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बिजली कटौती से व्यापारी परेशान
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कायमगंज/शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। गांवों में बिजली संकट पैदा होने से कोल्ड स्टोरेज मालिक व अन्य छोटे-छोटे व्यापारी परेशान हैं। उनको काम करने के लिए अब जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे डीजल खर्च का भार पड़ रहा है। इससे व्यापारी परेशान हैं।
बिजली उत्पादन इकाइयों में कोयले का अभाव होने से प्रदेश में बिजली संकट पैदा हो गया है। इसका असर सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। गांवों में दी जाने वाली बिजली में छह से आठ घंटे की कटौती हो रही है। यह कटौती लगातार न होकर एक-एक, दो घंटे तक की जाती है। इसके अलावा लोकल फाल्ट से भी बिजली गुल हो जाती है। व्यापारियों के मुताबिक बिजली का बिल तो देते ही हैं, अब डीजल का खर्च भी बढ़ गया है। उत्पादों की लागत बढ़ गई है।
बोले लोग...
बाईपास रोड स्थित आरा मशीन मालिक माहिर खां ने कहा कि बिजली कटौती से गर्मी के साथ ही कारोबार पर भी असर पड़ा है। मशीन चलाने के लिए जेनरेटर का उपयोग करते हैं। डीजल के भी रोजाना दाम बढ़ रहे हैं।
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नई बस्ती रोड निवासी चक्की मालिक अमर सिंह ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। बिजली बार-बार जाने के कारण समय से गेहूं न पिसने पर ग्राहक नाराज होते हैं।
फैजबाग निवासी कोल्ड स्टोरेज मालिक श्रीपाल ने कहा कि पहले 18 से 20 घंटे बिजली मिलती थी। आठ दिन से 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण जेनरेटर चलवाना पड़ता है। इससे लागत बढ़ रही है।
फैजबाग निवासी हरिओम शर्मा ट्रैक्टर की ट्राली बनाते हैं। बताया कि बिजली कटौती से काम प्रभावित हो रहा है। कई आर्डर लगे हैं, लेकिन काम पूरा करके नहीं दे पा रहे हैं। कुछ लोगों ने आर्डर कैंसल कर दिए।
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बिजली उत्पादन इकाइयों में कोयले का अभाव होने से प्रदेश में बिजली संकट पैदा हो गया है। इसका असर सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। गांवों में दी जाने वाली बिजली में छह से आठ घंटे की कटौती हो रही है। यह कटौती लगातार न होकर एक-एक, दो घंटे तक की जाती है। इसके अलावा लोकल फाल्ट से भी बिजली गुल हो जाती है। व्यापारियों के मुताबिक बिजली का बिल तो देते ही हैं, अब डीजल का खर्च भी बढ़ गया है। उत्पादों की लागत बढ़ गई है।
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बोले लोग...
बाईपास रोड स्थित आरा मशीन मालिक माहिर खां ने कहा कि बिजली कटौती से गर्मी के साथ ही कारोबार पर भी असर पड़ा है। मशीन चलाने के लिए जेनरेटर का उपयोग करते हैं। डीजल के भी रोजाना दाम बढ़ रहे हैं।
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नई बस्ती रोड निवासी चक्की मालिक अमर सिंह ने बताया कि बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। बिजली बार-बार जाने के कारण समय से गेहूं न पिसने पर ग्राहक नाराज होते हैं।
फैजबाग निवासी कोल्ड स्टोरेज मालिक श्रीपाल ने कहा कि पहले 18 से 20 घंटे बिजली मिलती थी। आठ दिन से 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण जेनरेटर चलवाना पड़ता है। इससे लागत बढ़ रही है।
फैजबाग निवासी हरिओम शर्मा ट्रैक्टर की ट्राली बनाते हैं। बताया कि बिजली कटौती से काम प्रभावित हो रहा है। कई आर्डर लगे हैं, लेकिन काम पूरा करके नहीं दे पा रहे हैं। कुछ लोगों ने आर्डर कैंसल कर दिए।