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नगर निकायों के विस्तार से प्रभावित ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन
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ग्राम पंचायतों व राजस्व गांवों का होगा पुनर्गठन
फर्रुखाबाद। पिछले पांच वर्षों में नई नगर पंचायत बनाए जाने व नगरपालिका के विस्तार से प्रभावित ग्राम पंचायतों व राजस्व गांवों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके लिए शासन से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
कस्बा नवाबगंज को हाल ही में नगर पंचायत बनाने के साथ इसमें छह ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने के लिए 44 ग्राम पंचायतों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे आदेश में कहा कि वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव के बाद नगर पंचायत, नगरपालिका व नगर निगम के सृजन व सीमा विस्तार से ग्राम पंचायतें प्रभावित हुईं हैं। 1000 जनसंख्या से कम वाली ग्राम पंचायतों या राजस्व गांव को निकटवर्ती ग्राम पंचायतों में शामिल किया जाएगा।
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शर्त यह है कि अधिक जनसंख्या वाले गांव के नाम से ही ग्रामसभा होगी। पुनर्गठन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी सदस्य होंगे, जबकि डीपीआरओ को सदस्य व सचिव बनाया जाएगा।
ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए प्रतिबंध यह है कि किसी राजस्व ग्राम या उसके मजरे को पंचायत क्षेत्र की घोषणा के प्रयोजनों के लिए विभाजित नहीं किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि यदि ग्राम पंचायत का कुछ हिस्सा नगरीय क्षेत्र में जाने के बाद भी जनसंख्या 1000 है तो वह ग्राम पंचायत बनी रहेगी। प्रमुख सचिव ने डीएम व डीपीआरओ को ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन कर 11 नवंबर तक पंचायती राज निदेशालय को रिपोर्ट रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
नवाबगंज को इसी साल मिला है ग्राम पंचायत का दर्जा
फर्रुखाबाद। कस्बा नवाबगंज को इसी साल नगर पंचायत का दर्जा मिला है। इससे कुछ ग्राम पंचायतों को मार्च के बाद से बजट नहीं मिला। इससे यहां विकास के काम ठप हैं। इन ग्राम पंचायतों का नए सिरे से गठन किए जाने के निर्देश शासन ने दिए हैं।
नवाबगंज नगर पंचायत में गनीपुर जोगपुर, सिरमौरा बांगर, रायपुर, बरतल, सिकंदरपुर नहरौसा, चंदनी गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों के कुछ हिस्से अभी ग्राम पंचायतों में ही हैं। सितंबर तक ग्राम पंचायतें प्रभावी रहीं, लेकिन मार्च के बाद इन्हें कोई बजट नहीं मिला। इससे सभी विकास कार्य ठप रहे।
इसके चलते टूटी सड़कों पर नालियों के पानी का निकास न होने से अक्सर जलभराव रहता है। बारिश में हालात और बदतर हो जाते हैं। अब नगर पंचायत का प्रभार ईओ शमसाबाद के पास है। बोर्ड का गठन होने से खाता संचालन के लिए एसडीएम कायमगंज को प्रशासक नियुक्त किया गया है। हालांकि ग्राम पंचायत व नगरपंचायत के पेच में कस्बे के विकास का पहिया अभी थमा है।
नगरपालिका में 44 गांव शामिल करने का प्रस्ताव
नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने के लिए बढ़पुर ब्लाक के 44 गांव शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है। शहर की निकटवर्ती ग्राम पंचायत अमेठी कोहना, अमेठी जदीद, मसेनी, सोताबहादुरपुर, बरौन, धन्सुआ, बुढ़नामऊ, कुटरा, चांदपुर, खानपुर, याकूतगंज, निनौआ, नरायनपुर, महरूपुर सहजू, गढ़िया ढिलावल, सातनपुर पट्टिया आदि 44 गांव नगरपालिका में शामिल होने से पांच लाख से अधिक आबादी होने से ये नगर निगम बन जाएगी।
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फर्रुखाबाद। पिछले पांच वर्षों में नई नगर पंचायत बनाए जाने व नगरपालिका के विस्तार से प्रभावित ग्राम पंचायतों व राजस्व गांवों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके लिए शासन से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
कस्बा नवाबगंज को हाल ही में नगर पंचायत बनाने के साथ इसमें छह ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने के लिए 44 ग्राम पंचायतों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे आदेश में कहा कि वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव के बाद नगर पंचायत, नगरपालिका व नगर निगम के सृजन व सीमा विस्तार से ग्राम पंचायतें प्रभावित हुईं हैं। 1000 जनसंख्या से कम वाली ग्राम पंचायतों या राजस्व गांव को निकटवर्ती ग्राम पंचायतों में शामिल किया जाएगा।
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शर्त यह है कि अधिक जनसंख्या वाले गांव के नाम से ही ग्रामसभा होगी। पुनर्गठन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी सदस्य होंगे, जबकि डीपीआरओ को सदस्य व सचिव बनाया जाएगा।
ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए प्रतिबंध यह है कि किसी राजस्व ग्राम या उसके मजरे को पंचायत क्षेत्र की घोषणा के प्रयोजनों के लिए विभाजित नहीं किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि यदि ग्राम पंचायत का कुछ हिस्सा नगरीय क्षेत्र में जाने के बाद भी जनसंख्या 1000 है तो वह ग्राम पंचायत बनी रहेगी। प्रमुख सचिव ने डीएम व डीपीआरओ को ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन कर 11 नवंबर तक पंचायती राज निदेशालय को रिपोर्ट रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
नवाबगंज को इसी साल मिला है ग्राम पंचायत का दर्जा
फर्रुखाबाद। कस्बा नवाबगंज को इसी साल नगर पंचायत का दर्जा मिला है। इससे कुछ ग्राम पंचायतों को मार्च के बाद से बजट नहीं मिला। इससे यहां विकास के काम ठप हैं। इन ग्राम पंचायतों का नए सिरे से गठन किए जाने के निर्देश शासन ने दिए हैं।
नवाबगंज नगर पंचायत में गनीपुर जोगपुर, सिरमौरा बांगर, रायपुर, बरतल, सिकंदरपुर नहरौसा, चंदनी गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों के कुछ हिस्से अभी ग्राम पंचायतों में ही हैं। सितंबर तक ग्राम पंचायतें प्रभावी रहीं, लेकिन मार्च के बाद इन्हें कोई बजट नहीं मिला। इससे सभी विकास कार्य ठप रहे।
इसके चलते टूटी सड़कों पर नालियों के पानी का निकास न होने से अक्सर जलभराव रहता है। बारिश में हालात और बदतर हो जाते हैं। अब नगर पंचायत का प्रभार ईओ शमसाबाद के पास है। बोर्ड का गठन होने से खाता संचालन के लिए एसडीएम कायमगंज को प्रशासक नियुक्त किया गया है। हालांकि ग्राम पंचायत व नगरपंचायत के पेच में कस्बे के विकास का पहिया अभी थमा है।
नगरपालिका में 44 गांव शामिल करने का प्रस्ताव
नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने के लिए बढ़पुर ब्लाक के 44 गांव शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है। शहर की निकटवर्ती ग्राम पंचायत अमेठी कोहना, अमेठी जदीद, मसेनी, सोताबहादुरपुर, बरौन, धन्सुआ, बुढ़नामऊ, कुटरा, चांदपुर, खानपुर, याकूतगंज, निनौआ, नरायनपुर, महरूपुर सहजू, गढ़िया ढिलावल, सातनपुर पट्टिया आदि 44 गांव नगरपालिका में शामिल होने से पांच लाख से अधिक आबादी होने से ये नगर निगम बन जाएगी।