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ग्लूकोज की बोतल थाम खुद वार्ड में पहुंचे
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:24 PM IST
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डा. राममनोहर लोहिया के नाम पर बना अस्पताल मरीजों को मुंह चिढ़ा रहा है।
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अस्पताल की हालत देखकर आने वाले मरीज कहते हैं कि सपा सरकार में अस्पताल का
जब यह हाल है तो दूसरे दलों की सरकारों में यहां क्या होगा। शुक्रवार को
आवास विकास स्थित लोहिया अस्पताल का हाल बेहाल दिखा। कहीं कर्मचारी मस्ती
मारते दिखे तो कहीं अस्पताल के रास्तों में
शौचालय का पानी बहता दिखा। फतेहगढ़ के गांव महरूपुर सहजू से दो परिवार के 9 लोग फूड प्वायजनिंग से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हुए। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने के बाद इनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद इनको वार्डों में शिफ्ट किया जाना था। अस्पताल के कर्मचारियों ने इन मरीजों को ग्लूकोज की बोतल हाथ में थमा दी। कर्मचारी खुद गाइड बन
गया। अस्पताल की ओपीडी के शौचालय से ओवरफ्लो होकर गंदा पानी रास्ते में भर गया। ओपीडी से इमरजेंसी जाने, एक्सरे करवाने के लिए जाने वालें मरीजों को इससे दिक्कत उठानी पड़ी। उपचार करवाने आए मरीज कपडे़ समेटकर गंदे पानी से निकलते रहे। अस्पताल में तैनात कर्मचारी समस्या से बेपरवाह बने रहे। सीएमएस डा. रतन कुमार ने बताया कि अस्पताल का शौचालय ठीक करवाया जाएगा।
शौचालय का पानी बहता दिखा। फतेहगढ़ के गांव महरूपुर सहजू से दो परिवार के 9 लोग फूड प्वायजनिंग से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हुए। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने के बाद इनका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद इनको वार्डों में शिफ्ट किया जाना था। अस्पताल के कर्मचारियों ने इन मरीजों को ग्लूकोज की बोतल हाथ में थमा दी। कर्मचारी खुद गाइड बन
गया। अस्पताल की ओपीडी के शौचालय से ओवरफ्लो होकर गंदा पानी रास्ते में भर गया। ओपीडी से इमरजेंसी जाने, एक्सरे करवाने के लिए जाने वालें मरीजों को इससे दिक्कत उठानी पड़ी। उपचार करवाने आए मरीज कपडे़ समेटकर गंदे पानी से निकलते रहे। अस्पताल में तैनात कर्मचारी समस्या से बेपरवाह बने रहे। सीएमएस डा. रतन कुमार ने बताया कि अस्पताल का शौचालय ठीक करवाया जाएगा।