समस्या।
वार्ड की पहचान - अंग्रेजों के जमाने का भवन
टीला मसेनी से सटी क्रिश्चियन कालोनी में एक प्राचीन इमारत बनी है। यह इमारत अंग्रेजों के जमाने की है। यहां इस समय ईसाई परिवार रहता है। सैकड़ों साल पुरानी यह इमारत अभी भी देखने में शानदार है।
‘रेलवे लाइन जब मीटर गेज थी, तब पांच पुलियां थीं। पूरी बस्ती का पानी उनसे निकल जाता था। ब्रॉडगेज लाइन होने के दौरान ये सभी पुलिया रेलवे ने बंद कर दी।
सांसद से मिलकर पुलिया बनवाने का प्रयास करेंगी। अभी तक उन्होंने सात सड़कों का निर्माण कराया है। जबकि छह सड़कों के टेंडर होने वाले हैं। तीन साल के कार्यकाल में 110 लाइटें लगवाई हैं। जनता उनके दरवाजे नहीं, बल्कि वह खुद और उनका बेटा जनता के पास जाता है।’ - निर्मला कटियार, सभासद, वार्ड नंबर 13

नेकपुर ओवर ब्रिज के पास मकानों तक जलभराव। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD