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बुआई से लेकर खड़ी फसलों पर ‘संकट’ की बारिश, किसान परेशान
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गांव मानिकपुर में खेत में पड़ी बाजार की फसल को देख दुखी बैठा किसान। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। बारिश से किसान परेशान हैं। आलू की बुआई न हो पाने से कच्ची फसल की उम्मीद कम रह गई है। वहीं खेतों में मौजूद फसलें भी बिछ रहीं है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
पिछले माह हुई बारिश से आलू की अगैती फसल की बुुआई के लिए खेत वैसे भी देरी से तैयार हो सके। पिछले तीन से हो रही बारिश ने तो बुआई पर ग्रहण ही लगा दिया। जनपद में शुक्रवार को औसतन बारिश 3.43 मिमी रिकॉर्ड की गई।
जबकि शनिवार को औसतन वर्षा 12.37 मिमी हुई। कायमगंज तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा 18.6 मिमी, अमृतपुर में 15.80 मिमी व सदर क्षेत्र में तीन मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश के साथ चली तेज हवा से धान, मक्का व बाजरा की फसलें खेत में बिछ गई हैं।
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वहीं खेतों में पानी भरने से आलू, सरसों, मटर आदि की बुआई 15 से 20 दिन नहीं हो पाएगी। तक आलू की अगैती फसल बोने का समय निकल जाएगा।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात हर तरफ से बर्बाद कर रही है। एक ओर फसल बोने का मौका नहीं मिल रहा, दूसरी ओर खेतों में तैयार खड़ी मक्का, धान, बाजरा आदि फसलें घर तक पहुंचना मुश्किल है।
खेतों में फसल गिरने की धान काला पड़ने की आशंका है। उत्पादन भी प्रभावित होगा।
मोहम्मदाबाद। बारिश के साथ हवा चलने से क्षेत्र में बाजरे की तैयार फसल खेत में ही बिछ गई हैं। कुछ किसान तो बाजरा की फसल काटकर खेत में ही लगा रखी थी।
इसमें भी नुकसान होना तय है। किसानों का कहना है कि खेत में फसल बिछने से बाजरा जम सकता है। वहीं खेत में कटी पड़ी पड़ी बाजरे की फसल को तिरपाल से ढककर बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान दिनेश बताते हैं कि यदि दो-तीन दिन मौसम साफ न हुआ तो बाजरा ढके-ढके भी खराब हो सकता है। बोई गई सरसों का जमाव भी कम होने की आशंका है।
बाजरा की फसल काटकर किसान आलू बोने की तैयारी में थे। बरसात से न तो आलू की बुआई हो पाई और बाजरा पर भी संकट है।
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पिछले माह हुई बारिश से आलू की अगैती फसल की बुुआई के लिए खेत वैसे भी देरी से तैयार हो सके। पिछले तीन से हो रही बारिश ने तो बुआई पर ग्रहण ही लगा दिया। जनपद में शुक्रवार को औसतन बारिश 3.43 मिमी रिकॉर्ड की गई।
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जबकि शनिवार को औसतन वर्षा 12.37 मिमी हुई। कायमगंज तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा 18.6 मिमी, अमृतपुर में 15.80 मिमी व सदर क्षेत्र में तीन मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश के साथ चली तेज हवा से धान, मक्का व बाजरा की फसलें खेत में बिछ गई हैं।
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वहीं खेतों में पानी भरने से आलू, सरसों, मटर आदि की बुआई 15 से 20 दिन नहीं हो पाएगी। तक आलू की अगैती फसल बोने का समय निकल जाएगा।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात हर तरफ से बर्बाद कर रही है। एक ओर फसल बोने का मौका नहीं मिल रहा, दूसरी ओर खेतों में तैयार खड़ी मक्का, धान, बाजरा आदि फसलें घर तक पहुंचना मुश्किल है।
खेतों में फसल गिरने की धान काला पड़ने की आशंका है। उत्पादन भी प्रभावित होगा।
मोहम्मदाबाद। बारिश के साथ हवा चलने से क्षेत्र में बाजरे की तैयार फसल खेत में ही बिछ गई हैं। कुछ किसान तो बाजरा की फसल काटकर खेत में ही लगा रखी थी।
इसमें भी नुकसान होना तय है। किसानों का कहना है कि खेत में फसल बिछने से बाजरा जम सकता है। वहीं खेत में कटी पड़ी पड़ी बाजरे की फसल को तिरपाल से ढककर बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान दिनेश बताते हैं कि यदि दो-तीन दिन मौसम साफ न हुआ तो बाजरा ढके-ढके भी खराब हो सकता है। बोई गई सरसों का जमाव भी कम होने की आशंका है।
बाजरा की फसल काटकर किसान आलू बोने की तैयारी में थे। बरसात से न तो आलू की बुआई हो पाई और बाजरा पर भी संकट है।