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शहर में जाम और जर्जर रोड पर नाखुश दिखे लोग

Mon, 22 Nov 2021 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 12:06 AM IST
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Unhappy on the jam and dilapidated road in the city
अमर उजाला के चुनावी रथ सत्ता के संग्राम में रोडवेज बस स्टैंड पर चाय पर चर्चा कार्यक्रम में व्यापा - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। अमर उजाला के चुनावी रथ सत्ता का संग्राम में दोपहर में गुनगुनी धूप में चाय पर चर्चा हुई। चाय की चुस्की के साथ लोगोें ने विकास पर खूलकर अपनी बात रखी। जर्जर सड़कों और जाम की समस्या पर नाराजगी दिखी किंतु युवाओं ने विकास कार्यों पर संतोष जताया। कहा काफी कुछ अच्छा हुआ है अभी और बदलने की जरूरत है।
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रोडवेज बस स्टैंड पर चाय की दुकान के सामने चाय पर चर्चा के दौरान व्यापारी संजय गर्ग ने कहा कि शहर जाम से जूझ रहा है। चौराहे संकरे हैं। विकास के नाम पर शहर में कुछ भी तो नहीं हुआ। रिटायर्ड बैंक अधिकारी आलोक रायजादा ने कहा कि सरकार ने विशेष काम नहीं किया। सीवर लाइन न होने से बारिश में जलभराव से कई मोहल्ले जलमग्न होते हैं। किसी नेता ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। युवा राजेश कुमार ने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिला। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए था। सौरभ मिश्रा ने कहा कि लोग चाहते हैं कि जाम से मुक्ति भी मिले और अतिक्रमण अभियान में उनके भवन भी न टूटें, यह संभव नहीं हैं। सड़कों पर भवन, दुकानें बने हैं। उन्हें तोड़कर ही शहर को सुंदर बनाया जा सकता है।
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हर्षवर्धन आईआईटी के छात्र हैं। कहते हैं कि सरकार के काम से काफी प्रभावित हैं, मगर स्थानीय नेताओं ने कुछ नहीं किया। अरविंद दीक्षित भी खासे नाखुश दिखे। कहा कि क्या किया सरकार ने। केंद्र सरकार शानदार काम कर रही है। युवा रौनक कहते हैं कि शहर, गांव में सफाई इस सरकार में काफी ज्यादा हुई है। बीएससी के छात्र रितिक बेरोजगारी को लेकर खासे नाखुश दिखे। कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी दे। तभी समाज में बदलाव संभव है।
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चार विधायक, एक सांसद, काम धेला नहीं
तिकोना चौके पास रहने वाले ज्ञान प्रकाश पाठक ने कहा कि जिले की जनता ने चार विधायक और एक सांसद दिया। इन्होंने जिले को दिया क्या है। एक काम गिना दें। दो ओवरब्रिज सालों से बन रहे हैं। अभी तक पूरे नहीं हुए। ठंडी सड़क पर ओवरब्रिज बनना चाहिए, वह स्वीकृत नहीं करा पाए। जिले की सीमा में मोहम्मदाबाद की ओर जाने वाली सड़क इतनी खराब है कि बसें एक घंटे में 10 किमी दूरी तय करती हैं। सीमीवर्ती जिलों के सभी जिले शानदार हैं।

हाईवे न होने से उद्योग हो गए चौपट
हरिओम श्रीवास्तव ने कहा कि जिले से 40 किमी क्षेत्र में कोई हाईवे नहीं है। एक गंगा एक्सप्रेस वे निकलने वाला था वह भी बड़े नेता अपने जिलों में ले गए। हाईवे के अभाव में कुटीर, लघु उद्योग भी चौपट हैं। आलू प्रमुख खेती है। चिप्स फैक्टरी लगने की बात कही गई थी, मगर सिर्फ चुनावी स्टंट बनकर रह गई। नेताओं को इस ओर ध्यान देना ही होगा। हां कुल मिलाकर सरकार को न अच्छा कह सकते और न बुरा।
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