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Farrukhabad News: महिला अस्पताल के सीएमएस समेत तीन डॉक्टर दोषी
Fri, 23 Jun 2023 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2023 01:12 AM IST
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के पीकू वार्ड में डॉक्टरों की लापरवाही से दो बच्चों के मरने के मामले में महिला अस्पताल के सीएमएस समेत तीन डॉक्टरों को दोषी माना गया है। हालांकि इस मामले की और अधिक बारीकी से जांच कराने के लिए सीएमओ ने एक अन्य कमेटी गठित कर दी है। टीम के डॉक्टरों ने कागजी पड़ताल के बाद संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं।
शहर के मोहल्ला अंडियाना निवासी रामतीर्थ के 8 माह के पुत्र कृष्ण व नेकपुर चौरासी की शिवानी की 4 माह की बेटी की मंगलवार रात इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। डीएम के संज्ञान लेने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद खुली। पुरुष अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव, सर्जन वहीदुल हक, कार्डियोलॉजिस्ट डा. मनोज पांडेय व मैटर्न नीलम की कमेटी बनाकर संबंधित डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज कराए थे। सीएमएस ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी। उसमें महिला अस्पताल के सीएमएस बालरोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश दुल्हानी, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सूद व डॉ. विवेक सक्सेना को दोषी माना गया है।
हालांकि सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो डिप्टी सीएमओ ओर एक एसीएमओ की जांच कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी के डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. प्रभात वर्मा व एसीएमओ डॉ. यूसी वर्मा गुरुवार दोपहर लोहिया पुरुष अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के लोहिया अस्पताल पहुंचने संबंधी रिकार्ड तलब किया। इमरजेंसी में कितने बजे भर्ती हुए, कितनी देर बाद कॉल लेकर कर्मचारी डॉ. कैलाश दुल्हानी के यहां गया।
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पीकू कर्मी ने बयान में कहा कि वह कॉल लेकर गए, मगर किवांड़ नहीं खुले। फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। पूरी जानकारी सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त को दी गई। उनके कहने पर डॉ. विवेक सक्सेना को भी फोन किया गया। मगर रिसीव नहीं हुआ। टीम ने करीब एक घंटे तक जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए। अब यह टीम भी अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।
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सीसीटीवी में कैद सच को नहीं देखते जिम्मेदार
लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी, पीकू, ओपीडी समेत अधिकांश स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अस्पताल में किन-किन लोगों की आवाजाही होती है। आसपास अस्पतालों से संबंधित लोग 24 घंटे में 10-10 बार अस्पताल में घुसते और निकलते देखे जा सकते हैं। इमरजेंसी में भी रात के वक्त बाहरी लोगों का जमावड़ा रहता है, मगर जिम्मेदार सीसीटीवी का सच देखने की जरूरत नहीं समझते। इसीलिए मरीजों का आर्थिक शोषण नहीं रुक रहा है।
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वर्जन...
पुरुष अस्पताल के सीएमएस की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जिसमें महिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों को दोषी बताया गया है। सीएमएस खुद बालरोग विशेषज्ञ हैं, फिर भी बच्चों को इलाज नहीं मिला। डीएम को इसकी भी लिखित जानकारी भेजेंगे। उन्होंने एक अलग कमेटी गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति करेंगे। -डॉ. अवनींद्र कुमार, सीएमओ, फर्रुखाबाद।
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शहर के मोहल्ला अंडियाना निवासी रामतीर्थ के 8 माह के पुत्र कृष्ण व नेकपुर चौरासी की शिवानी की 4 माह की बेटी की मंगलवार रात इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। डीएम के संज्ञान लेने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद खुली। पुरुष अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव, सर्जन वहीदुल हक, कार्डियोलॉजिस्ट डा. मनोज पांडेय व मैटर्न नीलम की कमेटी बनाकर संबंधित डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज कराए थे। सीएमएस ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी। उसमें महिला अस्पताल के सीएमएस बालरोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश दुल्हानी, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सूद व डॉ. विवेक सक्सेना को दोषी माना गया है।
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हालांकि सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो डिप्टी सीएमओ ओर एक एसीएमओ की जांच कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी के डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. प्रभात वर्मा व एसीएमओ डॉ. यूसी वर्मा गुरुवार दोपहर लोहिया पुरुष अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के लोहिया अस्पताल पहुंचने संबंधी रिकार्ड तलब किया। इमरजेंसी में कितने बजे भर्ती हुए, कितनी देर बाद कॉल लेकर कर्मचारी डॉ. कैलाश दुल्हानी के यहां गया।
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पीकू कर्मी ने बयान में कहा कि वह कॉल लेकर गए, मगर किवांड़ नहीं खुले। फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। पूरी जानकारी सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त को दी गई। उनके कहने पर डॉ. विवेक सक्सेना को भी फोन किया गया। मगर रिसीव नहीं हुआ। टीम ने करीब एक घंटे तक जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए। अब यह टीम भी अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।
सीसीटीवी में कैद सच को नहीं देखते जिम्मेदार
लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी, पीकू, ओपीडी समेत अधिकांश स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अस्पताल में किन-किन लोगों की आवाजाही होती है। आसपास अस्पतालों से संबंधित लोग 24 घंटे में 10-10 बार अस्पताल में घुसते और निकलते देखे जा सकते हैं। इमरजेंसी में भी रात के वक्त बाहरी लोगों का जमावड़ा रहता है, मगर जिम्मेदार सीसीटीवी का सच देखने की जरूरत नहीं समझते। इसीलिए मरीजों का आर्थिक शोषण नहीं रुक रहा है।
वर्जन...
पुरुष अस्पताल के सीएमएस की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जिसमें महिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों को दोषी बताया गया है। सीएमएस खुद बालरोग विशेषज्ञ हैं, फिर भी बच्चों को इलाज नहीं मिला। डीएम को इसकी भी लिखित जानकारी भेजेंगे। उन्होंने एक अलग कमेटी गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति करेंगे। -डॉ. अवनींद्र कुमार, सीएमओ, फर्रुखाबाद।