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कागजों में शहर के लोग पी रहे हाइपोक्लोराइड से शुद्ध हुआ पानी

Mon, 15 Jun 2020 09:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 09:45 PM IST
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Water purified with hypochloride in papers
कोतवाली के पीछे लगे नगर पालिका के नलकूप का खराब डोजर दिखाता ऑपरेटर। - फोटो : FARRUKHABAD
कागजों में हाइपोक्लोराइड से शुद्ध हो रहा पानी
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फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद शहरियों को शुद्ध पानी देने के लिए उसमें निर्धारित मात्रा में हाइपोक्लोराइड (क्लोरीन) मिलाता है। इसके लिए नलकूपों में डोजर लगाने की व्यवस्था है, इन दिनों 15 नलकूपों में डोजर नहीं लगे हैं और इतने में ही लगे डोजर लंबे समय से खराब पड़े हैं। इसके बावजूद पालिका के कागजों में हाइपोक्लोराइड की खपत लगातार जारी है।
फतेहगढ़-फर्रुखाबाद युग्म शहर में नगर पालिका के 56 नलकूप लगे हैं। इन नलकूपों से शहरियों को पानी मुहैया होता है। जल का संक्रमण दूर करने को उसमें हाइपोक्लोराइड मिलाने के लिए सभी नलकूपों में डोजर लगाए जाते हैं, मगर 30 ऐसे नलकूप हैं जिनमें डोजर खराब पड़े हैं अथवा लगे ही नहीं हैं। बावजूद इसके पालिका का जलकल विभाग हाइपोक्लोराइड की खरीद निरंतर कर रहा है।
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अगस्त 2019 और मार्च 2020 में पांच-पांच हजार लीटर हाइपोक्लोराइड की खरीद हुई। इसके बाद तीन-तीन हजार लीटर दो बार में फिर खरीद की गई। अब 10 हजार लीटर हाइपोक्लोराइड खरीदने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर भी निकाले जा चुके हैं। नगर पालिका ने अभी तक खरीद 32 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से की है।
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जलकल के तकनीकी कर्मचारी बताते हैं कि प्रति नलकूप में रोजाना पांच लीटर हाइपोक्लोराइड की खपत होती है जबकि रोज 280 लीटर की खपत दिखाई जा रही है। ये स्थिति तब है जब डोजर काम नहीं कर रहे हैं। साफ है कि खपत कागजों में ही चल रही है।
सैनिटाइजेशन के नाम पर भी खेल
कोरोना संक्रमण केस आने से नगर पालिका बाजारों और कंटेनमेंट क्षेत्रों को सैनिटाइज करा रही है। इसमें रोज 100 लीटर हाइपोक्लोराइड की खपत दिखाई जा रही है। जबकि सैनिटाइजेशन में काफी कम अनुपात में हाइपोक्लोराइड मिलाई जाती है।
स्टोर में मिला था छह साल पुराना हाइपोक्लोराइड
तीन-चार माह पहले पालिका के स्टोर की सफाई की गई। इस दौरान उसमें कई ड्रम हाइपोक्लोराइड से भरे हुए मिले थे। इनकी खरीद छह साल पहले हुई थी और एक्सपायर भी हो चुके थे। मगर इस लिक्विड को यह मानकर खपा दिया गया कि इसकी ग्रेविटी में कमी आई है, न की पूरी तरह खराब हो गया है।

वर्जन
‘कुछ नलकूपों के डोजर की मरम्मत हो गई है, कुछ के प्रक्रिया में हैं। जिन नलकूपों में डोजर नहीं लगे हैं, उनका टेंडर हो चुका है। लॉकडाउन में सामान आने में दिक्कत थी। अब शीघ्र लगवाएंगे। हाइपोक्लोराइड खरीद में कोई गड़बड़ी नहीं की जा रही है।’ -गौरव मिश्रा, जेई, जलकल नगर पालिका परिषद
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