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गंगा का जलस्तर फिर चेतावनी बिंदु पर
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गांव रामपुर में पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। गंगा का का जलस्तर गुरुवार को फिर चेतावनी बिंदु पर पहुंच गया है। इससे क्षेत्र के छह गांवों में पानी घुस गया है। यहां के लोगों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। तीन बार पहले ही खेतों पानी भरने से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। गन्ना की कुछ फसल बची थी वह अब चौथी बार पानी भरने से बर्बाद हो जाएगी। तीन गांवों में कटान भी हो रहा है।
पहाड़ों पर हो बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से गुरुवार को गंगा का जलस्तर 136.55 से बढ़कर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पहुंच गया है। इससे गंगा के किनारे के गांव करनपुर घाट, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, लायकपुर गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसके चलते यहां के लोगों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं।
ग्रामीणों को आवागमन में फिर दिक्कत हो रही है। ग्रामीण मंजीत कुमार, विपिन, अवधेश, रामफल, नरेंद्र कुमार, अतर सिंह का कहना है कि इस सीजन में तीन बार गंगा का पानी गांव तक आने से खेतों में खड़ी धान उर्द, मूंग, तिल व गन्ना की फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं। कुछ गन्ना की फसल बची हुई है। वह इस बार पानी भरने से नहीं बच पाएगी। काम न मिलने से रोजी-रोटी का भी संकट है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। गंगा की तेज धार के चलते हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, करनपुर घाट में कटान तेजी से होने लगा है। रामगंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई है।
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रामगंगा का जलस्तर 134.50 से घटकर 134.45 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली, रामनगर से 2 हजार 8 सौ 39 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में नरौरा बांध से एक लाख तीन हजार आठ सौ 32 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार को जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। गंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 और खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
कमालगंज। गांव कल्लूनगला व धारानगला का गंगा की कटान में अस्तित्व समाप्त होने के बाद अब जंजालीनगला गांव की ओर कटान का रुख हो गया है। अब तक चार हजार बीघा जमीन कट चुकी है। मकानों के साथ ही पंचायत घर, सामुदायिक शौचालय व मकानों पर खतरा हो गया है। गांव के प्राचीन शिव मंदिर से करीब पांच मीटर दूर तक धार आ गई है।वर्ष 2019-20 में जब बहोरन टप्पा हवेली ग्राम पंचायत के गांव जंजालीनगला में नवीन पंचायत घर व सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था तो वहां से गंगा की धारा डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूर थी। लेकिन बाढ़ के बाद पानी घटने पर कटान का रुख गांव की ओर होने से धार अब गांव के नजदीक आ गई है।
ग्राम प्रधान रामा देवी, पूर्व प्रधान प्रमोद यादव ने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर समस्या बताई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों की अब तक 4 हजार बीघा जमीन गंगा की कटान में कट चुकी है। करीब 19 लाख की लागत से बनवाए गए पंचायत घर व सामुदायिक शौचालय से 20 मीटर की दूरी पर गंगा की धार पहुंच गई है। गांव के 66 परिवारों के मकानों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। प्रधान ने गंगा की धार मोड़ने के लिए बांध बनवाए जाने की मांग की है। कटान से बेघर हुए लोगों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।
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पहाड़ों पर हो बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से गुरुवार को गंगा का जलस्तर 136.55 से बढ़कर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पहुंच गया है। इससे गंगा के किनारे के गांव करनपुर घाट, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, लायकपुर गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसके चलते यहां के लोगों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं।
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ग्रामीणों को आवागमन में फिर दिक्कत हो रही है। ग्रामीण मंजीत कुमार, विपिन, अवधेश, रामफल, नरेंद्र कुमार, अतर सिंह का कहना है कि इस सीजन में तीन बार गंगा का पानी गांव तक आने से खेतों में खड़ी धान उर्द, मूंग, तिल व गन्ना की फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं। कुछ गन्ना की फसल बची हुई है। वह इस बार पानी भरने से नहीं बच पाएगी। काम न मिलने से रोजी-रोटी का भी संकट है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। गंगा की तेज धार के चलते हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, करनपुर घाट में कटान तेजी से होने लगा है। रामगंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई है।
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रामगंगा का जलस्तर 134.50 से घटकर 134.45 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली, रामनगर से 2 हजार 8 सौ 39 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में नरौरा बांध से एक लाख तीन हजार आठ सौ 32 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार को जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। गंगा में चेतावनी बिंदु 136.60 और खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
कमालगंज। गांव कल्लूनगला व धारानगला का गंगा की कटान में अस्तित्व समाप्त होने के बाद अब जंजालीनगला गांव की ओर कटान का रुख हो गया है। अब तक चार हजार बीघा जमीन कट चुकी है। मकानों के साथ ही पंचायत घर, सामुदायिक शौचालय व मकानों पर खतरा हो गया है। गांव के प्राचीन शिव मंदिर से करीब पांच मीटर दूर तक धार आ गई है।वर्ष 2019-20 में जब बहोरन टप्पा हवेली ग्राम पंचायत के गांव जंजालीनगला में नवीन पंचायत घर व सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था तो वहां से गंगा की धारा डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूर थी। लेकिन बाढ़ के बाद पानी घटने पर कटान का रुख गांव की ओर होने से धार अब गांव के नजदीक आ गई है।
ग्राम प्रधान रामा देवी, पूर्व प्रधान प्रमोद यादव ने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर समस्या बताई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों की अब तक 4 हजार बीघा जमीन गंगा की कटान में कट चुकी है। करीब 19 लाख की लागत से बनवाए गए पंचायत घर व सामुदायिक शौचालय से 20 मीटर की दूरी पर गंगा की धार पहुंच गई है। गांव के 66 परिवारों के मकानों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। प्रधान ने गंगा की धार मोड़ने के लिए बांध बनवाए जाने की मांग की है। कटान से बेघर हुए लोगों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।