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Farrukhabad News: ग्रामीणों ने तहसील में बंद किए अन्ना गोवंश
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अमृतपुर तहसील में ग्रामीणों ने बंद किए अन्ना गोवंश। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। डीएम के आदेश पर गोवंश न पकड़े जाने से गुस्साए किसानों ने सैकड़ों अन्ना गोवंशों को घेरकर तहसील में बंद कर दिया। इससे तहसील में कार्य का रहे अधिकारी और कर्मचारी परेशान रहे। एसडीएम की सूचना पर खंड विकास अधिकारी ने गोवंशों को गोशाला में भेजे जाने का काम शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता को संपूर्ण समाधान दिवस पर आवारा गोवंशों को पकड़ने के आदेश दिए थे। इस पर खंड विकास अधिकारी ने डीएम के आदेश को ताख पर रख दिया और गोवंश नहीं पकड़वाए। सर्दी में किसान रात-दिन खेतों में रहकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। इसके बाद भी किसान फसल को नहीं बचा पा रहे हैं।
दो दिन पूर्व बीडीओ ने गांव नगला हूंसा में एक ग्रामीण के यहां बंधे पांच गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भिजवाया गया। आवारा गोवंशों को नहीं पकड़वाए जाने से ग्रामीण नाराज थे। इस पर खेतों से गोवंशों को घेर कर तहसील परिसर में बंद कर दिया। ग्रामीणों के गुस्से को भांपते हुए एसडीएम कार्यालय से बाहर नहीं निकले।
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वहीं, नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार पाल कुर्सी पर बैठ कर नजारा देखते रहे। ग्रामीणों को चौकी प्रभारी अमित शर्मा ने समझने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गांव भावन, गुड़ेरा, चपरा, रुलापुर, हीरा नगर, पिथनापुर, हुसैनपुर, नगला हूसा, वलीपट्टी आदि गांव के ग्रामीण गोवंशों को लेकर आए। एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी को फोन कर गोवंशों को गोशाला में भेजने का आदेश दिया। खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने तहसील में पहुंच कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सभी गोवंश गोशाला में भेजे जाएंगे।
थानाध्यक्ष संत कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि गोवंशों को गोशाला में भिजवाएं। तहसील से निकल जाने दो लेकिन ग्रामीणों ने बात नहीं सुनी। इस पर थानाध्यक्ष ने मुकदमा लिखने को धमकी दी तो ग्रामीण उग्र हो गए। थानाध्यक्ष से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। इस पर उग्र ग्रामीणों ने तहसील का गेट बंद कर दिया। ग्रामीण तहसील के अंदर और बाहर जाने वाले कर्मचारी, वकील के लिए गेट खोल देते। उसके बाद गेट बंद कर दिया जाता।
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जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता को संपूर्ण समाधान दिवस पर आवारा गोवंशों को पकड़ने के आदेश दिए थे। इस पर खंड विकास अधिकारी ने डीएम के आदेश को ताख पर रख दिया और गोवंश नहीं पकड़वाए। सर्दी में किसान रात-दिन खेतों में रहकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। इसके बाद भी किसान फसल को नहीं बचा पा रहे हैं।
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दो दिन पूर्व बीडीओ ने गांव नगला हूंसा में एक ग्रामीण के यहां बंधे पांच गोवंशों को पकड़वाकर गोशाला भिजवाया गया। आवारा गोवंशों को नहीं पकड़वाए जाने से ग्रामीण नाराज थे। इस पर खेतों से गोवंशों को घेर कर तहसील परिसर में बंद कर दिया। ग्रामीणों के गुस्से को भांपते हुए एसडीएम कार्यालय से बाहर नहीं निकले।
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वहीं, नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार पाल कुर्सी पर बैठ कर नजारा देखते रहे। ग्रामीणों को चौकी प्रभारी अमित शर्मा ने समझने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गांव भावन, गुड़ेरा, चपरा, रुलापुर, हीरा नगर, पिथनापुर, हुसैनपुर, नगला हूसा, वलीपट्टी आदि गांव के ग्रामीण गोवंशों को लेकर आए। एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी को फोन कर गोवंशों को गोशाला में भेजने का आदेश दिया। खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने तहसील में पहुंच कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सभी गोवंश गोशाला में भेजे जाएंगे।
थानाध्यक्ष संत कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि गोवंशों को गोशाला में भिजवाएं। तहसील से निकल जाने दो लेकिन ग्रामीणों ने बात नहीं सुनी। इस पर थानाध्यक्ष ने मुकदमा लिखने को धमकी दी तो ग्रामीण उग्र हो गए। थानाध्यक्ष से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। इस पर उग्र ग्रामीणों ने तहसील का गेट बंद कर दिया। ग्रामीण तहसील के अंदर और बाहर जाने वाले कर्मचारी, वकील के लिए गेट खोल देते। उसके बाद गेट बंद कर दिया जाता।

अमृतपुर तहसील में ग्रामीणों को अंदर जाने से रोकती पुलिस। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD