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Farrukhabad News: संगत से गुण हैं उपजें, संगत से गिर जाएं
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कमालगंज। गंगा गली हनुमान मंदिर के निकट गढ़िया में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के षष्ठम दिवस गोवर्धन पूजा व कंस वध कथा में प्रभु लीला का गुणगान हुआ। इस दौरान भक्ति के साथ समाजिकता, अच्छे संस्कारों व प्रेरक प्रसंगों की भी धारा बही।
बृज क्षेत्र के कथा वाचक हरिदास चंदन पाराशर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला के माध्यम से प्रकृति एवं गो-संरक्षण का संदेश दिया। वहीं कंस वध प्रसंग से अधर्म पर धर्म की विजय का महत्व दर्शाया। उन्होंने श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, गो-सेवा, प्रकृति और धर्म-रक्षा करने का आह्वान किया। संगत से गुण उपजें, संगत से गिर जाएं गीत के द्वारा खराब लोगों की मित्रता से बचने और अच्छे लोगों से मेल रखने पर बल दिया। चाहे कितना भी प्यारा बेटा हो, उसे सिर पर बिठाना न चाहिए... गीत से बच्चों की खराब आदतों को नजरअंदाज न करने पर जोर दिया। इससे पहले वृंदावन के आचार्य मधुरानंद गिरि ने हवन-पूजन अनुष्ठान कराया। परीक्षित जानकी प्रसाद व मिथलेश, राधे सिंह, लक्ष्मण सिंह, रामकिशोर मिश्रा, रमेश सिंह, सुनील, भूरे सिंह, सुरेश, प्रांशु, पप्पू, मुकेश सदन सिंह, समरपाल आदि भी रहे।
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बृज क्षेत्र के कथा वाचक हरिदास चंदन पाराशर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला के माध्यम से प्रकृति एवं गो-संरक्षण का संदेश दिया। वहीं कंस वध प्रसंग से अधर्म पर धर्म की विजय का महत्व दर्शाया। उन्होंने श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, गो-सेवा, प्रकृति और धर्म-रक्षा करने का आह्वान किया। संगत से गुण उपजें, संगत से गिर जाएं गीत के द्वारा खराब लोगों की मित्रता से बचने और अच्छे लोगों से मेल रखने पर बल दिया। चाहे कितना भी प्यारा बेटा हो, उसे सिर पर बिठाना न चाहिए... गीत से बच्चों की खराब आदतों को नजरअंदाज न करने पर जोर दिया। इससे पहले वृंदावन के आचार्य मधुरानंद गिरि ने हवन-पूजन अनुष्ठान कराया। परीक्षित जानकी प्रसाद व मिथलेश, राधे सिंह, लक्ष्मण सिंह, रामकिशोर मिश्रा, रमेश सिंह, सुनील, भूरे सिंह, सुरेश, प्रांशु, पप्पू, मुकेश सदन सिंह, समरपाल आदि भी रहे।
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