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वैष्णव संतों के हरि कीर्तन से गूंजा मेला क्षेत्र
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 30 Jan 2015 11:32 PM IST
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पतित पावनी गंगा के तट पर लगी रामनगरिया में शिव व गंगा भक्तों का नजारा
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प्रतिदिन अलग ही देखने को मिलता रहा है। शुक्रवार को एकादशी पर वैष्णव
संप्रदाय के संतों के हरि कीर्तन से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। अखिल
भारतीय पंच रामानंदी निर्मोही अनी अखाड़ा की ओर से निकली शोभायात्रा में
विभिन्न संप्रदायों के संतों ने भाग लिया। शोभायात्रा में सैकड़ों संतों ने
हरिनाम कीर्तन किया।
इसमें कल्पवासी व गंगा स्नानार्थी भी शामिल रहे। वैष्णवों के भंडारे में फलाहारी व कुटू का ही सेवन किया गया। वहीं प्रशासनिक पांडाल में कृषि गोष्ठी एवं ऋण वितरण का आयोजन किया गया। मेला क्षेत्र में खिली धूप का आनंद लेते हुए लोगों ने मेले का लुत्फ उठाने के साथ जमकर खरीददारी भी की। यहां लगे सर्कस, जादू, झूलों पर जमकर भीड़ उमड़ी। खोया-पाया शिविर भी लगाया गया।
संतों ने निकाली शोभायात्रा
अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्मोही अनी अखाड़ा की ओर से शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें विष्णु स्वामी, बल्लभाचार्य, निर्वामाचार्य, माधवाचार्य संप्रदाय के महंत नरायनदास, बालकदास, सतीशदास, गोपालदास, मनोहरदास, जगदीशदास, विष्णुदास, रामदास, लक्ष्मणदास, भरतदास, श्यामकिशोर दास समेत सैकड़ों वैष्णव भक्त शामिल रहे। शोभायात्रा प्रथम सीढ़ी से प्रारंभ होकर द्वितीय, तृतीय सीढ़ी होते हुए रामनगरिया क्षेत्र पहुंची। यहां लोगों ने शोभायात्रा में चल रहे साधुसंतों का मार्ल्यापण कर स्वागत किया। कासगंज बाबा आश्रम में संतों को फलाहार भंडारा कराया गया।
करतब दिखाते साधुसंत
शोभायात्रा के दौरान संतों ने तलवार बाजी, भालाबाजी, मुगदरबाजी समेत कई अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया। इस दौरान संतों ने तलवारबाजी के जौहर दिखाए। इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
चरित्र के प्रति रहें जागरूक
कथा वाचक साध्वी रश्मि ने कहा कि हमें भगवान के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। हमारे पौराणिक ग्रंथों में हजारों कहानियों के माध्यम से लोगों को चरित्र बनाए रखने का संदेश दिया गया है। फिर भी लोगों का चरित्र के प्रति संवेदनशील नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि जिनका चरित्र गिर जाता है उसका पतन हो जाता है। इसलिए मनुष्य को चरित्र की रक्षा करनी चाहिए।
आल्हा गायन
सांस्कृतिक पांडाल में रायबरेली से आए राजकुमार सिंह व उनकी टीम ने गुरुवार की रात आल्हा की तर्ज पर शंकर, पार्वती का विवाह का प्रसंग सुनाया। आल्हा सुनने के लिए यहां लोग रात भर डटे रहे।
फलाहारी भंडारा
शुक्रवार को एकादशी पर्व होने से क्षेत्र के भंडारों में कुटू आटा की पूड़ी व फलाहार, मिष्ठान वितरित किया गया। संत ठाकुरदास ने बताया कि एकादशी को चावल नहीं खाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में कथा भी सुनाई। उन्होेंने कहा कि एकादशी के दिन मरने वाले को सीधा स्वर्ग प्राप्त होता है।
यज्ञ करवाया
चरित्र निर्माण शिविर में शुक्रवार को यज्ञ का आयोजन किया गया। आचार्य प्रदीप शास्त्री ने यज्ञ संपन्न करवाया। इसके बाद लोगों को योग सिखाया गया। इस अवसर पर डा. हरिओम, डा. विजेंद्र, आचार्य चंद्रदेव शास्त्री, हरिओम शास्त्री, वरुण, राजकुमार, अर्जुन, बनवारी, अरविंद आर्य आदि मौजूद रहे।
59.60 करोड़ के ऋण वितरित
मेले में चल रहे पांच दिवसीय कृषि मेला एवं विकास प्रदर्शनी के दूसरे दिन शुक्रवार को सर्वप्रथम शहीद दिवस पर अफसरों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आयोजित ऋण शिविर में किसानों ने फसली ऋण आदि के बारे में बताया गया। परियोजना निदेशक डा. डीआर विश्वकर्मा ने स्वयं सहायता समूहों के बारे में बताया।
डीडीएम नावार्ड संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2015-16 के लिए 1200 करोड़ ऋण वितरण का लक्ष्य है। मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी एसएन शुक्ल ने लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रपत्र वितरित किए। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। मुख्य अतिथि ने बताया कि वृहद ऋण वितरण शिविर में 59 करोड़ 80 लाख 14 हजार का लोन विभिन्न योजनाओं के
तहत 3208 लोगों को वितरित किया गया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ डा. प्रणववीर सिंह और डा. आरएन सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जगदीशचंद्र कटियार ने किया।
इसमें कल्पवासी व गंगा स्नानार्थी भी शामिल रहे। वैष्णवों के भंडारे में फलाहारी व कुटू का ही सेवन किया गया। वहीं प्रशासनिक पांडाल में कृषि गोष्ठी एवं ऋण वितरण का आयोजन किया गया। मेला क्षेत्र में खिली धूप का आनंद लेते हुए लोगों ने मेले का लुत्फ उठाने के साथ जमकर खरीददारी भी की। यहां लगे सर्कस, जादू, झूलों पर जमकर भीड़ उमड़ी। खोया-पाया शिविर भी लगाया गया।
संतों ने निकाली शोभायात्रा
अखिल भारतीय पंच रामानंदी निर्मोही अनी अखाड़ा की ओर से शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इसमें विष्णु स्वामी, बल्लभाचार्य, निर्वामाचार्य, माधवाचार्य संप्रदाय के महंत नरायनदास, बालकदास, सतीशदास, गोपालदास, मनोहरदास, जगदीशदास, विष्णुदास, रामदास, लक्ष्मणदास, भरतदास, श्यामकिशोर दास समेत सैकड़ों वैष्णव भक्त शामिल रहे। शोभायात्रा प्रथम सीढ़ी से प्रारंभ होकर द्वितीय, तृतीय सीढ़ी होते हुए रामनगरिया क्षेत्र पहुंची। यहां लोगों ने शोभायात्रा में चल रहे साधुसंतों का मार्ल्यापण कर स्वागत किया। कासगंज बाबा आश्रम में संतों को फलाहार भंडारा कराया गया।
करतब दिखाते साधुसंत
शोभायात्रा के दौरान संतों ने तलवार बाजी, भालाबाजी, मुगदरबाजी समेत कई अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया। इस दौरान संतों ने तलवारबाजी के जौहर दिखाए। इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
चरित्र के प्रति रहें जागरूक
कथा वाचक साध्वी रश्मि ने कहा कि हमें भगवान के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। हमारे पौराणिक ग्रंथों में हजारों कहानियों के माध्यम से लोगों को चरित्र बनाए रखने का संदेश दिया गया है। फिर भी लोगों का चरित्र के प्रति संवेदनशील नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि जिनका चरित्र गिर जाता है उसका पतन हो जाता है। इसलिए मनुष्य को चरित्र की रक्षा करनी चाहिए।
आल्हा गायन
सांस्कृतिक पांडाल में रायबरेली से आए राजकुमार सिंह व उनकी टीम ने गुरुवार की रात आल्हा की तर्ज पर शंकर, पार्वती का विवाह का प्रसंग सुनाया। आल्हा सुनने के लिए यहां लोग रात भर डटे रहे।
फलाहारी भंडारा
शुक्रवार को एकादशी पर्व होने से क्षेत्र के भंडारों में कुटू आटा की पूड़ी व फलाहार, मिष्ठान वितरित किया गया। संत ठाकुरदास ने बताया कि एकादशी को चावल नहीं खाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में कथा भी सुनाई। उन्होेंने कहा कि एकादशी के दिन मरने वाले को सीधा स्वर्ग प्राप्त होता है।
यज्ञ करवाया
चरित्र निर्माण शिविर में शुक्रवार को यज्ञ का आयोजन किया गया। आचार्य प्रदीप शास्त्री ने यज्ञ संपन्न करवाया। इसके बाद लोगों को योग सिखाया गया। इस अवसर पर डा. हरिओम, डा. विजेंद्र, आचार्य चंद्रदेव शास्त्री, हरिओम शास्त्री, वरुण, राजकुमार, अर्जुन, बनवारी, अरविंद आर्य आदि मौजूद रहे।
59.60 करोड़ के ऋण वितरित
मेले में चल रहे पांच दिवसीय कृषि मेला एवं विकास प्रदर्शनी के दूसरे दिन शुक्रवार को सर्वप्रथम शहीद दिवस पर अफसरों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आयोजित ऋण शिविर में किसानों ने फसली ऋण आदि के बारे में बताया गया। परियोजना निदेशक डा. डीआर विश्वकर्मा ने स्वयं सहायता समूहों के बारे में बताया।
डीडीएम नावार्ड संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2015-16 के लिए 1200 करोड़ ऋण वितरण का लक्ष्य है। मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी एसएन शुक्ल ने लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रपत्र वितरित किए। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। मुख्य अतिथि ने बताया कि वृहद ऋण वितरण शिविर में 59 करोड़ 80 लाख 14 हजार का लोन विभिन्न योजनाओं के
तहत 3208 लोगों को वितरित किया गया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ डा. प्रणववीर सिंह और डा. आरएन सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जगदीशचंद्र कटियार ने किया।