फर्रुखाबाद। वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस व महिला आयोग ने जब छापेमारी की थी तो विदेशी महिलाएं भी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आध्यत्मिक विश्वविद्यालय में विदेशी महिलाएं पकड़ी गई थीं। छापेमारी के दौरान आश्रम से अश्लील वीडियो व किताबें निकली थीं। दिल्ली पुलिस ने छानबीन के दौरान खुलासा किया था कि बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित ने 16 हजार महिलाओं से संबंध बनाने का लक्ष्य रखा था।
दिल्ली के रोहिणी थाने में नाबालिग संवासिनी के साथ यौन उत्पीड़न के दर्ज हुए मुकदमे के बाद बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर पांच लाख का ईनाम रखा गया। सीबीआई भी बाबा की तलाश में लगी थी। पांच दिन पहले बाबा के भांजे ह्रदेश पांडेय निवासी मोहल्ला दुबे थाना शमसाबाद ने बाबा की हत्या किए जाने में बाबा के 14 नामजद व 15-20 अज्ञात अनुयायियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से यह मामला फिर गरमा गया है। बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के बारे में बताया जाता है कि वर्ष 2017 में दिल्ली स्थित आश्रम में छापेमारी के दौरान संवासनियों ने बाबा पर दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस व महिला आयोग ने फर्रुखाबाद के मोहल्ला सिकत्तरबाग व कंपिल स्थित आश्रम में छापेमारी की थी। कंपिल में तीन नेपाली महिलाओं समेत 30 संवासनियों को पकड़ा गया था। उस दौरान कोलकाता की एक लड़की के पिता ने बाबा वीरेंद्र देव पर पुत्री का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उस दौरान के एसपी रहे मृगेंद्र सिंह ने बताया था कि वर्ष 1998 में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के ऊपर कंपिल थाने में यौन उत्पीडन व अन्य संगीन धाराओं में सात मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस को आश्रम से अश्लील वीडियो, किताबें व आपत्तिजनक दवाइयां मिली थीं। पुलिस ने बताया था कि आश्रम में हलफनामा भी मिले, जिसमें अभिभावकों द्वारा अपनी बच्चियों को समर्पित करने की बात लिखी थी। पुलिस ने दावा किया था कि छानबीन के दौरान जो सुबूत मिले, उसमें बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का लक्ष्य 16 हजार महिलाओं से संबंध बनाने का लक्ष्य था। वह खुद को कृष्ण बताता था और संवासनियों को गोपियां। नशा कर वह लड़कियों से संबंध बनाता था।