{"_id":"62210423dd77b97678720adb","slug":"three-km-long-jam-caused-by-potato-laden-vehicles-farrukhabad-news-knp6836756161","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू की बढ़ी आवक से हाइवे तक तीन किमी लंबा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू की बढ़ी आवक से हाइवे तक तीन किमी लंबा जाम
विज्ञापन
इटावा बरेली हाईवे पर मसेनी चौराहा से पांचालघाट पुल के मार्ग पर लगा जाम। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में बड़ी संख्या में पहुंच रहे आलू लदे वाहनों से जाम लग रहा है। गुरुवार को मंडी गेट से सेंट्रल जेल चौराहे और इटावा-बरेली राजमार्ग पर मसेनी चौराहे तक जाम लग गया। यातायात बाधित होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, मंडी में आलू की तौल कम व आढ़तों से उठान तेजी से हो रही है।
सातनपुर मंडी में प्रतिदिन करीब 300 ट्रक आलू लेकर पहुंच रहे हैं। इससे जाम लग रहा है। आढ़तों पर आलू तौलने के बाद उठान हो पाना भी मुश्किल है। बुधवार को आढ़तियों ने किसानों से अपील की थी कि वह गुरुवार को मंडी में आलू न लाएं। बावजूद इसके बड़ी मात्रा में आलू पहुंच गया। इससे मंडी गेट से लेकर सेंट्रल जेल चौराहा व हाईवे पर करीब तीन किमी लंबी आलू भरे वाहनों की लाइन लगी रही।
मंडी में गड्ड आलू 651 रुपये से लेकर 801 रुपये प्रति क्विंटल बिका, जबकि छट्टा आलू 701 से 801 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। वहीं, सुपर छट्टा आलू 881 से 931 रुपये क्विंटल बिक्री हुई। करीब 300 ट्रक आलू की मंडी में आमद रही। आढ़तियों ने जाम खुलवाने के लिए खरीदे गए आलू की ट्रकों पर लोडिंग कराई। इसके साथ ही तौल भी चलती रही।
विज्ञापन
मंडी शुल्क वसूली में लापरवाही
कृषि कानून वापस होने के बाद से मंडी के बाहर होने वाले व्यापार पर भी मंडी शुल्क निर्धारित है। जबकि मंडी निरीक्षक पुराने ढर्रे पर ही अभी चल रहे हैं। मंडी के सामने पीसीएफ गोदाम परिसर में प्रतिदिन करीब 30 ट्रक आलू की तौल व लोडिंग होती है। आलू भरे ट्रक बिना गेटपास के ही जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी आलू की खरीद-फरोख्त भी बिना मंडी शुल्क के ही चल रही है।
आढ़तियों से सेटिंग के चलते मंडी निरीक्षक खुलेआम राजस्व को चूना लगवा रहे हैं। मंडी निरीक्षक शिवम सक्सेना ने बताया कि वह लगातार भ्रमण कर देख रहे हैं। गेटपास काटने की उनकी जिम्मेदारी है। बाहर तौला गया एक ट्रक आलू का उन्होंने गेट पास काटा है। धीरे-धीरे सख्ती की जा रही है।
विज्ञापन
सातनपुर मंडी में प्रतिदिन करीब 300 ट्रक आलू लेकर पहुंच रहे हैं। इससे जाम लग रहा है। आढ़तों पर आलू तौलने के बाद उठान हो पाना भी मुश्किल है। बुधवार को आढ़तियों ने किसानों से अपील की थी कि वह गुरुवार को मंडी में आलू न लाएं। बावजूद इसके बड़ी मात्रा में आलू पहुंच गया। इससे मंडी गेट से लेकर सेंट्रल जेल चौराहा व हाईवे पर करीब तीन किमी लंबी आलू भरे वाहनों की लाइन लगी रही।
विज्ञापन
मंडी में गड्ड आलू 651 रुपये से लेकर 801 रुपये प्रति क्विंटल बिका, जबकि छट्टा आलू 701 से 801 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। वहीं, सुपर छट्टा आलू 881 से 931 रुपये क्विंटल बिक्री हुई। करीब 300 ट्रक आलू की मंडी में आमद रही। आढ़तियों ने जाम खुलवाने के लिए खरीदे गए आलू की ट्रकों पर लोडिंग कराई। इसके साथ ही तौल भी चलती रही।
विज्ञापन
मंडी शुल्क वसूली में लापरवाही
कृषि कानून वापस होने के बाद से मंडी के बाहर होने वाले व्यापार पर भी मंडी शुल्क निर्धारित है। जबकि मंडी निरीक्षक पुराने ढर्रे पर ही अभी चल रहे हैं। मंडी के सामने पीसीएफ गोदाम परिसर में प्रतिदिन करीब 30 ट्रक आलू की तौल व लोडिंग होती है। आलू भरे ट्रक बिना गेटपास के ही जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी आलू की खरीद-फरोख्त भी बिना मंडी शुल्क के ही चल रही है।
आढ़तियों से सेटिंग के चलते मंडी निरीक्षक खुलेआम राजस्व को चूना लगवा रहे हैं। मंडी निरीक्षक शिवम सक्सेना ने बताया कि वह लगातार भ्रमण कर देख रहे हैं। गेटपास काटने की उनकी जिम्मेदारी है। बाहर तौला गया एक ट्रक आलू का उन्होंने गेट पास काटा है। धीरे-धीरे सख्ती की जा रही है।