फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   virodh pradersan,gherav,farrukhabad news,sansad,master plan

मास्टर प्लान के विरोध में सांसद का आवास घेरा

Thu, 23 Jun 2022 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
virodh pradersan,gherav,farrukhabad news,sansad,master plan
शहर की ठंडी सड़क स्थित भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के आवास पर प्रदर्शन करते लोग। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। मास्टर प्लान में हाईवे की चौड़ाई 60 मीटर करने के विरोध में लोगों ने गुरुवार को सांसद का आवास घेर लिया। आधा घंटा तक सांसद के न आने पर भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। सांसद के निजी सचिव ने जब विरोध किया तो भीड़ की उनसे जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। सांसद ने जब लोगों की बात सुनकर ज्ञापन लिया, तब मामला शांत हुआ।
विज्ञापन

शहर में प्रस्तावित 2031 के मास्टर प्लान में इटावा-बरेली हाईवे की चौड़ाई 60 मीटर रखी गई है। इस पर पांचालघाट से लेकर सेंट्रल जेल चौराहे तक करीब पांच किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को आपत्ति है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय धर्म प्रसार प्रमुख पूर्व सैनिक दिनेश सिंह तोमर के नेतृत्व में करीब 70 लोगों ने सुबह 9:30 बजे आईटीआई चौराहा के पास स्थित भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के आवास का घेराव किया।
विज्ञापन

सांसद को ज्ञापन देने मांग की। आधा घंटे इंतजार के बाद भी जब सांसद नहीं आए तो भीड़ बाहर आओ के नारे लगाने लगी। इस पर सांसद के निजी सचिव अनूप मिश्रा ने नारे लगा रहे लोगों को फटकार लगा दी। इसी पर बात बिगड़ गई और जमकर नोकझोंक होने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुस्साए कुछ युवकों ने निजी सचिव से धक्का-मुक्की कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। बात बिगड़ते देख करीब 10 बजे सांसद पहुंचे और ज्ञापन लिया। लोगों को समस्या निस्तारित कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
आठ बिंदुओं पर जताई आपत्ति
ज्ञापन में कहा गया है कि नक्शे में हाईवे की चौड़ाई 110 फीट (करीब 33 मीटर) है। वर्ष 1981 से अब तक रजिस्ट्रार कार्यालय में इसी आधार पर बैनामा होता है। भौगोलिक स्थिति पर बना मास्टर प्लान का नक्शा निराधार है। सघन आबादी वाले क्षेत्र में पार्क, सीवेज ट्रीटमेंट सेंटर व कृषि भूमि दिखाई गई है। यह भी कहा कि सड़क किनारे रिटायर्ड सैनिक, बाढ़ पीड़ित निचले तबके के लोग रहते हैं, जो बेघर हो जाएंगे।
मास्टर प्लान का नक्शा कल्याणकारी नहीं है। इससे लोग दहशत में हैं। मार्च में पीडब्ल्यूडी ने बीच सड़क से दोनों ओर 50-50 फीट पर चिह्नांकन किया था, यदि यह चिह्नांकन गलत है तो जनता के साथ अन्याय होगा। लोगों ने मास्टर प्लान का नक्शा निरस्त करने की मांग की है।

यह दिए गए सुझाव
सांसद को दिए गए ज्ञापन में लोगों ने शहर में जाम से निजात के लिए सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने बाईपास रोड बनाने, भीड़ वाले क्षेत्र को नो इंट्री जोन घोषित करने, सड़क पर डिवाइडर लगाने, चौराहों पर सिग्नल लाइट लगाने, स्पीड ब्रेकर की जगह सिग्नल लाइट लगाने, टेंपो व ई-रिक्शा का मार्ग तय करने आदि सुझाव दिए हैं। ज्ञापन पर बृजश्याम सिंह, सुशील कुमार, भगवान स्वरूप, विकास चंद्र, बृजेश कुमार, मनोज सिंह सहित 100 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed