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Farrukhabad News: काम में देरी से चालू न हो सके 11 करोड़ के दो उपकेंद्र
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फर्रुखाबाद। शहर में 11 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दो उपकेंद्र निर्धारित समय निकलने के बाद भी चालू नहीं हो सके। काम में देरी व लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को गर्मी में फाल्ट के झटके झेलने पड़े। अब एनओसी का पेंच बताया जा रहा है।
शहर में ओवरलोडिंग कम करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 11 करोड़ रुपये की लागत से दो उपकेंद्रों का निर्माण कराया गया। सेंट्रल जेल व जसमई में बनाए गए उपकेंद्रों को जून में चालू करने के आदेश थे। इसके तीन माह बाद भी यह उपकेंद्र चालू नहीं हो सके। इससे गर्मी व बरसात में उपभोक्ताओं को लोकल फाल्ट व ओवरलोडिंग झेलनी पड़ी।
सेंट्रल जेल का उपकेंद्र चालू होने पर न्यू भोलेपुर उपकेंद्र का लोड बंटेगा। वहीं जसमई का उपकेंद्र चालू होने से पुराना जसमई व ठंडी सड़क उपकेंद्र की ओवरलोडिंग कम होगी। उपकेंद्रों का निर्माण करा रहे सेकेंडरी वर्क्स के अवर अभियंता लक्ष्मीकांत उत्तम ने बताया कि सेंट्रल जेल का उपकेंद्र तैयार है। 132 केवी ट्रांसमिशन की वीसीबी में दिक्कत होने से चालू नहीं हो पा रहा है।
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वहीं, जसमई उपकेंद्र के पांच फीडरों में तीन फीडर तैयार हो गए हैं। दो फीडर बनाने का काम चल रहा है। काम में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्टोर से सामग्री भी समय से नहीं मिल सकी। इससे निर्माण में देरी हुई। पांच दिन पूर्व उन्होंने विद्युत सुरक्षा निदेशालय से एनओसी लेने के लिए आवेदन भी कर दिया है। दो-चार दिन में एनओसी भी मिल जाएगी। शीघ्र ही दोनों उपकेंद्र चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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शहर में ओवरलोडिंग कम करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 11 करोड़ रुपये की लागत से दो उपकेंद्रों का निर्माण कराया गया। सेंट्रल जेल व जसमई में बनाए गए उपकेंद्रों को जून में चालू करने के आदेश थे। इसके तीन माह बाद भी यह उपकेंद्र चालू नहीं हो सके। इससे गर्मी व बरसात में उपभोक्ताओं को लोकल फाल्ट व ओवरलोडिंग झेलनी पड़ी।
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सेंट्रल जेल का उपकेंद्र चालू होने पर न्यू भोलेपुर उपकेंद्र का लोड बंटेगा। वहीं जसमई का उपकेंद्र चालू होने से पुराना जसमई व ठंडी सड़क उपकेंद्र की ओवरलोडिंग कम होगी। उपकेंद्रों का निर्माण करा रहे सेकेंडरी वर्क्स के अवर अभियंता लक्ष्मीकांत उत्तम ने बताया कि सेंट्रल जेल का उपकेंद्र तैयार है। 132 केवी ट्रांसमिशन की वीसीबी में दिक्कत होने से चालू नहीं हो पा रहा है।
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वहीं, जसमई उपकेंद्र के पांच फीडरों में तीन फीडर तैयार हो गए हैं। दो फीडर बनाने का काम चल रहा है। काम में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्टोर से सामग्री भी समय से नहीं मिल सकी। इससे निर्माण में देरी हुई। पांच दिन पूर्व उन्होंने विद्युत सुरक्षा निदेशालय से एनओसी लेने के लिए आवेदन भी कर दिया है। दो-चार दिन में एनओसी भी मिल जाएगी। शीघ्र ही दोनों उपकेंद्र चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।